नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर उतरे बॉलीवुड-टीवी सेलेब्स, जवाबदेही की बुलंद आवाज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के विरुद्ध छात्रों के आंदोलन को बॉलीवुड और टेलीविजन जगत का खुला समर्थन मिला। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले चल रहे इस धरने में मनोरंजन उद्योग की कई जानी-मानी हस्तियाँ सोशल मीडिया और व्यक्तिगत उपस्थिति के ज़रिए छात्रों के साथ खड़ी दिखीं। यह आंदोलन उस समय और तेज़ हो गया है जब परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।
सेलेब्स की धरना स्थल पर उपस्थिति
अभिनेत्री, राजनीतिज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली सोढ़ी ने इंस्टाग्राम पर प्रदर्शन की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, '20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुई। माहौल बहुत ही जोश और भावनाओं से भरा हुआ था। मुझे उम्मीद है कि सरकार उनकी पीड़ा और चिंताओं को सुनेगी।' उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई और सार्वजनिक बहस को नई दिशा दी।
टीवी एक्ट्रेस शफक नाज का संदेश
टीवी अभिनेत्री शफक नाज ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने लिखा, 'माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। यह समय सही और गलत साबित करने का नहीं है, बल्कि उन लोगों से जवाब लेने का है जो जिम्मेदारी देने वाले पदों पर बैठे हैं।'
शफक नाज ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए आगे लिखा, 'शांतिपूर्ण विरोध हमेशा हमारे देश की यात्रा का हिस्सा रहा है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भी गलत होने के समय आवाज उठाई थी। सोनम वांगचुक जैसे लोग व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। वहाँ खड़े छात्र चमत्कार की माँग नहीं कर रहे — वे बस सुने जाना चाहते हैं।'
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि छात्रों से संवाद के बजाय बल प्रयोग की खबरें दर्दनाक हैं। उन्होंने लिखा, 'जब सवालों का जवाब तर्क से नहीं, डर से दिया जाता है, तो हम सब कुछ खो देते हैं। मैं जवाबदेही की माँग करने वाले हर छात्र और हर परिवार के साथ खड़ी हूँ — राजनीति की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि इंसानियत हमेशा राजनीति से पहले आनी चाहिए।'
निर्देशक अतुल कुलकर्णी की आवाज़
मशहूर निर्देशक अतुल कुलकर्णी ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने फैज़ अहमद फैज़ की प्रसिद्ध पंक्तियों के साथ अपना संदेश दिया — 'बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे, बोल जबाँ अब तक तेरी है।' यह पंक्तियाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रतिरोध की परंपरा का प्रतीक मानी जाती हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद से देशभर के छात्र सड़कों पर हैं। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले यह धरना उस व्यापक असंतोष का हिस्सा है जो परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा नियामक एजेंसियों की जवाबदेही तय किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं।
आगे क्या
मनोरंजन जगत की इस सक्रिय भागीदारी ने आंदोलन को एक व्यापक सामाजिक स्वर दे दिया है। छात्रों की माँग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए और प्रभावित छात्रों को न्याय मिले। यह देखना बाकी है कि सरकार इस बढ़ते दबाव पर क्या रुख अपनाती है।