वेली को ट्रांसपोर्ट-टूरिज्म मेगा हब बनाएगी सतीशन सरकार, सोलर बोट सर्विस से हुई शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित वेली टूरिस्ट विलेज को राज्य सरकार अब एक बहुआयामी ट्रांसपोर्ट और टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने बुधवार, 30 सितंबर को वेली से पार्वती पुथनार होते हुए कडिनमकुलम झील तक एक नई यात्री-सह-पर्यटन बोट सेवा का उद्घाटन किया, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पहली कड़ी है।
वेली की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति
तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रसिद्ध शंकुमुघम बीच के निकट स्थित वेली को एक अनूठा भौगोलिक लाभ प्राप्त है। कोचुवेली रेलवे स्टेशन की समीपता इसे हवाई, रेल, सड़क और जल परिवहन — चारों नेटवर्क को जोड़ने वाले प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करती है। परिवहन मंत्री जॉन के अनुसार, हवाई मार्ग से आने वाला कोई भी यात्री इसी क्षेत्र से शहर के अन्य परिवहन साधनों से सहजता से जुड़ सकता है।
नई सोलर बोट सर्विस: क्या है खास
उद्घाटित बोट सेवा में 24 सीटों वाली सोलर-पावर्ड बोट का उपयोग किया गया है, जो वेली और कडिनमकुलम के बीच लगभग 14 किलोमीटर की दूरी दो घंटे में तय करती है। यह सेवा महज एक नाव की सवारी नहीं है — इसका उद्देश्य एक सदियों पुराने जल मार्ग को दैनिक उपयोग में पुनर्जीवित करना और तटीय व बैकवाटर क्षेत्र में पर्यटन का नया अनुभव प्रदान करना है।
गौरतलब है कि इस जल मार्ग का ऐतिहासिक महत्व भी है — परिवहन मंत्री जॉन ने बताया कि यह मार्ग लगभग 202 वर्ष पूर्व रानी पार्वती बाई के शासनकाल में प्रारंभ किया गया था। एक ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन से जोड़ने का यह प्रयास इस परियोजना को और भी विशिष्ट बनाता है।
कोवलम से वर्कला तक टूरिज्म सर्किट की परिकल्पना
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने वेली के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, वेली कोवलम से वर्कला तक फैले पर्यटन सर्किट में एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बन सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल का पर्यटन विभाग राज्य के तटीय क्षेत्रों को एकीकृत सर्किट के रूप में प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रहा है।
जल मार्गों के संरक्षण पर जोर
मंत्री जॉन ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान केवल नए बुनियादी ढाँचे के निर्माण तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'सिर्फ नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना ही काफी नहीं है।' उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नहरें तभी साफ और कार्यशील रह सकती हैं जब उनका नियमित उपयोग हो। मौजूदा जल मार्गों के प्रभावी दोहन को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
आगे की राह
वेली को पूर्ण ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। नई बोट सेवा इस दिशा में पहला ठोस कदम है। आने वाले वर्षों में हवाई, रेल, सड़क और जल परिवहन के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। यदि यह परियोजना अपेक्षित गति पकड़ती है, तो वेली केरल के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान के साथ उभर सकता है।