क्या उद्योग-समर्थित परियोजनाओं के लिए आरडीआई फंडिंग इस महीने के अंत तक शुरू होगी?
सारांश
Key Takeaways
- उद्योग-समर्थित परियोजनाओं के लिए आरडीआई फंडिंग शुरू होने जा रही है।
- यह फंडिंग हाई-रिस्क रिसर्च को प्रोत्साहित करेगी।
- सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान इस फंडिंग के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उद्योग-समर्थित परियोजनाओं के लिए रिसर्च डेवलपमेंट इनोवेशन (आरडीआई) फंडिंग इस महीने के अंत तक आरंभ होने जा रही है। फंडिंग कार्यक्रम अब कार्यान्वयन के चरण में पहुँच चुका है, और सार्वजनिक क्षेत्र के दो संस्थान इस फंडिंग के लिए तैयार हैं। यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोमवार को दी।
मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में आरडीआई फंड योजना की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।
बैठक में, डॉ. जितेंद्र सिंह को आरडीआई योजना की प्रगति के बारे में बताया गया, जिसे पिछले वर्ष 1 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी और 3 नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा इसके कार्यान्वयन से संबंधित दिशा-निर्देशों, आवेदन आमंत्रित करने की सूचना और एक समर्पित डिजिटल पोर्टल के शुभारंभ के साथ औपचारिक रूप से शुरू किया गया था।
मंत्रालय ने आगे कहा कि अधिकारियों ने डॉ. जितेंद्र सिंह को बताया कि इस योजना का उद्देश्य हाई-रिस्क, हाई-इम्पैक्ट रिसर्च का समर्थन करना और प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप और उद्योग जगत के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
साथ ही, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और जैवप्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) को आरडीआई फंड के तहत पहले सेकंड-लेवल फंड मैनेजर (एसएलएफएम) के रूप में मंजूरी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुसंधान और विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करना आरडीआई फ्रेमवर्क का मूल उद्देश्य बना हुआ है। इस योजना का मकसद ट्रांसलेशनल रिसर्च को समर्थन करना और सार्वजनिक अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध बनाना है, जिससे वैज्ञानिक नतीजे अधिक प्रभावी ढंग से वाणिज्यिक और सामाजिक उपयोग की ओर बढ़ सकें।