नीट विवाद: पूनम पांडे जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल, बोलीं — 'सिर्फ छात्रों के लिए आई हूं'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे सोमवार, 19 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में पहुँचीं। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में जारी इस आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन स्थल पर मीडिया से मुखातिब होते हुए पूनम पांडे ने स्पष्ट किया कि उनकी उपस्थिति किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं एक चीज़ साफ-साफ बोलना चाहूंगी कि यह प्रदर्शन शुरू से ही बच्चों का था और अब भी बच्चों का ही है। मुझे पॉलिटिक्स का 'पी' भी नहीं पता। मैं बस उन बच्चों के लिए आई हूं जिन्होंने पेपर लीक और सिस्टम से परेशान होकर आत्महत्या की है।'
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक या धार्मिक रंग न दिया जाए और इसे छात्रों का ही मुद्दा रहने दिया जाए।
व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ा दर्द
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए पूनम पांडे ने कहा कि उनके पिता एक सिक्योरिटी गार्ड थे, जिनकी मासिक तनख्वाह केवल ₹7,000 थी और वे रात की पाली में काम करते थे। उन्होंने कहा, 'उस समय हमारे पास स्कूल की फीस भरने तक के पैसे नहीं होते थे। आज जब बच्चे इतनी मेहनत करते हैं और उनके माँ-बाप पेट काटकर पैसे जुटाते हैं, उसके बाद अगर पता चले कि पेपर लीक हो गया है, तो उन पर क्या गुजरती होगी?'
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हालात में छात्रों के मन में आत्महत्या के विचार आना स्वाभाविक है और यह एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है। उन्होंने खेद जताया कि समाज इस मूल मुद्दे को छोड़कर सांप्रदायिक बहसों में उलझ जाता है।
सरकार से जवाबदेही की माँग
पूनम पांडे ने सरकार को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'लोकतांत्रिक देश में जनता को अपनी समस्याओं पर जवाब माँगने का अधिकार है। छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए और इस मुद्दे को भटकाने के बजाय उन परिवारों के बारे में सोचना चाहिए जो इस पूरे मामले से प्रभावित हुए हैं।'
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जंतर-मंतर पर सीजेपी का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में आमूल सुधार की माँग कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थक कर रहे हैं।
यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज़ हुआ है जब नीट विवाद पूरे देश में शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि पेपर लीक की आशंकाओं के बाद लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुका है।