दीपिंदर गोयल बोले: टेंपल फिटनेस ट्रैकर है, मेडिकल डिवाइस नहीं; डॉक्टरों के सवालों पर दिया जवाब
सारांश
मुख्य बातें
इटरनल के पूर्व सीईओ और वियरएबल स्टार्टअप टेंपल के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 6 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि टेंपल एक फिटनेस ट्रैकर और वेलनेस डिवाइस है — न कि कोई मेडिकल उपकरण। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की एक सीरीज़ के माध्यम से दिया, जब हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सिरियाक एबी फिलिप्स सहित कई डॉक्टरों ने डिवाइस के वैज्ञानिक दावों पर गंभीर सवाल उठाए।
गोयल ने क्या कहा
गोयल ने एक्स पर पोस्ट की सीरीज़ में कहा कि जैसे ही यह डिवाइस ग्राहकों तक पहुँचेगी, वे खुद इसके दावों को परख सकेंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 14 दिन की रिटर्न पॉलिसी रखी है, जिसमें बिना किसी सवाल-जवाब के डिवाइस वापस की जा सकती है।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि टेंपल ने इस वियरएबल को विकसित करने में करीब 3 करोड़ डॉलर का निवेश किया है, जिसमें उनकी अपनी लगभग 2 करोड़ डॉलर की निजी पूंजी शामिल है। उनके अनुसार, इतने बड़े निवेश और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से यह दावा निराधार सिद्ध होता है कि यह कोई धोखाधड़ी वाला उत्पाद है।
गोयल ने स्वीकार किया कि टेंपल ने अभी तक अपने सभी पैमानों का क्लिनिकल सत्यापन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब यह सत्यापन उपलब्ध होगा, तो कंपनी इसे साझा करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी व्यक्तिगत साख इस बात से जुड़ी है कि उत्पाद के पीछे का विज्ञान सटीक हो।
डॉक्टरों की आपत्तियाँ
इस विवाद के केंद्र में हैं हेपेटोलॉजिस्ट (लिवर विशेषज्ञ) डॉ. सिरियाक एबी फिलिप्स, जिन्हें ऑनलाइन 'द लिवर डॉक' के नाम से जाना जाता है। फिलिप्स ने एक्स पर सार्वजनिक रूप से टेंपल के उन दावों पर सवाल उठाए हैं जिनके अनुसार डिवाइस 'सुपरफिशियल टेम्पोरल आर्टरी' के ज़रिए मस्तिष्क से जुड़े पैमानों को माप सकती है।
आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री और प्री-प्रिंट रिसर्च पेपर डिवाइस की क्षमताओं को पूरी तरह साबित नहीं करते। फिलिप्स ने आरोप लगाया कि कंपनी ने मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और अन्य जटिल पैमानों से जुड़े दावों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं दिए हैं।
व्यापक बहस: वेलनेस डिवाइस बनाम मेडिकल दावे
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस को जन्म दिया है — कि कंज्यूमर वेलनेस डिवाइस को स्वास्थ्य से जुड़े दावे करने से पहले किस स्तर के वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। यह ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में वियरएबल हेल्थ-टेक बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और नियामक ढाँचा अभी भी इस क्षेत्र के साथ कदम-ताल मिला रहा है।
गौरतलब है कि गोयल ने टेंपल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इटरनल के सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो इस परियोजना में उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आगे की राह
गोयल ने कहा कि टेंपल आगे भी अपने वैलिडेशन डेटा प्रकाशित करती रहेगी और कंपनी अपने वैज्ञानिक तरीकों पर कायम है। आलोचकों का कहना है कि स्वतंत्र 'पीयर-रिव्यू' यानी विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित शोध सामने आने के बाद ही ऐसे दावों को स्वीकार किया जाना चाहिए। डिवाइस के उपभोक्ताओं तक पहुँचने के बाद स्वतंत्र परीक्षण और नियामक जाँच की माँग तेज़ होने की संभावना है।