अभिषेक बनर्जी बोले — नई जनरेशन अकेले भी खुश, शादी और बच्चे हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने 27 सितंबर 2026 को मुंबई में 'लस्ट स्टोरीज 3' के प्रमोशन के दौरान आधुनिक रिश्तों और बदलती सामाजिक सोच पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी अकेले रहने में पूरी तरह सहज है और खुद की कंपनी एन्जॉय करना उनके लिए किसी कमी की बात नहीं। 'स्त्री', 'पाताल लोक' और 'मिर्जापुर' जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स से पहचाने जाने वाले अभिषेक अपनी सीधी बात कहने के अंदाज़ के लिए भी जाने जाते हैं।
नई पीढ़ी और अकेलेपन का बदलता मतलब
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ''पहले के मुकाबले आज के युवा अकेले रहने को लेकर ज़्यादा सहज हैं। उन्हें अकेले समय बिताने, गेम खेलने और अपनी कंपनी एन्जॉय करने में कोई परेशानी नहीं होती। वे खुद से खुश हैं और यह एक अच्छी बात है।'' उनका यह नज़रिया उस व्यापक सामाजिक बदलाव की तरफ इशारा करता है, जिसमें युवा आत्मनिर्भरता और आत्म-प्रेम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में एकल परिवारों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और महानगरों में 'सोलो लिविंग' का चलन तेज़ हुआ है। अभिषेक ने जोड़ा, ''खुद के साथ खुश रहना आज की जनरेशन की बड़ी खूबी है। हर व्यक्ति के लिए शादी या किसी रिश्ते में रहना ही ज़िंदगी का एकमात्र रास्ता नहीं होता।''
शादी और बच्चे — इवोल्यूशन या इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन की देन?
अभिषेक बनर्जी ने शादी और बच्चे करने की परंपरागत अवधारणा पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसे शायद किसी ने शुरू किया कि आपको किसी से मिलना है, शादी करनी है, बच्चे करने हैं, उन्हें स्कूल भेजना है, नौकरी करनी है और फिर बच्चों की शादी करनी है। मुझे नहीं लगता कि यह इवोल्यूशन का हिस्सा है, बल्कि यह इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन का हिस्सा है।''
गौरतलब है कि यह बयान सामाजिक नज़रिए से काफी चर्चा पैदा कर सकता है, क्योंकि भारत में परिवार और विवाह की परंपरागत संरचना अभी भी समाज की बुनियाद मानी जाती है। हालाँकि, बड़े शहरों में युवाओं की सोच इस मामले में तेज़ी से बदल रही है।
दोस्तों के फ़ैसले और बदलता समाज
अभिनेता ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा, ''मेरे कई दोस्त ऐसे हैं, जिन्होंने बच्चे न करने का फ़ैसला लिया है। अब लोग अपनी ज़िंदगी को लेकर ऐसे फ़ैसले ज़्यादा खुलकर ले रहे हैं और यह बदलाव समाज में दिखाई भी दे रहा है।'' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह किसी एक विकल्प का प्रचार नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान है।
'लस्ट स्टोरीज 3' और वर्कफ्रंट
यह पूरी बातचीत नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी 'लस्ट स्टोरीज 3' के प्रमोशन के सिलसिले में हुई, जो 18 सितंबर 2026 को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हुई। इस एंथोलॉजी में चार शॉर्ट फ़िल्म सेगमेंट हैं, जिन्हें विक्रमादित्य मोटवानी, किरण राव, शकुन बत्रा और विशाल भारद्वाज ने निर्देशित किया है।
फ़िल्म में अभिषेक बनर्जी के साथ राधिका आप्टे, कोंकणा सेन शर्मा, विजय वर्मा, अली फ़ज़ल, राधिका मदान, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नज़र आए हैं। अभिषेक की यह टिप्पणियाँ 'लस्ट स्टोरीज 3' की थीम — आधुनिक रिश्ते और व्यक्तिगत स्वतंत्रता — से भी सीधे जुड़ती हैं, जो इस प्रमोशन को और प्रासंगिक बनाती हैं।