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क्या झारखंड में माओवादियों के ढेर होने से नक्सलमुक्त अभियान को मिली बड़ी सफलता?

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क्या झारखंड में माओवादियों के ढेर होने से नक्सलमुक्त अभियान को मिली बड़ी सफलता?

सारांश

झारखंड में सुरक्षाबलों की एक बड़ी सफलता में अमित शाह ने बताया कि एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी और 15 अन्य नक्सलियों का एन्काउंटर हुआ है। यह नक्सलमुक्त अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। नक्सलियों से विकास की मुख्यधारा में जुड़ने की अपील की गई है।

मुख्य बातें

नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई।
अमित शाह का नक्सलमुक्त अभियान के लिए नया संकल्प।
सुरक्षाबलों की संयुक्त ऑपरेशन सफलता।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में 1 करोड़ के कुख्यात इनामी नक्सली केंद्रीय समिति के सदस्य 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इससे नक्सलमुक्त अभियान को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा, आतंक और हथियारों की विचारधारा को छोड़कर विकास और विश्वास की मुख्यधारा में शामिल हों।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आज पश्चिमी सिंहभूम में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक संयुक्त ऑपरेशन में 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों का अब तक एनकाउंटर हुआ, जिससे नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेरी अपील है कि शेष बचे नक्सली हिंसा, आतंक और हथियारों की विचारधारा को छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हों।''

झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा और 15 नक्सली मारे गए। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

सीआरपीएफ के IG साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं।

इनमें से कई पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए ने लाखों रुपए के इनाम घोषित किए थे, और इन सभी के खिलाफ गंभीर नक्सली मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे। ये सभी नक्सली केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ झारखंड के कोल्हान इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे। अनल दा पर झारखंड में एक करोड़ और ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख का इनाम घोषित था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की ठोस कार्रवाई का उदाहरण है। नक्सलियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से देश में शांति और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नक्सलवाद खत्म हो जाएगा?
सरकार का लक्ष्य 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है, और हाल की घटनाएं इस दिशा में एक बड़ी सफलता हैं।
कौन थे अनल उर्फ पतिराम मांझी?
अनल उर्फ पतिराम मांझी एक कुख्यात नक्सली नेता था, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था।
राष्ट्र प्रेस
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