एक अप्रैल से लागू होने वाले नए वित्तीय बदलाव: इनकम टैक्स और रेलवे नियमों में परिवर्तन
सारांश
Key Takeaways
- नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल से लागू होगा।
- 12 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री होगी।
- टिकट कैंसिलेशन के नए नियम 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे।
- पैन आवेदन के लिए अब आधार के अलावा अन्य दस्तावेज भी चाहिए।
- फॉर्म 16 और 16ए का परिवर्तन होगा।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नया वित्त वर्ष शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। हर नए वित्त वर्ष के साथ कुछ नए बदलाव होते हैं, जो आपकी जेब पर असर डालते हैं। इस लेख में हम आपको उन बदलावों के बारे में बताने जा रहे हैं।
नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 एक अप्रैल से पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। इस कानून के तहत सरकार का उद्देश्य इनकम टैक्स से जुड़े नियमों और शब्दावली को सरल बनाना है।
नए इनकम टैक्स में असेसमेंट ईयर जैसे शब्दों को हटा दिया गया है, और अब इसकी जगह टैक्स ईयर का उपयोग किया जाएगा।
नए वित्त वर्ष के साथ, न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स छूट प्राप्त होगी। यदि आपकी आय 12 लाख रुपए तक है, तो सेक्शन 87ए के तहत आपकी सम्पूर्ण आय टैक्स फ्री हो जाएगी।
फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए को एक अप्रैल से फॉर्म 130 और फॉर्म 131 से बदल दिया जाएगा। कर संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और कर दाखिल करने में स्पष्टता लाने के लिए इन फॉर्मों की समयसीमा में संशोधन किया जा सकता है।
अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पैन आवेदन के लिए जन्मतिथि का प्रमाण केवल आधार कार्ड से नहीं, बल्कि कक्षा 10 का प्रमाणपत्र और पासपोर्ट जैसे अन्य दस्तावेज़ों से मांगेगा।
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन से संबंधित नियमों में बदलाव किया है। ये नए नियम 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे।
यदि रेलवे टिकट को ट्रेन के चलने से 8 से 24 घंटे के बीच रद्द किया जाता है, तो कुल टिकट की कीमत का 50 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। यदि टिकट को ट्रेन के चलने के 24 से 72 घंटे के बीच रद्द किया जाता है, तो कुल टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत रिफंड मिलेगा।
अगर टिकट को ट्रेन के चलने के 72 घंटे से अधिक पहले रद्द किया जाता है, तो अधिकतम कैंसिलेशन शुल्क लागू होगा, लेकिन पूर्ण टैक्स रिफंड नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में रिफंड भारतीय रेलवे के नियमों और शर्तों पर निर्भर करेगा, जो समय-समय पर बदलते रहते हैं।