अक्षय कुमार: खिलाड़ी से कॉमेडी किंग बनने की यात्रा, जानें उनकी नई फिल्म के बारे में
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अक्षय कुमार एक लंबे अंतराल के बाद कॉमेडी फिल्म भूत बंगला के जरिए वापसी कर रहे हैं। इस बार वे और प्रियदर्शन की जोड़ी 19 अप्रैल को दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। फैंस और बॉक्स ऑफिस दोनों ही इस फिल्म से बहुत सारी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
इस जोड़ी की पहले की सफल फिल्मों का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, जिससे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।
अक्षय कुमार ने अपने करियर की शुरुआत एक्शन फिल्मों से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने कॉमेडी की ओर रुख किया। शुरुआती दिनों में, अक्षय को खिलाड़ी कुमार के नाम से जाना जाने लगा, जिसमें उन्होंने 'खिलाड़ी', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी' और 'सबसे बड़ा खिलाड़ी' जैसी हिट फ़िल्में दीं। इन फ़िल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित किया। ख़ास बात यह है कि वे पेशेवर कराटे और मार्शल आर्ट्स के प्रशिक्षक हैं और अपने दम पर खतरनाक एक्शन सीन फिल्माए हैं। ये फ़िल्में न केवल हिट रहीं, बल्कि शानदार कलेक्शन भी किया। इसी कारण उन्हें 90 के दशक में खिलाड़ी कुमार का खिताब मिला।
हालांकि, लगातार एक्शन फ़िल्में देने के बाद, अभिनेता गंभीर किरदारों में टाइपकास्ट होने लगे और उन्हें इसी तरह की फ़िल्में मिलने लगीं। अक्षय ने खुद भी कहा था कि वे एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें एक्शन फ़िल्मों के अलावा कुछ नहीं मिल रहा था। वर्ष 2000 में, उन्हें प्रियदर्शन की फ़िल्म हेरा फेरी का ऑफर मिला, जिसमें उन्हें श्याम का किरदार निभाना था, लेकिन उन्होंने राजू का किरदार निभाया। पहली कॉमेडी फ़िल्म में ही उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग, बॉडी लैंग्वेज, और संवादों से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया।
अभिनेता की हेरा-फेरी हिट रही, जिसके बाद उन्होंने 'फिर हेरा फेरी', 'वेलकम', 'मुझसे शादी करोगे', 'गरम मसाला', 'भूल भुलैया', 'भागम भाग', 'सिंह इज किंग', और 'हे बेबी' जैसी कई सफल कॉमेडी फ़िल्में कीं। इन सभी फ़िल्मों ने उन्हें कॉमेडी किंग के रूप में स्थापित किया। अब, वे एक लंबी अनुपस्थिति के बाद फिर से कॉमेडी में अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं। यह फ़िल्म उनकी करियर को पुनः पटरी पर ला सकती है, क्योंकि 2023 के बाद उनकी अधिकांश फ़िल्में या तो फ्लॉप रही हैं या औसत। उनकी 'केसरी चैप्टर 2', 'मिशन रानीगंज', 'सेल्फी', 'बड़े मियां छोटे मियां', और 'स्काई फोर्स' जैसी फ़िल्में असफल साबित हुईं।