6 साल बाद भी 'पंचायत' का जादू कायम, मेकर्स ने साझा की यादें
सारांश
Key Takeaways
- पंचायत की कहानी गांव की सरलता और हास्य से भरी है।
- सीरीज ने 6 साल पूरे कर लिए हैं।
- अमेजन प्राइम ने पुरानी यादें साझा की हैं।
- हर किरदार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है।
- अब तक इसके चार सीजन आ चुके हैं।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हल्की-फुल्की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'पंचायत' ने अपनी पहली रिलीज के 6 साल पूरे कर लिए हैं। यह सीरीज, जो गांव की सादगी और हास्य से भरी है, सभी उम्र के दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही है।
सीरीज के 6 साल पूरे होने पर अमेजन प्राइम ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कुछ बीटीएस तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर साझा की। उन्होंने लिखा, "फुलेरा में 6 साल का सफर, और अब भी यहां से जाने का मन नहीं करता।"
इस सीरीज ने अपनी अद्भुत कहानी के माध्यम से हर तरह के दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। गांव की वास्तविकता, स्थानीय बोली, और हास्य की छोटी-छोटी घटनाएं दर्शकों को इतनी वास्तविक लगीं कि उन्होंने खुद को इससे जोड़ा हुआ महसूस किया।
सीरीज 'पंचायत' एक बेहद लोकप्रिय हिंदी कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज है, जिसे टीवीएफ के बैनर तले प्रस्तुत किया गया है।
कहानी एक युवा अभिषेक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कैट परीक्षा की तैयारी कर रहा है। नौकरी के बेहतर विकल्प न मिलने पर, वह गांव में सचिव की नौकरी करता है। धीरे-धीरे, वह प्रधान जी (रघुबीर यादव), मंजू देवी (नीना गुप्ता), और विकास के साथ गांव के माहौल में ढल जाता है।
कहानी में गांव की राजनीति, सामुदायिक संबंध और साधारण ग्रामीण जीवन को हास्य और यथार्थ के साथ दर्शाया गया है। इसमें 'भूतहा पेड़', 'चक्के वाली कुर्सी', और 'हमारा नेता कैसा हो' जैसे दिलचस्प एपिसोड्स शामिल हैं, जो गांव की रूढ़िवादिता और राजनीति को हास्य के साथ पेश करते हैं। अंततः, अभिषेक गांव के माहौल को समझने लगता है और प्रधान की बेटी रिंकी से मिलता है, जो कहानी में एक नया मोड़ लाती है।
साल 2020 में, इसके पहले सीजन ने बहुत लोकप्रियता हासिल की थी। खास बात यह है कि इस सीरीज के प्रत्येक किरदार ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। अमेजन पर स्ट्रीम होने के बाद अब तक इसके चार सीजन आ चुके हैं।