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क्या एसएंडपी ग्लोबल ने 10 भारतीय वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया?

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क्या एसएंडपी ग्लोबल ने 10 भारतीय वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया?

सारांश

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 10 प्रमुख भारतीय वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है। इस कदम का उद्देश्य भारत की सॉवरेन रेटिंग के सुधार के बाद भारतीय बैंकों की स्थिति को मजबूत करना है। जानें कौन से बैंक शामिल हैं और इसका प्रभाव क्या होगा।

मुख्य बातें

10 भारतीय वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट रेटिंग में सुधार हुआ है।
रेटिंग बीबीबी-/पॉजिटिव/ए-3 से बढ़कर बीबीबी/स्टेबल/ए-2 हो गई है।
यह भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार के बाद आया है।
आर्थिक विकास की गति फाइनेंस सेक्टर को लाभान्वित करेगी।
भारतीय बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने सात भारतीय बैंकों और तीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है।

वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने जिन बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा कैपिटल और एलएंडटी फाइनेंस का नाम शामिल है।

इन 10 वित्तीय संस्थानों की रेटिंग "बीबीबी-/पॉजिटिव/ए-3" से बढ़ाकर "बीबीबी/स्टेबल/ए-2" कर दी गई है।

यह कदम वैश्विक रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग बढ़ाने के बाद उठाया गया है। यह 18 वर्षों में एसएंडपी द्वारा देश का पहला सॉवरेन अपग्रेड है, इससे पहले 2007 में भारत को निवेश ग्रेड बीबीबी- में अपग्रेड किया गया था। मई 2024 में, एजेंसी ने भारत के लिए अपने आउटलुक को 'स्थिर' से 'पॉजिटिव' कर दिया था।

एसएंडपी ग्लोबल के अनुसार, भारत के वित्तीय संस्थानों को देश की मजबूत आर्थिक विकास गति का लाभ मिलता रहेगा। उसे उम्मीद है कि अगले 12-24 महीनों में भारतीय बैंक पर्याप्त परिसंपत्ति गुणवत्ता, अच्छी लाभप्रदता और बेहतर पूंजीकरण बनाए रखेंगे।

रेटिंग एजेंसी ने 10 वित्तीय संस्थानों की दीर्घकालिक जारीकर्ता क्रेडिट रेटिंग बढ़ाने के साथ-साथ, इनकी स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल (एसएसीपी) के अपने आकलन को भी संशोधित किया है।

एसएंडपी ने कहा कि कई भारतीय वित्तीय संस्थानों की रेटिंग भारत पर हमारी सॉवरेन रेटिंग द्वारा सीमित होती है। ऐसा देश में कार्यरत वित्तीय संस्थानों पर सॉवरेन रेटिंग के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव के कारण है।

गुरुवार को एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड और टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग को 'बीबीबी-' से बढ़ाकर 'बीबीबी' कर दिया था और आउटलुक को स्थिर बताया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अपग्रेड भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती है और भविष्य में और भी सुधार की संभावना है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएंडपी ग्लोबल क्या है?
एसएंडपी ग्लोबल एक प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसी है जो वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट रेटिंग प्रदान करती है।
कौन-कौन से बैंक और एनबीएफसी इस रेटिंग में शामिल हैं?
इसमें भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और बजाज फाइनेंस जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
क्रेडिट रेटिंग में सुधार का क्या असर होगा?
इससे बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और उन्हें और अधिक निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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