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NSE सीईओ आशीष कुमार चौहान बोले — आधुनिक जीवनशैली में योग अनिवार्य, मानसिक-शारीरिक दोनों समस्याओं में राहत

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NSE सीईओ आशीष कुमार चौहान बोले — आधुनिक जीवनशैली में योग अनिवार्य, मानसिक-शारीरिक दोनों समस्याओं में राहत

सारांश

NSE के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने योग दिवस पर स्क्रीन-केंद्रित जीवनशैली में योग को अनिवार्य बताया। साथ ही NSE की DRHP ने खुलासा किया कि को-लोकेशन और डार्क फाइबर विवाद अभी अनसुलझे हैं और एक्सचेंज SEBI को ₹1,491.21 करोड़ देने का प्रस्ताव दे रहा है।

मुख्य बातें

NSE सीईओ आशीष कुमार चौहान ने 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आधुनिक जीवनशैली में योग को अनिवार्य बताया।
उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम बढ़ने से उपजी शारीरिक और मानसिक समस्याओं में योग प्रभावी राहत दे सकता है।
25-30 वर्ष की आयु से योग शुरू करने पर चौहान ने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया।
NSE की DRHP के अनुसार को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले अभी अनसुलझे हैं।
NSE ने SEBI के साथ विवाद निपटाने के लिए ₹1,491.21 करोड़ के भुगतान का प्रस्ताव दिया है।
ये मामले सर्वोच्च न्यायालय सहित कई कानूनी मंचों पर विचाराधीन हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और स्क्रीन-केंद्रित जीवनशैली में योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य हो गया है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि योग एकमात्र ऐसी विधा है जो बिना किसी बाहरी उपकरण के व्यक्ति को स्वस्थ और संतुलित रख सकती है।

योग दिवस का वैश्विक महत्व

चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित किया था। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया इस दिन को उत्साह के साथ मनाती है, जो इस बात का प्रमाण है कि योग के लाभ किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं हैं।

गौरतलब है कि पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 190 से अधिक देशों में मनाया जाने लगा है — यह भारत की सॉफ्ट पावर का एक उल्लेखनीय उदाहरण बन चुका है।

स्क्रीन टाइम और आधुनिक समस्याएँ

NSE प्रमुख ने कहा कि मौजूदा दौर में स्क्रीन का उपयोग तेज़ी से बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग घंटों तक स्क्रीन के सामने काम करते हैं। इससे आँखों पर दबाव, गर्दन व पीठ दर्द और मानसिक थकान जैसी समस्याएँ उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं से निपटने में योग प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

युवाओं को विशेष सलाह

चौहान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 25 से 30 वर्ष की आयु तक शरीर में आमतौर पर गंभीर समस्याएँ सामने नहीं आतीं, इसलिए इस उम्र में योग को नज़रअंदाज़ करना भविष्य में महँगा पड़ सकता है। उनके अनुसार, यदि शुरुआत से ही योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है।

NSE का IPO और कानूनी विवाद

योग दिवस की चर्चा के अलावा, NSE इन दिनों अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को लेकर भी चर्चा में है। एक्सचेंज की ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) हाल ही में सार्वजनिक हुई है, जिसमें कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं।

DRHP के 'आवश्यक कानूनी मामलों' वाले खंड के अनुसार, को-लोकेशन और डार्क फाइबर विवाद अभी भी अनसुलझे हैं। NSE ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ इन मामलों को निपटाने के लिए ₹1,491.21 करोड़ के भुगतान का प्रस्ताव दिया है। ये मामले सर्वोच्च न्यायालय, SEBI और अन्य कानूनी मंचों पर विचाराधीन हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब NSE का IPO बाज़ार में दीर्घप्रतीक्षित घटना मानी जा रही है और निवेशकों की नज़रें इन कानूनी पेचीदगियों के निपटारे पर टिकी हैं।

आगे क्या

NSE के IPO की आगे की राह काफी हद तक SEBI के साथ को-लोकेशन विवाद के निपटारे पर निर्भर करेगी। वहीं, आशीष कुमार चौहान का योग संदेश यह रेखांकित करता है कि वित्तीय जगत के शीर्ष अधिकारी भी अब समग्र स्वास्थ्य को कॉर्पोरेट संस्कृति का हिस्सा मानने लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े संदर्भ से अलग नहीं किया जा सकता जिसमें एक्सचेंज अपने IPO की तैयारी में है और DRHP में को-लोकेशन जैसे गंभीर विवादों का खुलासा हो रहा है। ₹1,491.21 करोड़ का SEBI निपटारा प्रस्ताव बताता है कि NSE का IPO सफर अभी भी कानूनी अनिश्चितताओं के साये में है। मुख्यधारा की कवरेज जहाँ योग संदेश पर केंद्रित रही, वहीं असली खबर यह है कि एक्सचेंज नियामकीय बाधाओं को पार किए बिना सार्वजनिक बाज़ार में उतरने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSE सीईओ आशीष कुमार चौहान ने योग दिवस पर क्या कहा?
चौहान ने 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते स्क्रीन टाइम को देखते हुए योग अनिवार्य हो गया है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से 25-30 वर्ष की आयु से ही योग अपनाने की सलाह दी।
विश्व योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से यह दिन 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।
NSE का को-लोकेशन विवाद क्या है और SEBI से इसका क्या संबंध है?
को-लोकेशन और डार्क फाइबर विवाद NSE पर लगे उन आरोपों से जुड़े हैं जिनमें कुछ ब्रोकर्स को ट्रेडिंग में अनुचित लाभ मिलने की बात कही गई थी। NSE ने SEBI के साथ इन मामलों को निपटाने के लिए ₹1,491.21 करोड़ के भुगतान का प्रस्ताव दिया है, और ये मामले सर्वोच्च न्यायालय सहित कई मंचों पर विचाराधीन हैं।
NSE के IPO पर इन कानूनी विवादों का क्या असर पड़ेगा?
NSE की DRHP में इन अनसुलझे मामलों का खुलासा निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। IPO की आगे की राह काफी हद तक SEBI और न्यायालयों के साथ इन विवादों के अंतिम निपटारे पर निर्भर करेगी।
योग स्क्रीन टाइम से होने वाली समस्याओं में कैसे मदद करता है?
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने से आँखों पर दबाव, गर्दन-पीठ दर्द और मानसिक थकान जैसी समस्याएँ होती हैं। NSE सीईओ चौहान के अनुसार, नियमित योग इन समस्याओं को कम करने और बिना किसी बाहरी उपकरण के शरीर को फिट रखने में सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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