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'काला हिरण' विवाद: अमित जानी ने फाड़ा सलमान खान का लीगल नोटिस, 36 घंटे में 10,000 से ज़्यादा धमकियों का दावा

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'काला हिरण' विवाद: अमित जानी ने फाड़ा सलमान खान का लीगल नोटिस, 36 घंटे में 10,000 से ज़्यादा धमकियों का दावा

सारांश

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के निर्माता अमित जानी ने सलमान खान का लीगल नोटिस सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया और 36 घंटों में 10,000 से अधिक धमकियाँ मिलने का दावा किया। कुछ संदेश कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भी आ रहे हैं। फिल्म का टीज़र जल्द जारी होगा।

मुख्य बातें

फिल्म निर्माता अमित जानी ने 4 जून 2026 को सलमान खान की कानूनी टीम का लीगल नोटिस सार्वजनिक रूप से फाड़ा।
जानी ने दावा किया कि नोटिस मिलने के 36 घंटों के भीतर उन्हें 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिले।
कुछ संदेश कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भेजे जाने का दावा किया गया, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
फिल्म कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित है, जो अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माण और प्रचार पर रोक की माँग की है।
अमित जानी ने फिल्म का टीज़र जल्द जारी करने और कोई भी सामग्री न हटाने की घोषणा की।

फिल्म निर्माता अमित जानी ने 4 जून 2026 को अभिनेता सलमान खान की कानूनी टीम द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस को सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया और दावा किया कि नोटिस मिलने के महज 36 घंटों के भीतर उन्हें 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए हैं। यह विवाद फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के पोस्टर जारी होने के बाद से लगातार गहराता जा रहा है।

अमित जानी का बयान और नोटिस पर प्रतिक्रिया

अमित जानी ने अपने बयान में कहा, 'मैंने सलमान खान की लीगल टीम द्वारा भेजे गए नोटिस को प्राप्त किया और अब मेरी कानूनी टीम इस पर विचार करेगी। नोटिस मिलने के बाद मुझे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं — मुझे मारने, मुंबई में न रहने देने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है।' उन्होंने आगे कहा कि नोटिस को फाड़ना उनका इस नोटिस को दिया गया प्रतीकात्मक जवाब है।

जानी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम जल्द ही फिल्म का टीज़र जारी करेगी और नोटिस में जिन हिस्सों को हटाने की माँग की गई थी, उनमें से कोई भी सामग्री नहीं हटाई गई है। उन्होंने कहा, 'मुझे भारत की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और मैं किसी भी दबाव या धमकी से पीछे हटने वाला नहीं हूँ।'

धमकियों का स्वरूप और डी-कंपनी का ज़िक्र

अमित जानी के अनुसार, धमकियाँ सोशल मीडिया, फोन कॉल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्यक्तिगत संदेशों के ज़रिए भेजी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ संदेश कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भी आ रहे हैं, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उन्होंने सलमान खान के प्रशंसकों और लॉरेंस बिश्नोई के समर्थकों के व्यवहार की तुलना करते हुए कहा कि जब फिल्म का पोस्टर जारी हुआ था, तब बिश्नोई समर्थकों के फोन भी आए थे, लेकिन उनकी भाषा सभ्य थी। उन्होंने कहा, 'किसी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, जबकि मौजूदा संदेशों में गालियाँ और जानलेवा धमकियाँ शामिल हैं।'

फिल्म का विषय और विवाद की जड़

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' कथित तौर पर 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। पोस्टर जारी होने के बाद यह अटकलें तेज़ हुईं कि फिल्म में सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को भी दर्शाया जाएगा। इसी के बाद सलमान खान की कानूनी टीम सक्रिय हुई।

सलमान खान की कानूनी टीम का पक्ष

सलमान खान की लीगल टीम का कहना है कि यह फिल्म उनके व्यक्तिगत अधिकारों और सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकती है। टीम ने यह भी तर्क दिया है कि काला हिरण शिकार मामला अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस विषय पर फिल्म बनाना और उसका प्रचार करना कानूनी दृष्टि से संवेदनशील हो सकता है। नोटिस में फिल्म के निर्माण और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की माँग की गई है।

आगे क्या होगा

अमित जानी की कानूनी टीम नोटिस का औपचारिक जवाब तैयार कर रही है। फिल्म का टीज़र शीघ्र जारी किए जाने की घोषणा की गई है। यह विवाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायाधीन मामलों पर फिल्म निर्माण की सीमाओं और मनोरंजन जगत में कानूनी दबाव के व्यापक सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

10,000 धमकियों का दावा — चाहे अतिरंजित हो या न हो — यह दिखाता है कि स्टार-पावर और भीड़ का दबाव कैसे कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करता है। मुख्यधारा की कवरेज इस मामले को सिर्फ सेलिब्रिटी ड्रामा बना रही है, जबकि असली मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम न्यायिक संवेदनशीलता का है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' किस विषय पर आधारित है?
यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को भी दर्शाए जाने की चर्चा है।
सलमान खान की कानूनी टीम ने नोटिस क्यों भेजा?
सलमान खान की कानूनी टीम का कहना है कि यह फिल्म उनके व्यक्तिगत अधिकारों और छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। साथ ही, काला हिरण शिकार मामला अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए नोटिस में फिल्म के निर्माण और प्रचार पर रोक की माँग की गई है।
अमित जानी को कितनी धमकियाँ मिलीं और किस माध्यम से?
अमित जानी के अनुसार, नोटिस मिलने के 36 घंटों के भीतर उन्हें 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिले। ये संदेश सोशल मीडिया, फोन कॉल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्यक्तिगत मैसेज के ज़रिए आए, और कुछ कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भी भेजे गए।
क्या अमित जानी फिल्म से कोई सामग्री हटाएँगे?
नहीं। अमित जानी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस में जिन हिस्सों को हटाने की माँग की गई थी, उनमें से कोई भी सामग्री नहीं हटाई गई है। उनकी टीम जल्द ही फिल्म का टीज़र जारी करेगी।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अमित जानी की कानूनी टीम नोटिस का औपचारिक जवाब तैयार कर रही है। चूँकि काला हिरण शिकार मामला राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, सलमान खान की कानूनी टीम फिल्म के प्रचार-प्रसार पर अदालती रोक की माँग कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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