3 अगस्त 2026
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फॉर्च्यून ग्लोबल 500: स्बरबैंक 64वें स्थान पर, दो वर्षों में 152 पायदान की छलांग; टेस्ला पीछे

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फॉर्च्यून ग्लोबल 500: स्बरबैंक 64वें स्थान पर, दो वर्षों में 152 पायदान की छलांग; टेस्ला पीछे

सारांश

पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूस के स्बरबैंक ने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 में दो वर्षों में 152 पायदान की छलांग लगाकर 64वाँ स्थान हासिल किया — आय 36.8% बढ़कर $135.1 अरब डॉलर पहुँची और टेस्ला को पीछे छोड़ा। भारत में भी बैंक की विस्तार योजनाएँ तेज़ हो रही हैं।

मुख्य बातें

स्बरबैंक ने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 में 64वाँ स्थान हासिल किया — पिछले दो वर्षों में 152 पायदान की छलांग।
बैंक की वार्षिक आय 36.8% बढ़कर $135.1 अरब डॉलर और मुनाफा 19.5% बढ़कर $20.4 अरब डॉलर रहा।
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला ( 116वाँ ) और नाइक ( 336वाँ ) स्बरबैंक से पीछे रहे।
इस वर्ष सूची में रूस की कुल 9 कंपनियाँ ; स्बरबैंक का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ।
ग्लोबल 500 कंपनियों का संयुक्त राजस्व $43.1 ट्रिलियन डॉलर ; संयुक्त मुनाफा $3.39 ट्रिलियन डॉलर — रैंकिंग इतिहास का सर्वाधिक।
स्बरबैंक नई दिल्ली में नया बिज़नेस सेंटर बना रहा है; घोषणा जून 2026 में सेंट पीटर्सबर्ग इकोनॉमिक फोरम में हुई।

स्बरबैंक ने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की ताज़ा रैंकिंग में 64वाँ स्थान हासिल किया है — पिछले दो वर्षों में 152 पायदान की उल्लेखनीय छलांग। रूस के इस सबसे बड़े बैंक की वार्षिक आय 36.8 प्रतिशत बढ़कर $135.1 अरब डॉलर पहुँच गई, जो इसकी वैश्विक रैंकिंग में इस तेज़ सुधार की मुख्य वजह बनी। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला (116वाँ स्थान) और स्पोर्ट्स ब्रांड नाइक (336वाँ स्थान) दोनों इस बार स्बरबैंक से पीछे रहे।

वित्तीय प्रदर्शन: आय और मुनाफे में तेज़ उछाल

फॉर्च्यून की वेबसाइट पर जारी आँकड़ों के अनुसार, स्बरबैंक का शुद्ध मुनाफा 19.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $20.4 अरब डॉलर रहा। वर्ष 2025 की तुलना में बैंक ने इस बार 38 अतिरिक्त स्थानों की बढ़त दर्ज की है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूसी बैंकिंग क्षेत्र ने घरेलू ऋण बाज़ार में मज़बूत पकड़ बनाए रखी है।

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की समग्र तस्वीर

इस वर्ष सूची में शीर्ष तीन स्थानों पर अमेरिका की वॉलमार्ट, अमेज़न और चीन की स्टेट ग्रिड काबिज़ रहीं। रैंकिंग में शामिल 500 कंपनियों का संयुक्त राजस्व $43.1 ट्रिलियन डॉलर रहा — पिछले वर्ष की तुलना में 3.2 प्रतिशत अधिक। इन कंपनियों ने मिलकर $3.39 ट्रिलियन डॉलर का कुल मुनाफा अर्जित किया, जो इस रैंकिंग के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक लाभ है। ये 500 कंपनियाँ दुनिया भर में लगभग 7.02 करोड़ लोगों को रोज़गार देती हैं और इनका संयुक्त राजस्व वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के एक-तिहाई से भी अधिक है। इस वर्ष सूची में रूस की कुल 9 कंपनियों को स्थान मिला, जिनमें स्बरबैंक का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।

स्बरबैंक: रूसी बैंकिंग की धुरी

स्बरबैंक रूसी बैंकिंग क्षेत्र की कुल परिसंपत्तियों के लगभग एक-तिहाई हिस्से का स्वामी है। यह देश की अर्थव्यवस्था को ऋण उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े संस्थानों में शामिल है और जमा बाज़ार (डिपॉज़िट मार्केट) में भी इसकी अग्रणी हिस्सेदारी है। गौरतलब है कि वैश्विक वित्तीय दबावों के बीच भी बैंक ने अपनी घरेलू स्थिति सुदृढ़ बनाए रखी है।

भारत में स्बरबैंक की मज़बूत उपस्थिति

भारत में स्बरबैंक पिछले 15 वर्षों से सक्रिय है। बैंक के कार्यालय नई दिल्ली और मुंबई में हैं, जबकि बेंगलुरु में उसका आईटी हब संचालित होता है। स्बरइंडिया एक पूर्ण स्थानीय बैंक के रूप में कॉर्पोरेट ग्राहकों को व्यापक बैंकिंग सेवाएँ देता है और भारतीय तथा रूसी कंपनियों के बीच कारोबारी सहयोग को मज़बूत करने में सक्रिय भूमिका निभाता है।

दिल्ली में नया बिज़नेस सेंटर: आगे की योजना

स्बरबैंक इस समय नई दिल्ली में एक आधुनिक ऑफिस सेंटर का निर्माण कर रहा है, जो भारत में रूसी कारोबारों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। इस परियोजना की जानकारी जून 2026 में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान बैंक के डिप्टी चेयरमैन अनातोली पोपोव ने दी थी। यह केंद्र बैंक की डिजिटल सेवाओं, तकनीकी समाधानों और नवाचारों को प्रदर्शित करने का मंच बनेगा, साथ ही यहाँ काम करने वाली कंपनियों को वित्तीय, कानूनी, कर (टैक्स), ऑडिट और क्रेडिट सुविधाओं का पूरा पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सावधानी से पढ़ना ज़रूरी है — यह उछाल आंशिक रूप से रूबल-आधारित घरेलू ऋण बाज़ार की ऊँची ब्याज दरों और सरकारी सहायता से पोषित है, न कि केवल परिचालन दक्षता से। पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच डॉलर-आधारित राजस्व में यह वृद्धि मुद्रा रूपांतरण और रिपोर्टिंग पद्धति के सवाल भी उठाती है। भारत में स्बरबैंक का विस्तार — दिल्ली बिज़नेस सेंटर सहित — भारत-रूस आर्थिक संबंधों की बदलती दिशा का संकेत है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 में स्बरबैंक की रैंकिंग क्या है?
स्बरबैंक ने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की ताज़ा सूची में 64वाँ स्थान हासिल किया है। पिछले दो वर्षों में बैंक ने 152 पायदान की छलांग लगाई है और 2025 की तुलना में 38 अतिरिक्त स्थानों की बढ़त दर्ज की है।
स्बरबैंक की आय और मुनाफे में कितनी वृद्धि हुई?
फॉर्च्यून के आँकड़ों के अनुसार, स्बरबैंक की वार्षिक आय 36.8 प्रतिशत बढ़कर $135.1 अरब डॉलर पहुँची। बैंक का शुद्ध मुनाफा 19.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $20.4 अरब डॉलर रहा।
स्बरबैंक ने टेस्ला को कैसे पीछे छोड़ा?
फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की इस सूची में स्बरबैंक 64वें स्थान पर रहा, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला 116वें स्थान पर रही। स्बरबैंक की मज़बूत राजस्व वृद्धि इस अंतर की मुख्य वजह रही।
भारत में स्बरबैंक की क्या उपस्थिति है?
स्बरबैंक भारत में पिछले 15 वर्षों से सक्रिय है। नई दिल्ली और मुंबई में इसके कार्यालय हैं और बेंगलुरु में आईटी हब संचालित है। स्बरइंडिया कॉर्पोरेट ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएँ देता है और भारत-रूस व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की शीर्ष कंपनियाँ कौन-सी हैं और इस वर्ष का संयुक्त राजस्व कितना रहा?
इस वर्ष शीर्ष तीन में अमेरिका की वॉलमार्ट, अमेज़न और चीन की स्टेट ग्रिड शामिल हैं। 500 कंपनियों का संयुक्त राजस्व $43.1 ट्रिलियन डॉलर रहा — पिछले वर्ष से 3.2 प्रतिशत अधिक — और संयुक्त मुनाफा $3.39 ट्रिलियन डॉलर, जो इस रैंकिंग के इतिहास का सर्वाधिक है।
राष्ट्र प्रेस
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