8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियों में अगले दो वर्षों में ग्रोथ देखने को मिलेगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियों में अगले दो वर्षों में ग्रोथ देखने को मिलेगी?

सारांश

क्या सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियों की एसेट अंडर मैनेजमेंट अगले दो वर्षों में 18-19 प्रतिशत तक बढ़ेगी? जानिए इस रिपोर्ट में क्या कहा गया है और इसके पीछे के कारण।

मुख्य बातें

सिक्योर्ड लोन में वृद्धि की संभावना है।
एनबीएफसी का एयूएम 18-19 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान।
दीर्घकालिक कारक होम लोन की मांग को समर्थन दे रहे हैं।
शहरीकरण और आयकर कटौती से उधार लेना आसान होगा।
प्रॉपर्टी लोन की वृद्धि धीमी होगी।

नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बैंकिंग क्षेत्र से भिन्न, सिक्योर्ड लोन प्रदान करने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में अगले दो वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई है।

क्रिसिल रेटिंग्स द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी का एयूएम चालू और अगले वित्त वर्ष में 18-19 प्रतिशत बढ़ने की आशंका है। पिछले वर्ष भी इन एनबीएफसी के एयूएम की वृद्धि दर 18.5 प्रतिशत रही थी।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी के तीन मुख्य व्यापार खंड हैं, जिनमें होम लोन, प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन और थोक लोन शामिल हैं।

होम लोन, जो कुल पोर्टफोलियो का लगभग 59 प्रतिशत है, इस वर्ष और अगले वर्ष 12-13 प्रतिशत की मध्यम वृद्धि की उम्मीद है, जो पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 14 प्रतिशत की वृद्धि से थोड़ा कम है।

प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन, जो कुल एयूएम में लगभग 32 प्रतिशत का योगदान देता है, होम लोन की तुलना में तेजी से बढ़ता रहेगा लेकिन उसकी गति पहले की तुलना में धीमी होगी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इसकी वृद्धि पिछले वर्ष के 32 प्रतिशत की तुलना में घटकर 27-29 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

थोक लोन सेगमेंट, जिसमें डेवलपर फंडिंग और लीज रेंटल डिस्काउंटिंग शामिल हैं, में वित्त वर्ष 2025 में मामूली सुधार देखने को मिलेगा। इस सेगमेंट में और तेजी आने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि होम लोन की मांग को समर्थन देने वाले दीर्घकालिक कारक मजबूत बने हुए हैं। भारत में अभी भी सिक्योर्ड लोन की पहुंच कम है और शहरीकरण बढ़ रहा है।

केंद्रीय बजट में हाल ही में घोषित आयकर कटौती से खर्च करने योग्य आय में और वृद्धि होगी, जिससे उधार लेना आसान हो जाएगा। साथ ही, निर्माण सामग्री और निर्माणाधीन घरों पर जीएसटी में कटौती से अफोर्डेबिलिटी में वृद्धि होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनबीएफसी का ग्रोथ संभावनाएं हमारे वित्तीय क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं। होम लोन और प्रॉपर्टी लोन की बढ़ती मांग हमें यह दर्शाती है कि भारतीय वित्तीय बाजार में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिक्योर्ड लोन क्या होता है?
सिक्योर्ड लोन, वह लोन होता है जिसमें उधारकर्ता को लोन के लिए एक संपत्ति गिरवी रखनी होती है।
एनबीएफसी क्या होती हैं?
एनबीएफसी, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां हैं जो बैंक की तरह वित्तीय सेवाएं प्रदान करती हैं लेकिन वे बैंक नहीं होतीं।
एयूएम का क्या मतलब है?
एयूएम का मतलब है एसेट अंडर मैनेजमेंट, जो किसी वित्तीय संस्थान द्वारा प्रबंधित कुल संपत्ति का माप है।
क्या सिक्योर्ड लोन लेना सुरक्षित है?
सिक्योर्ड लोन लेना अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है क्योंकि इसमें संपत्ति गिरवी होती है, लेकिन अगर आप लोन चुकाने में विफल रहते हैं तो संपत्ति खोने का जोखिम होता है।
क्या एनबीएफसी से लोन लेना आसान है?
एनबीएफसी से लोन लेना अक्सर आसान होता है, क्योंकि वे अधिक लचीले नियमों और प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले