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NEET विरोध मार्च: पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा समेत बॉलीवुड सितारों ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज

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NEET विरोध मार्च: पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा समेत बॉलीवुड सितारों ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज

सारांश

NEET विरोध मार्च में कथित आंसू गैस और लाठीचार्ज की खबरों ने बॉलीवुड को भी हिला दिया। पूजा भट्ट ने सरकारी दमन पर सीधा सवाल उठाया, सोनाक्षी ने '20 जुलाई' को याद रखने की अपील की — फिल्म जगत की यह एकजुटता NEET विवाद को नई सार्वजनिक बहस में ले गई है।

मुख्य बातें

21 जुलाई को जंतर-मंतर मार्च के दौरान छात्रों पर कथित तौर पर आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरें सामने आईं।
पूजा भट्ट , सोनाक्षी सिन्हा , अदिति राव हैदरी और जेनेलिया देशमुख ने सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में पोस्ट किए।
प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर था।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन के दौरान सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़ी संख्या में समर्थक शामिल थे।

नई दिल्ली / मुंबई21 जुलाई को जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग की खबरों के बाद बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में मुखर होकर अपनी बात रखी। अभिनेत्री पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी और जेनेलिया देशमुख ने छात्रों की आवाज सुने जाने और उनकी चिंताओं का समाधान किए जाने की अपील की। यह प्रदर्शन नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग भी की। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन अनशन पर थे, जिन्हें बाद में दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उन्हें भर्ती कराया गया।

बॉलीवुड की प्रतिक्रिया

अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'जब पुलिस या कानून लागू करने वाली एजेंसियाँ छात्रों के खिलाफ आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल करती हैं, तो यह सरकार द्वारा खुद को बचाने जैसा होता है। इसके बाद इस हिंसा को 'कानून व्यवस्था' जैसे शब्दों के पीछे छिपाकर सही ठहराया जाता है, क्योंकि विरोध की आवाज को दबाने से सत्ता में बैठे लोगों का अधिकार सुरक्षित रहता है।'

सोनाक्षी सिन्हा ने संक्षिप्त लेकिन मर्मस्पर्शी शब्दों में लिखा, '20 जुलाई... बहुत लोगों की हड्डियाँ टूटीं और एक पूरे देश का दिल टूटा। याद रखना।'

अदिति राव हैदरी ने एक विस्तृत नोट साझा करते हुए लिखा, 'किसी की भी राजनीतिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन सबसे पहले इंसानियत को महत्व दिया जाना चाहिए। हमें अपने बहादुर छात्रों और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हर व्यक्ति के लिए सम्मान, गरिमा और संवेदनशीलता से भरा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना चाहिए। एक-दूसरे की बात सुनना ही सार्थक प्रगति की नींव है। हमारे छात्र ही हमारे देश का भविष्य हैं।'

जेनेलिया देशमुख ने भी छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए लिखा, 'हम अपने देश के युवाओं के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उनकी आवाज बिना किसी डर के, साफ और मजबूती से सुनी जानी चाहिए। युवा हमारे लोकतंत्र की धड़कन हैं और देश के भविष्य के असली निर्माता भी। आइए, उनकी बात सुनें, उनका साथ दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाएँ। जय हिंद।'

NEET विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोप लंबे समय से विवाद का केंद्र रहे हैं। छात्र संगठनों ने पारदर्शी जाँच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग उठाई है। यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षा नीति को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है।

आगे क्या

सोशल मीडिया पर फिल्म जगत की इन प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को व्यापक सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने और प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग के बाद यह देखना होगा कि सरकार छात्रों की माँगों पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ लाखों परिवारों का भविष्य इस एक परीक्षा पर टिका है। पूजा भट्ट जैसी अभिनेत्री का सीधे 'सत्ता की रक्षा' पर सवाल उठाना असाधारण है और यह दर्शाता है कि मुद्दा अब केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं रहा। हालाँकि, इन पोस्टों में किसी ने भी CJP की राजनीतिक भूमिका पर टिप्पणी नहीं की — यह चुप्पी भी उतनी ही बोलती है। असली सवाल यह है कि क्या यह सार्वजनिक दबाव सरकार को NEET सुधार पर ठोस कदम उठाने के लिए बाध्य करेगा, या यह भी कुछ दिनों की सोशल मीडिया लहर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बॉलीवुड सितारों ने किस मुद्दे पर छात्रों का समर्थन किया?
पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा और अन्य कलाकारों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर तक मार्च कर रहे छात्रों का समर्थन किया। इस मार्च के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरों के बाद ये प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
पूजा भट्ट ने छात्रों के समर्थन में क्या लिखा?
पूजा भट्ट ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि जब पुलिस छात्रों के खिलाफ आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल करती है, तो इसे 'कानून व्यवस्था' के नाम पर उचित ठहराया जाता है, जो दरअसल सत्ता में बैठे लोगों के अधिकार को सुरक्षित रखने का तरीका है। उन्होंने विरोध की आवाज दबाने की आलोचना की।
NEET विरोध प्रदर्शन में क्या माँगें थीं?
प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जाँच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। प्रदर्शन में CJP के बड़ी संख्या में समर्थक शामिल थे।
सोनम वांगचुक को अस्पताल क्यों ले जाया गया?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इसी दौरान अनिश्चितकालीन अनशन पर थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उन्हें भर्ती कराया गया।
जेनेलिया देशमुख और अदिति राव हैदरी ने क्या संदेश दिया?
जेनेलिया देशमुख ने युवाओं को लोकतंत्र की धड़कन बताते हुए उनकी आवाज बिना डर के सुने जाने की अपील की। अदिति राव हैदरी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए और छात्रों के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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