क्या अभिजीत घोषाल ने युवाओं के लिए 'क्लब मिक्स हनुमान चालीसा' लॉन्च की?
सारांश
Key Takeaways
- तेज रिदम और ऊर्जा वाला भजन
- भक्ति की मूल भावना को बरकरार रखा गया है
- आधुनिक संगीत तकनीक का उपयोग
- युवाओं के लिए अनुभव प्रदान करता है
- भक्ति को जीवंत और ताकतवर बनाता है
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज की युवा पीढ़ी तेज रिदम और ऊर्जा से भरे भजनों को पसंद करती है। वे ऐसे संगीत की तलाश में हैं, जो न केवल सुना जाए, बल्कि शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर भी अनुभव किया जाए। इस सोच के तहत प्रयागराज के प्रसिद्ध गायक अभिजीत घोषाल ने अपनी नई रचना 'क्लब मिक्स हनुमान चालीसा' को जारी किया है।
सारेगामापा फेम अभिजीत घोषाल ने पारंपरिक हनुमान चालीसा को एक आधुनिक और एनर्जेटिक तरीके से पेश किया है, जबकि उन्होंने भक्ति की मूल भावना को भी बरकरार रखा है।
उन्होंने कहा, "आज के युवा ऐसे भजनों की ओर आकर्षित होते हैं, जिनमें रिदम और ऊर्जा हो। वे भक्ति गीत सुनने के साथ-साथ गाना और महसूस करना भी पसंद करते हैं। जब संगीत उन्हें गहराई से छूता है, तो भक्ति उनके जीवन का हिस्सा बन जाती है।"
गायक ने यह भी बताया कि उनके लिए हनुमान चालीसा हमेशा से खास रही है। उन्होंने साझा किया, "मैं हनुमान चालीसा को ऐसा रूप देना चाहता था, जो आस्था का सम्मान करते हुए आज के तेज रफ्तार जीवन जीने वाले युवाओं से जुड़े। इसलिए हमने इसमें इलेक्ट्रॉनिक बीट्स, तेज टेम्पो और आधुनिक संगीत तकनीक का उपयोग किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "सच्ची भक्ति एक बार का अनुभव नहीं, बल्कि रोजाना का जुड़ाव है। जब युवा रोज ऐसे एनर्जेटिक भजन सुनते हैं और गाते हैं, तो भक्ति स्वाभाविक रूप से उनकी आदत बन जाती है। भक्ति का शांत होना जरूरी नहीं, बल्कि वह ताकतवर और जीवंत भी हो सकती है।"
इस भजन का संगीत जेसन मालू ने तैयार किया है। अजय कुमार सिंह ने स्वरत स्टूडियो में डबिंग, मिक्सिंग और मास्टरिंग की है। अभिजीत घोषाल ने स्वयं इसका अरेंजमेंट, कंपोजिशन और गायन किया है।
अभिजीत कहते हैं, "यह केवल संगीत नहीं है। यह एक अनुभव है। यहां रिदम और भक्ति का संगम है। ऊर्जा और आस्था एक साथ मिलती हैं और श्रोता मंत्र की शक्ति को सच में महसूस कर पाते हैं।"