नीट पेपर लीक पर मनोज मुंतशिर का स्पष्ट रुख: 'छात्रों की पीड़ा को राजनीति ने हाईजैक किया'
सारांश
मुख्य बातें
गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने 22 जुलाई को कथित नीट पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन पर अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शत-प्रतिशत छात्रों के साथ हैं और सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर चले आंदोलन को राजनीतिक ताकतों ने अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया।
मुंतशिर का आधिकारिक बयान
मुंतशिर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत नोट जारी करते हुए लिखा, 'कुछ मीडिया हाउस ये सिद्ध करने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं कि मैं छात्रों के साथ नहीं हूं। रिकॉर्ड के लिए इस पोस्ट को मेरा ऑफिशियल स्टैंड समझा जाए।' उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक एक अक्षम्य अपराध है और दोषियों को दंडित करने की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर है।
उन्होंने आगे लिखा, 'इस बार भी युवाओं और छात्रों की पीड़ा राजनीति ने हाईजैक कर ली।' उनके अनुसार जंतर-मंतर पर असली मुद्दों पर बात ही नहीं हुई और जिन लोगों ने आंदोलन शुरू किया, वे छात्रों को अकेला छोड़कर चले गए।
आंदोलन पर आरोप और पृष्ठभूमि
मुंतशिर ने आरोप लगाया कि 'भारत और सनातन विरोधी शक्तियों ने छात्रों को मोहरा बनाकर अपनी चालें चल दीं।' उन्होंने उन तत्वों की ओर इशारा किया जो कथित तौर पर 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाते हैं, कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते और धार्मिक आस्थाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करते हैं। गौरतलब है कि यह बयान उनके एक पूर्व इंटरव्यू के बाद आया, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया था।
पूर्व इंटरव्यू से विवाद
उस इंटरव्यू में मुंतशिर ने कहा था कि वे छात्रों की चिंताओं के समर्थन में हैं, लेकिन जंतर-मंतर के प्रदर्शन में कभी शामिल नहीं होंगे। उन्होंने तब भी आरोप लगाया था कि आंदोलन का मंच उन लोगों ने हाईजैक कर लिया है जो भारत-विरोधी विचार रखते हैं। इस बयान के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों ने उनकी स्थिति को 'छात्र-विरोधी' के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने इस नए नोट के जरिए खारिज किया।
छात्रों और युवाओं के लिए प्रतिबद्धता
मुंतशिर ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह छात्रों के साथ हुए 'विश्वासघात की पीड़ा' को समझे। उन्होंने वादा किया कि वे 'देश और दुनिया के हर मंच से स्टूडेंट्स और यूथ की आवाज उठाते रहेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों में गहरा असंतोष है और मामला न्यायिक जाँच के दायरे में है।