5 अक्टूबर 2026
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दीपिंदर गोयल का 'टेंपल' वियरेबल: पायलट फिटनेस से सेना तक, जानें क्या है विज़न

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दीपिंदर गोयल का 'टेंपल' वियरेबल: पायलट फिटनेस से सेना तक, जानें क्या है विज़न

सारांश

जोमैटो के दीपिंदर गोयल ने 'टेंपल' वियरेबल का विज़न स्वास्थ्य से आगे ले जाते हुए पायलट फिटनेस जाँच और सैन्य तत्परता तक विस्तारित किया। 'थॉट्स टू टेक्स्ट' पर शोध जारी है और 60 प्रतिभागियों के वैलिडेशन में ब्रेनफ्लो ने 0.91 तक का मज़बूत सहसंबंध दर्शाया।

मुख्य बातें

दीपिंदर गोयल ने 5 अक्टूबर 2026 को एक्स पर बताया कि 'टेंपल' डिवाइस पायलटों और वायुसेना की फिटनेस जाँच में उपयोगी हो सकता है।
डिवाइस की 'ब्रेनफ्लो' तकनीक ने 60 प्रतिभागियों के दूसरे वैलिडेशन अध्ययन में NIRS के साथ 0.84 से 0.91 तक का सहसंबंध दर्शाया।
गोयल की रिसर्च टीम 'थॉट्स टू टेक्स्ट' तकनीक पर काम कर रही है; इसे डिवाइस के तीसरे या चौथे संस्करण में शामिल किया जा सकता है।
'टेंपल' अभी आधिकारिक रूप से लॉन्च नहीं हुआ; फिलहाल मुख्य फोकस स्वास्थ्य निगरानी और शारीरिक संकेतों की ट्रैकिंग पर है।
आलोचकों ने सैन्य एवं विमानन संदर्भों में डेटा गोपनीयता और जैविक सूचना सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 5 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उपयोगकर्ताओं से बातचीत के दौरान खुलासा किया कि कंपनी का आगामी वियरेबल डिवाइस 'टेंपल' केवल स्वास्थ्य निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा — भविष्य में यह विमानन और सैन्य क्षेत्र में भी काम आ सकता है। गोयल के अनुसार, डिवाइस से प्राप्त रीयल टाइम शारीरिक और जैविक आंकड़े यह तय करने में सहायक हो सकते हैं कि कोई व्यक्ति किसी महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने के लिए कितना तत्पर और फिट है।

पायलट और वायुसेना में संभावित उपयोग

एक उपयोगकर्ता के सुझाव के जवाब में — कि 'टेंपल' रेस्टोरेंट मैनेजरों और शेफ के तनाव स्तर को समझने में उपयोगी हो सकता है — गोयल ने कहा कि इसकी संभावनाएं इससे कहीं अधिक व्यापक हैं। उन्होंने लिखा, "मैं निश्चित रूप से इसे पायलटों पर इस्तेमाल करना चाहूंगा ताकि यह जांचा जा सके कि वे उड़ान भरने के लिए फिट हैं या नहीं। इसी तरह वायुसेना में यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किसी विशेष दिन मिशन के लिए सबसे फिट व्यक्ति कौन है।"

गोयल का तर्क है कि जहाँ उच्च स्तर की एकाग्रता, त्वरित निर्णय क्षमता और शारीरिक मानसिक तत्परता अनिवार्य हो, वहाँ रीयल टाइम फिजियोलॉजिकल मॉनिटरिंग एक निर्णायक भूमिका निभा सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में विमानन सुरक्षा और सैन्य तत्परता की समीक्षा के लिए तकनीकी समाधानों की माँग बढ़ रही है।

'थॉट्स टू टेक्स्ट' तकनीक पर शोध

दीपिंदर गोयल ने 'टेंपल' का दीर्घकालिक विज़न भी साझा किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह डिवाइस भविष्य में किसी व्यक्ति की मंशा को समझकर अपने आप स्मार्टफोन पर कार्रवाइयाँ शुरू कर सकेगा, तो उन्होंने कहा कि इस अवधारणा पर पहले से काम चल रहा है। गोयल ने बताया, "हमारी एक रिसर्च टीम 'थॉट्स टू टेक्स्ट' तकनीक पर काम कर रही है, लेकिन इसे वास्तविकता बनने में अभी कुछ साल लग सकते हैं। शायद 'टेंपल' के तीसरे या चौथे संस्करण में यह संभव हो पाए।"

गौरतलब है कि 'थॉट्स टू टेक्स्ट' यानी विचारों को सीधे पाठ में परिवर्तित करने की तकनीक फिलहाल वैश्विक स्तर पर शोध के शुरुआती चरणों में है, और इसे व्यावसायिक उत्पाद में शामिल करना अभी भी एक जटिल चुनौती मानी जाती है।

'ब्रेनफ्लो' फीचर और वैलिडेशन अध्ययन

फिलहाल 'टेंपल' का मुख्य फोकस स्वास्थ्य निगरानी और शारीरिक संकेतों की ट्रैकिंग पर है। इसकी एक प्रमुख विशेषता 'ब्रेनफ्लो' है, जिसे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों की निरंतर निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।

गोयल ने बताया कि डिवाइस ने हाल ही में अपना दूसरा वैलिडेशन अध्ययन पूरा किया, जिसमें 60 प्रतिभागियों को तीन अलग अलग शारीरिक चुनौतियों से गुज़ारा गया। इस अध्ययन में ब्रेनफ्लो के परिणामों की तुलना टाइम डोमेन नियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (NIRS) तकनीक से की गई।

अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, ब्रेनफ्लो और NIRS द्वारा मापे गए मस्तिष्क रक्त आयतन परिवर्तनों के बीच 0.84 से 0.91 तक का मज़बूत सहसंबंध पाया गया — जो यह संकेत देता है कि डिवाइस मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों को काफी सटीकता से ट्रैक करने में सक्षम है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

जानकारों का मानना है कि वियरेबल तकनीक का सैन्य और विमानन उपयोग में प्रवेश एक बड़ा कदम होगा, लेकिन इसके लिए कड़े नियामकीय और सुरक्षा मानकों की ज़रूरत होगी। आलोचकों का कहना है कि डेटा गोपनीयता और जैविक सूचनाओं के दुरुपयोग के जोखिम को लेकर भी व्यापक विमर्श ज़रूरी है, विशेषकर संवेदनशील रक्षा संदर्भों में।

आगे क्या

'टेंपल' अभी आधिकारिक रूप से लॉन्च नहीं हुआ है और वर्तमान में शोध एवं वैलिडेशन के चरण में है। 'थॉट्स टू टेक्स्ट' जैसी उन्नत क्षमताओं को डिवाइस के तीसरे या चौथे संस्करण में शामिल किए जाने की संभावना बताई जा रही है। गोयल की इस घोषणा ने टेक्नोलॉजी और हेल्थटेक जगत में नई बहस छेड़ दी है — और यह देखना दिलचस्प होगा कि एक फूड टेक कंपनी से उभरी यह पहल वैश्विक वियरेबल बाज़ार में कितनी जगह बना पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक फूड डिलीवरी कंपनी का हेल्थटेक — और फिर डिफेंस टेक — में प्रवेश कई सवाल खड़े करता है। दूसरा वैलिडेशन अध्ययन आशाजनक है, पर 60 प्रतिभागियों का नमूना बड़े पैमाने पर रक्षा उपयोग के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता। जैविक डेटा को सैन्य संदर्भ में जोड़ने से नियामकीय और गोपनीयता की जटिलताएं उत्पन्न होंगी, जिन पर अभी तक कोई सार्वजनिक रोडमैप नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि 'थॉट्स टू टेक्स्ट' जैसी तकनीक वैश्विक स्तर पर अभी भी प्रयोगशाला अवस्था में है, और इसे व्यावसायिक उत्पाद में बदलना एक दीर्घकालिक और जोखिमपूर्ण यात्रा है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिंदर गोयल का 'टेंपल' वियरेबल डिवाइस क्या है?
'टेंपल' जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल द्वारा विकसित किया जा रहा एक वियरेबल डिवाइस है, जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और शारीरिक जैविक संकेतों की रीयल टाइम निगरानी करता है। इसकी प्रमुख विशेषता 'ब्रेनफ्लो' है, जो NIRS तकनीक से तुलनीय सटीकता दर्शाती है।
'टेंपल' पायलटों और सेना के लिए कैसे उपयोगी हो सकता है?
गोयल के अनुसार, डिवाइस से प्राप्त रीयल टाइम फिजियोलॉजिकल डेटा यह आकलन करने में मदद कर सकता है कि कोई पायलट उड़ान के लिए फिट है या नहीं, और वायुसेना में किसी विशेष दिन मिशन के लिए सबसे तत्पर व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है जहाँ उच्च एकाग्रता और त्वरित निर्णय क्षमता आवश्यक हो।
'टेंपल' का वैलिडेशन अध्ययन क्या कहता है?
डिवाइस ने हाल ही में अपना दूसरा वैलिडेशन अध्ययन पूरा किया, जिसमें 60 प्रतिभागियों पर तीन अलग अलग शारीरिक चुनौतियों के दौरान परीक्षण किया गया। 'ब्रेनफ्लो' और NIRS द्वारा मापे गए मस्तिष्क रक्त आयतन परिवर्तनों के बीच 0.84 से 0.91 का मज़बूत सहसंबंध पाया गया।
'थॉट्स टू टेक्स्ट' तकनीक कब तक उपलब्ध होगी?
गोयल ने स्वयं कहा है कि इस तकनीक को वास्तविकता बनने में अभी कुछ साल लग सकते हैं और संभवतः 'टेंपल' के तीसरे या चौथे संस्करण में यह शामिल हो पाए। फिलहाल यह शोध चरण में है और कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
'टेंपल' के सैन्य उपयोग पर क्या चिंताएँ हैं?
आलोचकों का कहना है कि जैविक डेटा को सैन्य और विमानन संदर्भ में जोड़ने से डेटा गोपनीयता और सूचना सुरक्षा के गंभीर सवाल उठते हैं। इसके साथ ही, 60 प्रतिभागियों पर आधारित वैलिडेशन को बड़े पैमाने के रक्षा उपयोग के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता और कड़े नियामकीय मानकों की आवश्यकता होगी।
राष्ट्र प्रेस
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