12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में उत्साह, नेताओं ने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
21 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। पटना से लेकर मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सारण और रोहतास तक — नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक शांति तथा समग्र कल्याण का संदेश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मुजफ्फरपुर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में 'प्रधान सेवक' के रूप में शपथ लेने के बाद उसी वर्ष सितंबर में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन मिला, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
पटना में बिहार विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री प्रेम कुमार ने भाग लिया। विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान एवं योग सत्रों में हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों की प्रतिक्रिया
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि योग का प्रसार बिहार की धरती से ही हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से मुंगेर का उल्लेख करते हुए बताया कि आज भी दुनिया भर से लोग वहाँ योग सीखने आते हैं और इस ज्ञान को अपने देशों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुसार, योग नियमित अभ्यास से जीवन में खुशहाली आती है और अनेक बीमारियों से बचाव होता है।
भागलपुर में बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नागरिकों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी भी इसके लाभों से जुड़ सके।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
रोहतास जिले में सासाराम विधायक स्नेह लता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सरकारी और निजी संस्थानों में समान उत्साह के साथ मनाया गया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक — सभी आयु वर्ग के लोगों को नियमित योगाभ्यास करना चाहिए। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष शीला सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नेहरू पार्क में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की विधायक स्नेहलता कुशवाहा समेत कई लोगों ने योगाभ्यास किया।
सारण में विधान परिषद सदस्य इंजीनियर सच्चिदानंद राय ने एक अनूठी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ट्रंप, पुतिन, खामेनेई और नेतन्याहू जैसे विश्व नेता योग करें, तो युद्ध समाप्त हो सकते हैं — क्योंकि योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास में भी सहायक है।
सुरक्षा और प्रशासन की भागीदारी
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास की अपील करते हुए कहा कि योग बेहद लाभकारी और जीवन के लिए आवश्यक है। भागलपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा है और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से इसे वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें योग को शिक्षा प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति से जोड़ने की दिशा में सक्रिय हैं। मंत्री निशांत कुमार के प्रस्ताव पर यदि सरकारी निर्णय होता है, तो बिहार उन राज्यों में शामिल हो सकता है जो पाठ्यक्रम में योग को अनिवार्य करते हैं। गौरतलब है कि मुंगेर की वैश्विक पहचान पहले से ही योग शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित है, जो बिहार को इस क्षेत्र में एक विशेष स्थान देती है।