पीयूष गोयल 29 सितंबर से अमेरिका दौरे पर, जी20 व्यापार बैठक और भारत-अमेरिका BTA पर होगी अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर रवाना होंगे, जिसके तहत वह मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 28 सितंबर को यह जानकारी दी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के वैश्विक व्यापार और निवेश संबंधों को नई मज़बूती प्रदान करना बताया गया है।
जी20 व्यापार बैठक में भारत का रुख
30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मिल्वौकी में आयोजित होने वाली यह बैठक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के निमंत्रण पर बुलाई गई है, जिसमें जी20 देशों के व्यापार मंत्री वैश्विक व्यापार के प्रमुख मुद्दों और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। भारत इस मंच पर नियम-आधारित, खुली, समावेशी, पारदर्शी और भेदभावरहित वैश्विक व्यापार व्यवस्था की पुरज़ोर वकालत करेगा, जिसमें विश्व व्यापार संगठन (WTO) की केंद्रीय भूमिका अक्षुण्ण रहे। मंत्रालय के अनुसार, भारत विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत लचीलेपन को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी ज़ोर देगा।
भारत-अमेरिका BTA पर निर्णायक वार्ता
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर होने वाली चर्चा होगी। गोयल USTR के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में जारी वार्ता को आगे बढ़ाएंगे। उल्लेखनीय है कि दोनों देश 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बीच भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की कोशिशें तेज़ हुई हैं।
द्विपक्षीय बैठकें और उद्योग संवाद
जी20 सत्र के बाहर, गोयल कई देशों के समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इन चर्चाओं का केंद्र किसानों, मछुआरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए नए व्यापारिक अवसर सृजित करना होगा। मिल्वौकी और शिकागो में विनिर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं, कृषि व्यवसाय, रिटेल और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात प्रस्तावित है, जहाँ भारत में निवेश और विनिर्माण विस्तार पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अलावा उद्योग समूहों और स्टार्टअप्स के साथ गोलमेज बैठकों में वह भारत को एक उभरते वैश्विक विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद और श्रद्धांजलि
शिकागो प्रवास के दौरान गोयल गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और स्वामी विवेकानंद को भी श्रद्धासुमन चढ़ाएंगे — यह उसी ऐतिहासिक शहर में, जहाँ विवेकानंद ने 1893 में विश्व धर्म संसद को संबोधित किया था। वह भारतीय मूल के पेशेवर संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। यह संपूर्ण दौरा भारत की बहुआयामी कूटनीति — व्यापारिक, निवेश और सांस्कृतिक — का स्पष्ट प्रतिबिंब है।