भारतीय शेयर बाजार में तेजी: अमेरिका-ईरान वार्ताओं और अन्य कारणों से सेंसेक्स में 1,100 अंक की वृद्धि
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स में 1,086 अंक और निफ्टी में 347 अंक की वृद्धि।
- अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाएं।
- कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी।
- डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत।
- इंडिया विक्स में गिरावट।
मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी उछाल देखने को मिली। सुबह 11 बजे सेंसेक्स में 1,086 अंक या 1.41 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 77,933 और निफ्टी में 347 अंक या 1.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,189 पर पहुंच गया।
बाजार में व्यापक तेजी दिखाई दे रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1,112 अंक या 1.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,619 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 353 अंक या 2.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,115 पर था।
इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता फिर से शुरू होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि पिछले सप्ताहांत में समाप्त हुई वार्ता अगले दो दिनों में पाकिस्तान में फिर से शुरू हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि भी भारतीय शेयर बाजार में इस उछाल का एक कारण है। कच्चे तेल का दाम अब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.69 डॉलर प्रति बैरल और डब्लूटीआई क्रूड में 0.42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 91.66 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद से कच्चे तेल की कीमत में 15 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।
वैश्विक बाजारों में तेजी भी भारतीय शेयर बाजार की बढ़त का एक महत्वपूर्ण कारण है। सोल, टोक्यो, हांगकांग और जकार्ता के बाजार हरे निशान में थे। अमेरिका के बाजार भी मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।
डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती भी शेयर बाजार में तेजी का एक कारण है। अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 20 पैसे की मजबूती के साथ खुला था।
इसके अलावा, इंडिया विक्स में गिरावट भी शेयर बाजार में तेजी की एक वजह है। समाचार लिखने के समय यह 7.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18.87 पर था।