23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक विरोध: मुरली मनोहर जोशी बोले — 'छात्रों की चिंताएं वास्तविक, बल प्रयोग न हो'

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नीट पेपर लीक विरोध: मुरली मनोहर जोशी बोले — 'छात्रों की चिंताएं वास्तविक, बल प्रयोग न हो'

सारांश

BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने नीट पेपर लीक के विरोध में उतरे छात्रों का पक्ष लिया — अपनी ही सरकार को चेताया कि बल प्रयोग 'विकसित भारत' के लक्ष्य को नुकसान पहुँचाएगा। जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन जारी है, जबकि दिल्ली पुलिस ने NSA के दुरुपयोग की आशंकाओं को खारिज किया।

मुख्य बातें

BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने 23 जुलाई 2026 को फेसबुक पर पोस्ट कर नीट प्रदर्शनकारी छात्रों की चिंताओं को 'वास्तविक' बताया।
जोशी ने महिला प्रदर्शनकारियों पर 'निर्मम बल प्रयोग' की आलोचना की और कहा यह विकसित भारत के लक्ष्य के विरुद्ध है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग बरकरार।
दिल्ली पुलिस ने NSA के तहत प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबरों को खारिज किया; कहा यह हर तीन महीने में नवीनीकृत होने वाली मानक प्रक्रिया है।
LG का NSA आदेश 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी है।

जंतर-मंतर, नई दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन 23 जुलाई 2026 को भी जारी रहा। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के पक्ष में खुलकर बात की और सरकार से उनके विरुद्ध बल प्रयोग न करने की अपील की।

जोशी का बयान: सहानुभूति और दूरगामी समाधान की माँग

मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार को फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न भागों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं। उनकी चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं। इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए।'

जोशी ने यह भी कहा कि उन्हें पूरी आशा है कि इस मामले को 'केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा, जिससे बलपूर्वक निपटा जाए।' यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जोशी स्वयं BJP के ही वरिष्ठ नेता हैं और उनकी यह टिप्पणी सत्तारूढ़ दल की आंतरिक बेचैनी को उजागर करती है।

महिलाओं पर बल प्रयोग को लेकर गहरी पीड़ा

जोशी ने अपने बयान में विशेष रूप से महिला प्रदर्शनकारियों पर हुए बल प्रयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मुझे यह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया।' उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बल के उपयोग से 'भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को अपनी प्रमुख नीतिगत पहचान बना रही है। एक वरिष्ठ BJP नेता द्वारा इसी शब्दावली का उपयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों का पक्ष लेना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है।

NSA विवाद: दिल्ली पुलिस ने खारिज किए आरोप

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया था कि उसे प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लेने के विशेष अधिकार दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया या लक्षित आदेश नहीं है।

गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने 15 जुलाई को NSA, 1980 की धारा 3(3) के तहत एक आदेश जारी किया था, जिसने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक NSA की धारा 3(2) के अंतर्गत निवारक हिरासत (Preventive Detention) के आदेश जारी करने का अधिकार दिया।

अधिकारियों ने बताया कि यह आदेश वर्षों से लागू है और मानक प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हर तीन महीने में इसका नवीनीकरण किया जाता है। इसे प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध विशेष रूप से लागू करने की कोई योजना नहीं है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

सीजेपी का यह आंदोलन नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाओं के बाद शुरू हुआ, जिसने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को अनिश्चित कर दिया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में आमूल सुधार की माँग कर रहे हैं।

आगे देखना होगा कि BJP के भीतर से उठी इस आवाज़ का सरकार की रणनीति पर क्या असर पड़ता है और क्या प्रशासन छात्रों की माँगों पर संवाद का रास्ता अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकेत देता है कि नीट संकट का राजनीतिक दबाव केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। NSA नवीनीकरण को 'सामान्य प्रक्रिया' कहना तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन इसकी टाइमिंग — चल रहे छात्र आंदोलन के बीच — सवाल खड़े करती है। सरकार के लिए असली चुनौती अब यह है कि वह परीक्षा सुधार पर ठोस कदम उठाए, वरना भीतर और बाहर दोनों तरफ से दबाव बढ़ता रहेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली मनोहर जोशी ने नीट विरोध पर क्या कहा?
BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने 23 जुलाई 2026 को फेसबुक पर लिखा कि प्रदर्शनकारी छात्रों की चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं और इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि इसे केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर बलपूर्वक न निपटाया जाए।
सीजेपी का जंतर-मंतर पर आंदोलन किस बात को लेकर है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। यह आंदोलन देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों में व्याप्त आक्रोश को प्रतिबिंबित करता है।
क्या दिल्ली पुलिस को NSA के तहत प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का अधिकार दिया गया है?
दिल्ली पुलिस ने ऐसी खबरों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार, LG द्वारा 15 जुलाई को जारी NSA आदेश एक मानक प्रशासनिक नवीनीकरण है जो हर तीन महीने में होता है और इसका प्रदर्शनकारियों से कोई सीधा संबंध नहीं है।
दिल्ली में NSA आदेश कब से कब तक प्रभावी है?
दिल्ली के LG द्वारा जारी NSA, 1980 की धारा 3(3) के तहत यह आदेश 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी है। इस अवधि में दिल्ली पुलिस कमिश्नर धारा 3(2) के तहत निवारक हिरासत के आदेश जारी कर सकते हैं।
BJP के भीतर से जोशी के बयान का क्या महत्व है?
जोशी BJP के वरिष्ठ और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उनका यह बयान पार्टी के भीतर असंतोष का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को 'निर्मम' बताया और कहा कि इससे 'विकसित भारत' का लक्ष्य कमज़ोर होगा।
राष्ट्र प्रेस
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