वीओसी पोर्ट तूतीकोरिन में सोनोवाल ने लॉन्च किया पोर्टजीपीटी एप, गति शक्ति विश्वविद्यालय से MoU और केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (वीओसीपीए) की पाँच प्रमुख पहलों का एक साथ शुभारंभ किया। इन पहलों में पोर्टजीपीटी मोबाइल एप, गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन, आईआईएम कलकत्ता की केस स्टडी, स्थिरता रिपोर्ट 2026 और केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन शामिल रहा। यह कार्यक्रम विकसित भारत, मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के लक्ष्यों को गति देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
पोर्टजीपीटी: भारत का पहला जेनरेटिव AI पोर्ट एप
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में सबसे उल्लेखनीय कदम पोर्टजीपीटी मोबाइल एप का लॉन्च रहा। इसके साथ ही वीओसी पोर्ट भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह बन गया है जिसने जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI) आधारित प्लेटफॉर्म को मोबाइल एप के रूप में उपलब्ध कराया है। यह एप संचालन क्षमता बढ़ाने, ज्ञान प्रबंधन को सुदृढ़ करने और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को तेज करने में सहायक होगा। साथ ही यह बंदरगाह की डिजिटल ट्विन और स्मार्ट पोर्ट की दीर्घकालिक रणनीति को भी मजबूती प्रदान करेगा।
गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ MoU और IIM कलकत्ता की केस स्टडी
वीओसीपीए ने गति शक्ति विश्वविद्यालय, वडोदरा के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत शोध, नवाचार, कौशल विकास, लॉजिस्टिक्स शिक्षा और टिकाऊ बंदरगाह विकास के क्षेत्र में सहयोग को विस्तार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समुद्री लॉजिस्टिक्स और पोर्ट प्रबंधन के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की भी योजना है।
कार्यक्रम में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता (IIM कलकत्ता) की केस स्टडी 'द हाइड्रोजन पिवट: ऑर्केस्ट्रेटिंग द ग्रीन ट्रांजिशन एट वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी' भी जारी की गई। इस अध्ययन में बताया गया है कि किस प्रकार वीओसी पोर्ट नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और सतत समुद्री विकास के क्षेत्र में भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्थिरता रिपोर्ट 2026 और 'स्कोप-2 एमिशन फ्री' प्रमाणन
कार्यक्रम में वीओसीपीए की पहली व्यापक स्थिरता रिपोर्ट 'टुवर्ड्स ए ग्रीन मैरीटाइम फ्यूचर 2026' जारी की गई। इस रिपोर्ट में पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी और टिकाऊ बंदरगाह संचालन में हासिल उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया गया है। उल्लेखनीय है कि वीओसी पोर्ट को 'स्कोप-2 एमिशन फ्री पोर्ट' का प्रमाणन भी प्राप्त हो चुका है, जो स्वच्छ ऊर्जा और न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
वीओसी पोर्ट परिसर में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ
वीओसी पोर्ट परिसर में 2026-27 शैक्षणिक सत्र से केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत भी इस कार्यक्रम की एक प्रमुख उपलब्धि रही। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विद्या प्रवेश' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय विद्यालय संगठन की मंजूरी से स्थापित यह विद्यालय प्रारंभ में पोर्ट स्कूल परिसर से संचालित होगा और बंदरगाह कर्मचारियों, केंद्र सरकार के कर्मचारियों तथा स्थानीय समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण CBSE शिक्षा प्रदान करेगा।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की राह
सोनोवाल ने कहा कि वीओसी पोर्ट ने यह सिद्ध किया है कि स्पष्ट दृष्टि और सुदृढ़ योजना के साथ कोई भी प्रमुख बंदरगाह विकास की नई ऊँचाइयाँ छू सकता है। उन्होंने कहा कि गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ समझौता, पोर्टजीपीटी एप और केंद्रीय विद्यालय जैसी पहलें विकसित भारत और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के लक्ष्यों को और मजबूत करेंगी।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने कहा कि ये पहलें भारतीय बंदरगाहों को तकनीकी रूप से उन्नत, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और समाज से जुड़ा बनाने की मंत्रालय की सोच को दर्शाती हैं। वीओसी पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुशांत कुमार पुरोहित ने कहा कि गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी से समुद्री लॉजिस्टिक्स और कौशल विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह बहुआयामी पहल भारत के समुद्री क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।