फिल्म निर्माता अमित जानी को 24 घंटे में दो बार मिली हत्या की धमकी, जोधपुर पुलिस से गिरफ्तारी की मांग
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्माता और उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी को 18-19 जून 2025 के बीच केवल 24 घंटों के भीतर दो बार हत्या की धमकी मिलने का दावा किया गया है। जानी, जो इन दिनों जोधपुर में ठहरे हुए हैं, ने रावनाडा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की है। उनके अनुसार, पहला मामला दर्ज होते ही दूसरी धमकी आ गई।
धमकियों का ब्यौरा
जानी के अनुसार, 18 जून की रात करीब 12 बजे जोधपुर पहुँचने पर उन्हें कथित पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी — जिसे जानी ने भारतीय एजेंसियों द्वारा आतंकवादी घोषित बताया है — के मैसेज आने शुरू हुए। उनके अनुसार भट्टी ने 20 से 25 मैसेज भेजे, जिनमें हथियारों की तस्वीरें भी शामिल थीं।
इसके बाद 19 जून की देर रात 11:06 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर फोन कर खुद को सलमान खान का प्रशंसक बताया और कथित तौर पर 3 दिनों के भीतर हत्या करने की धमकी दी। जानी ने अपनी शिकायत में इसे दूसरी धमकी बताया है।
जानी के आरोप और पृष्ठभूमि
अमित जानी फिल्म 'काला हिरण' के निर्माता हैं, जिसका टीज़र वे पहले ही जारी कर चुके हैं। उनका दावा है कि अभिनेता सलमान खान इस फिल्म को रोकने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय पहुँचे हैं और 19 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है। जानी का आरोप है कि कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें धमकियाँ भी दिलवाई जा रही हैं — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानी ने यह भी कहा कि शहजाद भट्टी ने उन्हें फिल्म न बनाने के बदले निवेश से अधिक धनराशि देने का प्रस्ताव रखा और इनकार पर बम धमाके से मारने तथा 'सुपारी' दिए जाने की बात कही। उनके अनुसार, इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोग उनके घर और दफ्तर पर हमले की साजिश रच चुके हैं और हरियाणा के डीजीपी ने भी चार गैंगों से उन्हें खतरे की सूचना दी थी। इसी के मद्देनज़र उन्हें कथित तौर पर गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा मुहैया कराई गई है।
पुलिस से माँग
जानी ने जोधपुर के रावनाडा थाना पुलिस को लिखित शिकायत में कहा, 'मुझे आशंका है कि धमकी देने वाला आतंकवादी भी हो सकता है, इसलिए तुरंत गिरफ्तारी की जाए।' उन्होंने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की अपील की है।
आगे क्या
फिलहाल जोधपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तारी या एफआईआर की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दिल्ली उच्च न्यायालय में 'काला हिरण' से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होनी है, जो इस पूरे विवाद की अगली कानूनी कड़ी होगी।