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पीएफआरडीए ने बैंक ऑफ बड़ौदा को पेंशन फंड प्रायोजक नियुक्त किया, दूसरा सरकारी बैंक बना

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पीएफआरडीए ने बैंक ऑफ बड़ौदा को पेंशन फंड प्रायोजक नियुक्त किया, दूसरा सरकारी बैंक बना

सारांश

बैंक ऑफ बड़ौदा को पीएफआरडीए ने पेंशन फंड प्रायोजक का दर्जा दिया — यह क्षेत्र में आने वाला दूसरा सरकारी बैंक है। साथ में भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की सुविधा शुरू हुई, जो सेवानिवृत्ति बचत को आम नागरिकों के करीब लाने की दिशा में ठोस कदम है।

मुख्य बातें

पीएफआरडीए ने 1 अक्टूबर 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा को पेंशन फंड प्रायोजक का नियुक्ति प्रमाणपत्र सौंपा।
बैंक ऑफ बड़ौदा पेंशन फंड क्षेत्र में प्रवेश करने वाला दूसरा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बना।
प्रमाणपत्र वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने एमडी एवं सीईओ देबदत्त चांद को प्रदान किया।
जुलाई 2026 में पीएफआरडीए ने बैंक ऑफ बड़ौदा, मोतीलाल ओसवाल एएमसी और बजाज को संशोधित दिशानिर्देशों के तहत प्रायोजक के रूप में मंजूरी दी थी।
बैंक ने भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की कागजरहित सुविधा भी उपलब्ध कराई।

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने बैंक ऑफ बड़ौदा को आधिकारिक तौर पर पेंशन फंड प्रायोजक के रूप में मान्यता दे दी है। 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम में नियुक्ति प्रमाणपत्र सौंपे जाने के साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा पेंशन फंड क्षेत्र में प्रवेश करने वाला दूसरा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन गया है। यह कदम देश में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

नियुक्ति प्रमाणपत्र का विवरण

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ देबदत्त चांद को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस. रमण और एनपीएस ट्रस्ट के चेयरपर्सन दिनेश कुमार खारा भी उपस्थित रहे।

पीएफआरडीए अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत यह नियुक्ति बैंक ऑफ बड़ौदा को पेंशन फंड प्रायोजित करने का अधिकार देती है। इसके अंतर्गत बैंक एनपीएस के तहत सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों की योजनाओं की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने में सक्षम होगा।

पृष्ठभूमि और मंजूरी की प्रक्रिया

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में पीएफआरडीए ने संशोधित दिशानिर्देशों के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा, मोतीलाल ओसवाल एएमसी और बजाज को पेंशन फंड प्रायोजक के रूप में सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। अब औपचारिक नियुक्ति प्रमाणपत्र मिलने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब पीएफआरडीए पेंशन फंड प्रबंधकों और प्रायोजकों का दायरा बढ़ाकर पेंशन इकोसिस्टम को व्यापक बनाने और एनपीएस में अधिक-से-अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की सुविधा

डिजिटल पहुँच को बेहतर बनाने की एक समानांतर पहल के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा ने भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की सुविधा उपलब्ध कराई है। यह कदम सुविधा के दूसरे चरण के विस्तार का हिस्सा है।

इस एकीकरण से उपयोगकर्ता भीम प्लेटफॉर्म के ज़रिए पूरी तरह कागजरहित और सरल प्रक्रिया से एनपीएस खाता खोल सकेंगे। एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम में तत्काल एनपीएस को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

पारदर्शिता और जागरूकता के लिए पहल

पीएफआरडीए ने पेंशन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एनपीएस की परिसंपत्तियों और अंशधारकों से संबंधित पेंशन फंड-वार तथा योजना-वार विस्तृत आँकड़े जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।

एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम में बैंकों, केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों, एनपीसीआई भीम सर्विसेज और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पेंशन कवरेज का विस्तार करने और नए अंशधारकों को एनपीएस से जोड़ने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के उपायों पर विमर्श हुआ।

आगे की राह

बैंक ऑफ बड़ौदा की इस नियुक्ति के साथ अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पेंशन फंड प्रबंधन में सीधी भागीदारी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे एनपीएस के तहत प्रबंधित परिसंपत्तियों में वृद्धि होगी और सेवानिवृत्ति बचत उत्पादों तक आम नागरिकों की पहुँच और सरल होगी। भारत में पेंशन कवरेज को लेकर जारी बहस के बीच यह कदम नियामकीय ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह होगी कि नए प्रायोजक वास्तव में निम्न-आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र तक पेंशन कवरेज पहुँचाने में कितने सफल होते हैं, जहाँ NPS की पहुँच अभी भी सीमित है। भीम ऐप के ज़रिए डिजिटल एनपीएस नामांकन सही दिशा में उठाया कदम है, लेकिन ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी के लिए डिजिटल साक्षरता की बाधा बनी रहती है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएफआरडीए ने बैंक ऑफ बड़ौदा को पेंशन फंड प्रायोजक क्यों नियुक्त किया?
पीएफआरडीए पेंशन इकोसिस्टम का दायरा बढ़ाने और एनपीएस में अधिक भागीदारी के लिए नए प्रायोजकों को जोड़ रहा है। जुलाई 2026 में संशोधित दिशानिर्देशों के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा को मंजूरी दी गई थी और 1 अक्टूबर 2026 को औपचारिक नियुक्ति प्रमाणपत्र सौंपा गया।
बैंक ऑफ बड़ौदा के पेंशन फंड प्रायोजक बनने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि बैंक ऑफ बड़ौदा अब पीएफआरडीए अधिनियम, 2013 के तहत पेंशन फंड प्रायोजित कर सकता है। यह फंड एनपीएस के तहत सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों की योजनाओं की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने में सक्षम होगा।
पेंशन फंड प्रायोजक बनने वाले अन्य संस्थान कौन हैं?
जुलाई 2026 में पीएफआरडीए ने संशोधित दिशानिर्देशों के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ-साथ मोतीलाल ओसवाल एएमसी और बजाज को भी पेंशन फंड प्रायोजक के रूप में मंजूरी दी थी।
भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की सुविधा क्या है?
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भीम ऐप पर तत्काल एनपीएस की सुविधा शुरू की है जिससे उपयोगकर्ता पूरी तरह कागजरहित प्रक्रिया के ज़रिए एनपीएस खाता खोल सकते हैं। यह सेवानिवृत्ति बचत उत्पादों तक डिजिटल पहुँच बढ़ाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम में कौन शामिल हुए?
1 अक्टूबर 2026 को आयोजित एनपीएस दिवस 2026 कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया, पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस. रमण, एनपीएस ट्रस्ट के चेयरपर्सन दिनेश कुमार खारा, बैंकों, केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों और एनपीसीआई भीम सर्विसेज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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