क्या यूपी सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं?
सारांश
Key Takeaways
- 4,675 प्रशासनिक सुधार निवेश प्रक्रिया को सरल बनाते हैं।
- निवेश मित्र प्लेटफॉर्म ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया है।
- निवेशकों की संतुष्टि दर 96.32% है।
- निवेश मित्र 3.0 में नई सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी।
- अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश को ‘उद्यम प्रदेश’ में बदलकर ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को पूरा करने में लगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं।
राज्य सरकार ने प्रशासनिक प्रणाली को और अधिक प्रभावी, तकनीकी दृष्टि से सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों को लागू किया है, जो सीधे तौर पर निवेशकों और उद्यमियों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। सरकार द्वारा किए गए 4,675 प्रशासनिक सुधार, 2,500 व्यावसायिक केंद्रित परिवर्तन और निवेश मित्र के माध्यम से सेवाओं का डिजिटलीकरण उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं को सरल और बिना रुकावट के बनाने में सहायक हो रहा है।
इसके साथ ही, इंटेंट फाइलिंग, लेटर ऑफ अप्रूवल और अन्य कई नियामक प्रक्रियाएं अब डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं। इससे निवेशकों को किसी भी भौतिक कठिनाई या दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सुधारात्मक दृष्टिकोण प्रदेश को देश के सबसे निवेशक अनुकूल राज्यों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। डिजिटल नवाचार, पारदर्शी निर्धारण प्रक्रिया और प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक संस्कृति ने प्रदेश को उद्योगों के लिए नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान की है।
निवेशकों को अनावश्यक सरकारी बाधाओं का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए हैं। 4,675 सुधारों के माध्यम से मंजूरी, पंजीकरण और अनुपालन से संबंधित जटिलताओं में प्रभावी कमी आई है। 2,500 व्यावसायिक केंद्रित सुधारों ने उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और समय और लागत की दृष्टि से अधिक व्यवहार्य बना दिया है। राज्य सरकार ने उपयोगकर्ता केंद्रित और भाषा आधारित प्रणालियों को भी प्रोत्साहित किया है, जिससे प्रक्रियाओं को समझना और पूरा करना निवेशकों के लिए और अधिक सुलभ हो गया है।
योगी सरकार की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में की पॉइंट इंडिकेटर्स (केपीआई) आधारित पदोन्नति और मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आवेदन प्रोसेसिंग की गति भी इसके परिणामस्वरूप बढ़ी है।
आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 625 आवेदन प्रोसेस किए गए थे, वहीं 2025-26 में आवेदन प्रोसेसिंग की संख्या बढ़कर 3,059 हो गई है। यह 389 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है। निवेशकों की संतुष्टि दर भी 96.32 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि यूपीसीडा की सेवाएं समयबद्ध और निवेशक अनुकूल हैं। यह परिवर्तन बताता है कि योगी सरकार की निवेशक केंद्रित नीतियां प्रशासनिक ढांचे में प्रभावकारी बदलाव ला रही हैं।
निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित निवेश मित्र ने प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सरल और पारदर्शी बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश में निवेश मित्र 2.0 कार्यान्वित है और जल्द ही निवेश मित्र 3.0 को लागू करने की दिशा में कार्य चल रहा है। उल्लेखनीय है कि निवेश मित्र पोर्टल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डैशबोर्ड पर कार्य करता है, जो रीयल टाइम डेटा विश्लेषण, विभिन्न रुझानों और निर्णयात्मक जानकारी को उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल में शिकायत निवारण की मजबूत प्रणाली है, जो व्हाट्सऐप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को निरंतर अपडेट भेजती है। कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म उपयोगकर्ता केंद्रित, गतिशील और भाषा अनुकूल है, जबकि केवाईए यानी नो योर अप्रूवल्स सुविधा निवेशकों को आवश्यक अनुमोदनों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से निवेशकों को जीआईएस आधारित लैंड बैंक और औद्योगिक भूखंडों की लाइव मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे भौतिक जांच की आवश्यकता समाप्त होगी और नोडल एजेंसियों के साथ पारदर्शी समन्वय सुनिश्चित होगा। वर्तमान में, निवेश मित्र के जरिए 43 से अधिक विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं, जिससे लाइसेंसिंग, अनुमोदन, प्रमाणन और अन्य सभी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो रही हैं।