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क्विक कॉमर्स से भारत का पैकेज्ड फूड एंड बेवरेज मार्केट 2030 तक 150 अरब डॉलर होगा: रिपोर्ट

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क्विक कॉमर्स से भारत का पैकेज्ड फूड एंड बेवरेज मार्केट 2030 तक 150 अरब डॉलर होगा: रिपोर्ट

सारांश

भारत का पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट 2030 तक 50% बढ़कर 150 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। यह वृद्धि क्विक कॉमर्स के कारण होगी, जो उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है। जानें इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु।

मुख्य बातें

भारत का पैकेज्ड फूड मार्केट 2030 तक 150 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
क्विक कॉमर्स उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवा उपभोक्ता प्रोटीन और स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं।
तेज डिलीवरी सेवाएँ ऑन-डिमांड खपत को बढ़ावा दे रही हैं।
रेडी-टू-कुक सेगमेंट की मांग में वृद्धि हो रही है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत का पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट अगले चार वर्षों में 2030 तक लगभग 50 प्रतिशत बढ़कर लगभग 150 अरब डॉलर का हो जाएगा, जबकि वर्तमान में यह 100 अरब डॉलर के आसपास है। इस वृद्धि में क्विक कॉमर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आई है।

रेडसीर की रिपोर्ट में बताया गया है कि अकेले क्विक कॉमर्स सेगमेंट की सकल व्यापार मूल्य (जीएमवी) 4 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 25 बिलियन डॉलर से अधिक होने की संभावना है। इसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग है, जो गति, सुविधा और उच्च आवृत्ति वाले उपभोग पर केंद्रित है।

क्विक कॉमर्स अब केवल अंतिम क्षण में ऑर्डर पूरा करने वाले चैनल से कहीं अधिक विकसित हो चुका है और यह रोजमर्रा की खरीदारी की आदतों को तेजी से बदल रहा है।

250 से अधिक शहरों में 5 करोड़ से अधिक मासिक उपयोगकर्ताओं के साथ, पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 2030 तक लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 15-20 प्रतिशत होने की संभावना है।

रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर मृगांक गुटगुटिया ने कहा, "पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट में क्विक कॉमर्स एक संरचनात्मक शक्ति के रूप में उभर रहा है," और यह उत्पाद नवाचार, श्रेणी रणनीति और निवेश निर्णयों को प्रभावित कर रहा है।

रिपोर्ट में उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में आए बदलाव पर भी ध्यान दिया गया है, जिसमें युवा उपभोक्ता प्रोटीन उत्पादों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जबकि अन्य स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं।

छोटे परिवारों, समय की कमी और किचन उपकरणों के बढ़ते उपयोग के चलते रेडी-टू-कुक सेगमेंट की मांग बढ़ रही है।

विश्लेषण के अनुसार, 10-15 मिनट की तेज डिलीवरी से ऑन-डिमांड खपत में भी वृद्धि हो रही है।

स्वास्थ्य पर केंद्रित पेय पदार्थ, जिनमें प्रोटीन-आधारित पेय शामिल हैं, तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, साथ ही पैकेटबंद नारियल पानी की मांग भी बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे यह क्षेत्र और भी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनता जा रहा है। यह विकास न केवल व्यापार के लिए, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्विक कॉमर्स क्या है?
क्विक कॉमर्स एक तेज़ डिलीवरी सेवा है जो उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सामान जल्दी पहुँचाती है।
भारत का पैकेज्ड फूड मार्केट कब तक बढ़ेगा?
भारत का पैकेज्ड फूड और बेवरेज मार्केट 2030 तक लगभग 150 अरब डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
क्विक कॉमर्स का मार्केट में क्या योगदान है?
क्विक कॉमर्स का मार्केट में योगदान उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं और तेज डिलीवरी सेवाओं के कारण महत्वपूर्ण है।
कौन से उत्पादों की मांग बढ़ रही है?
प्रोटीन उत्पादों और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों की मांग बढ़ रही है।
रेडी-टू-कुक सेगमेंट की मांग क्यों बढ़ रही है?
छोटे परिवारों, समय की कमी और किचन उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण इस सेगमेंट की मांग में वृद्धि हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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