23 जुलाई 2026
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छात्र आंदोलन पर आलिया भट्ट का समर्थन, कमल हासन बोले — 'जवाब की जगह लाठियाँ देना देश की विफलता'

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छात्र आंदोलन पर आलिया भट्ट का समर्थन, कमल हासन बोले — 'जवाब की जगह लाठियाँ देना देश की विफलता'

सारांश

परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में उठे छात्र आंदोलन को अब फिल्मी दुनिया का साथ मिला है। आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर भावुक समर्थन जताया, जबकि कमल हासन ने एक्स पर सीधे शब्दों में कहा — 'बच्चों को जवाब की जगह लाठियाँ देना देश की विफलता है।'

मुख्य बातें

आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर नोट साझा कर छात्रों के साहस और उनके सपनों का समर्थन किया।
कमल हासन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा — 'बच्चों को जवाब की जगह बैरिकेड और लाठियाँ मिलना देश की विफलता है।' देशभर में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
कमल हासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की।
मनोरंजन जगत की हस्तियों की प्रतिक्रियाओं से 23 जुलाई को यह मुद्दा सोशल मीडिया पर और व्यापक हो गया।

बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट और अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने देश में जारी छात्र आंदोलन पर खुलकर अपनी राय रखी है। परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में उठी छात्रों की आवाज़ को अब मनोरंजन जगत की प्रमुख हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है। 23 जुलाई को सामने आई इन प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को और व्यापक चर्चा में ला दिया है।

आलिया भट्ट का छात्रों के साथ

आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक नोट साझा करते हुए लिखा, 'पिछले कुछ दिनों ने मेरा दिल कई बार तोड़ा और फिर उम्मीद के साथ उसे जोड़ा। हर उस छात्र के पीछे एक सपना, परिवार की उम्मीद, वर्षों की मेहनत और त्याग की कहानी छिपी होती है।'

उन्होंने आगे लिखा, 'छात्र सिर्फ अपने लिए आवाज़ नहीं उठा रहे हैं, बल्कि वे उन लोगों की उम्मीदों का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिन्होंने उनका साथ दिया है। छात्रों का साहस समाज के सामने यह सवाल रखता है कि क्या हम वास्तव में उन लोगों की बात सुन रहे हैं, जो देश का भविष्य संभालने वाले हैं।'

कमल हासन की तीखी टिप्पणी

अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, 'हमें तब सुनना चाहिए था, जब एक बच्चा रोया था — लेकिन हमने तब तक इंतज़ार किया, जब तक बहुत सारे बच्चों की आवाज़ खामोश नहीं हो गई।'

हासन ने व्यवस्था पर और तीखा प्रहार करते हुए कहा, 'ऐसी व्यवस्था, जहाँ पढ़ाई और सीखने की जगह सिर्फ कोचिंग का दबाव बढ़ जाए, जहाँ जिज्ञासा की जगह डर पैदा हो और जहाँ योग्यता की जगह गलत तरीके आगे आने लगें, वह व्यवस्था कमज़ोर हो जाती है। जब बच्चों को जवाब देने की जगह बैरिकेड और लाठियाँ मिलती हैं, तो यह देश की विफलता है।'

वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील

कमल हासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने लिखा, 'वांगचुक जी, आने वाले समय के लिए देश को आपके विवेक की ज़रूरत होगी। कृपया अपना अनशन खत्म करें।' उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत के बच्चों, आप हमारे बीच के सबसे अच्छे इंसान हैं। आपने अपना कर्तव्य निभाया है। अब समय है कि देश आपके लिए अपना कर्तव्य निभाए। आपके सपने हमेशा हमारी कमियों से बड़े होने चाहिए।'

छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि देशभर में परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्र संगठन सड़कों पर उतरे हुए हैं। कई संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज़ हुआ है, जब शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे थे।

आगे क्या

मनोरंजन जगत की इन प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर और व्यापक बना दिया है। आलोचकों का कहना है कि जब तक व्यवस्थागत सुधार नहीं होते और जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक छात्रों का असंतोष कम होने की संभावना नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकेत है कि असंतोष मुख्यधारा तक पहुँच चुका है — लेकिन सेलिब्रिटी समर्थन अक्सर ध्यान खींचता है, नीति नहीं बदलता। कमल हासन की टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे एक सक्रिय दल के नेता हैं, न केवल अभिनेता — यह महज़ सहानुभूति नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सीधा आरोप है। असली सवाल यह है कि क्या यह सार्वजनिक दबाव केंद्र सरकार को परीक्षा सुधार पर ठोस कदम उठाने पर मजबूर करेगा, या यह भी उन वायरल क्षणों की सूची में शामिल हो जाएगा जो चर्चा तो खूब पाते हैं, बदलाव नहीं लाते।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आलिया भट्ट ने छात्र आंदोलन पर क्या कहा?
आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा कर छात्रों का समर्थन किया और लिखा कि छात्र सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जिन्होंने उनका साथ दिया है। उन्होंने समाज से सवाल किया कि क्या हम वाकई देश का भविष्य संभालने वाले युवाओं की बात सुन रहे हैं।
कमल हासन ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या टिप्पणी की?
कमल हासन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जहाँ जिज्ञासा की जगह डर और योग्यता की जगह गलत तरीके हावी हों, वह व्यवस्था कमज़ोर हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को जवाब की जगह बैरिकेड और लाठियाँ मिलना देश की विफलता है।
छात्र आंदोलन किस मुद्दे पर हो रहा है?
देशभर में परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। कई संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग भी कर रहे हैं।
कमल हासन ने सोनम वांगचुक से क्या अपील की?
कमल हासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की और कहा कि देश को आने वाले समय में उनके विवेक की ज़रूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों ने अपना कर्तव्य निभाया है, अब देश की बारी है।
क्या बॉलीवुड हस्तियों के समर्थन से छात्र आंदोलन को फर्क पड़ेगा?
आलोचकों का कहना है कि सेलिब्रिटी समर्थन मुद्दे को व्यापक जनता तक पहुँचाने में मददगार होता है, लेकिन नीतिगत बदलाव के लिए सरकार पर सीधा दबाव ज़रूरी है। कमल हासन की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वे एक सक्रिय राजनीतिक दल के नेता भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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