क्या पीएम मोदी की 3 देशों की यात्रा से भारत का निर्यात पश्चिम एशिया और अफ्रीका में बढ़ेगा?

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क्या पीएम मोदी की 3 देशों की यात्रा से भारत का निर्यात पश्चिम एशिया और अफ्रीका में बढ़ेगा?

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा।
जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के साथ व्यापारिक संबंधों में मजबूती आएगी।
नए बाजारों में अवसर तलाशे जाएंगे।
फार्मास्युटिकल्स, वस्त्र और आईटी सेवाओं में संभावनाएं बढ़ेंगी।
2030 तक निर्यात बढ़कर 5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 15 से 18 दिसंबर तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान का दौरा भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगी। यह जानकारी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) ने शुक्रवार को साझा की।

फियो के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन ने कहा, "प्रधानमंत्री का यह तीन-देशों का दौरा भारत के पश्चिम एशिया और अफ्रीका के प्रमुख साझेदारों के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का एक संकेत है। इन देशों के साथ साझेदारी को गहरा करने से भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजारों तक पहुंच और दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।"

उन्होंने कहा कि जॉर्डन पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण गेटवे है। भारत का जॉर्डन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार अप्रैल से अगस्त 2025-26 तक 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें केवल 5 महीनों में लगभग 461 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ। इससे जॉर्डन के साथ आर्थिक बातचीत को मजबूत करने से भारतीय निर्यातकों के लिए फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, वस्त्र, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में व्यापार के अवसर बढ़ेंगे, और 2030 तक निर्यात 5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी 16-17 दिसंबर को इथियोपिया जाएंगे, जो अफ्रीका की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

फियो के प्रमुख ने बताया कि इथियोपिया अफ्रीका क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। इस दौरे से व्यापार, निवेश और विकास के साझेदारियों को और गहरा किया जाएगा। भारतीय निर्यातक, विशेषकर ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मास्युटिकल्स और शिक्षा सेवाओं में इथियोपिया के बढ़ते बाजार में बड़ी संभावनाएं देखते हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 550 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।

रल्हन ने आगे कहा कि ओमान भारत के सबसे विश्वसनीय आर्थिक साझेदारों में से एक रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का ओमान दौरा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रसद, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और एमएसएमई सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में अवसरों की तलाश का बेहतरीन मौका है।

-- राष्ट्र प्रेस

दुर्गेश बहादुर/एबीएस

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत की वैश्विक स्थिति को भी मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रयास देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है। हमें उम्मीद है कि ये पहल भारत और इन देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और बढ़ाएगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का यह दौरा कब है?
यह दौरा 15 से 18 दिसंबर तक होगा।
कौन से देशों का दौरा होगा?
यह दौरा जॉर्डन , इथियोपिया और ओमान का है।
इस दौरे का उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का उद्देश्य भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना और नए बाजारों में अवसर खोजना है।
फियो का इस दौरे के बारे में क्या कहना है?
फियो के अनुसार, यह दौरा भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
इथियोपिया के साथ व्यापार का क्या स्तर है?
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 550 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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