17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'काला हिरण' विवाद: निर्माता अमित जानी बोले — 'सलमान खान को कोर्ट में ही जवाब दूंगा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'काला हिरण' विवाद: निर्माता अमित जानी बोले — 'सलमान खान को कोर्ट में ही जवाब दूंगा'

सारांश

सलमान खान की कानूनी टीम के नोटिस के जवाब में निर्माता अमित जानी ने दो टूक कहा — 'कोर्ट में जवाब दूंगा।' उनका दावा है कि 'काला हिरण' बिश्नोई समुदाय की न्याय-यात्रा पर आधारित चार किताबों से प्रेरित है, न कि 1998 के ब्लैकबक शिकार मामले से। फिल्म का टीजर तक नहीं आया और विवाद पहले ही अदालत की दहलीज पर है।

मुख्य बातें

निर्माता अमित जानी ने सलमान खान के लीगल नोटिस पर कहा — 'कोर्ट में ही जवाब दूंगा।' जानी का दावा: फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' सलमान खान या लॉरेंस बिश्नोई पर नहीं, बल्कि बिश्नोई समुदाय की कानूनी लड़ाई पर आधारित चार किताबों से प्रेरित है।
फिल्म का टीजर या ट्रेलर अभी तक जारी नहीं हुआ; बिना देखे नोटिस भेजने पर निर्माता ने आपत्ति जताई।
सलमान खान की कानूनी टीम का तर्क: फिल्म 1998 के ब्लैकबक शिकार मामले से प्रेरित है और राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित मामले को प्रभावित कर सकती है।
जानी ने अपनी पिछली फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' का हवाला देते हुए कहा कि अदालत के निर्देश पर फिल्म रिलीज से पहले दिखाने को तैयार हैं।

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर बॉलीवुड में छिड़ा कानूनी विवाद और गहरा हो गया है। सलमान खान की कानूनी टीम द्वारा फिल्म के निर्माताओं को भेजे गए लीगल नोटिस के जवाब में निर्माता अमित जानी ने 2 जून 2026 को खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि यदि यह विवाद अदालत तक पहुँचता है, तो वे वहीं जवाब देंगे। जानी के अनुसार, फिल्म न तो सलमान खान पर केंद्रित है और न ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर — बल्कि यह बिश्नोई समुदाय के उन लोगों की संघर्षगाथा है जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ी।

निर्माता का सीधा जवाब

अमित जानी ने कहा, 'फिल्म का अभी तक न तो टीजर रिलीज हुआ है और न ही ट्रेलर सामने आया है। जब किसी ने फिल्म देखी ही नहीं है, तो उसके कंटेंट को लेकर आपत्ति कैसे जताई जा सकती है? अगर सलमान खान सीधे मुझसे बातचीत करते और फिल्म की कहानी के बारे में पूछते, तो मैं विस्तार से समझा देता कि फिल्म का वास्तविक विषय क्या है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि सलमान खान बिना पूरी जानकारी के इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। फिल्म में किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई है। अगर किसी पोस्टर में एक व्यक्ति बंदूक लिए खड़ा दिखाई देता है और कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिखा गया है, तो यह मान लेना कि फिल्म उन्हीं के बारे में है, सही नहीं है।'

फिल्म का आधार: चार किताबें, बिश्नोई समुदाय की लड़ाई

जानी ने स्पष्ट किया कि 'काला हिरण' उन बिश्नोई समुदाय के लोगों की कहानी है जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया। उनके अनुसार, फिल्म इस विषय पर लिखी गई चार किताबों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पिछली फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' को लेकर भी कानूनी विवाद उठा था, और उस मामले में अदालत के निर्देश पर याचिकाकर्ताओं को रिलीज से पहले फिल्म दिखाई गई थी। उन्होंने कहा, 'यदि इस मामले में भी अदालत ऐसा कोई निर्देश देती है, तो हम उसका पालन करेंगे।'

फिल्म निर्माण के अधिकार पर दलील

निर्माता ने फिल्म बनाने के संवैधानिक अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि आरुषि तलवार हत्याकांड, महात्मा गांधी की हत्या, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्वों पर भी फिल्में बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से फिल्म 'अजेय' का उल्लेख किया, जो किताब 'द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर' पर आधारित थी और जिसके लिए योगी आदित्यनाथ की अनुमति नहीं ली गई थी।

विवाद की जड़: लीगल नोटिस और पोस्टर

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस भेजा। नोटिस में कथित तौर पर कहा गया कि यह फिल्म 1998 के ब्लैकबक शिकार मामले से प्रेरित है और इससे अभिनेता की छवि को नुकसान पहुँच सकता है। साथ ही यह तर्क भी दिया गया कि यह मामला अभी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर आधारित फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

विवाद तब और बढ़ा जब फिल्म का पोस्टर सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति को बंदूक के साथ दिखाया गया था। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उस किरदार के लुक को सलमान खान से मिलता-जुलता बताया, जिसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि फिल्म अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें और ब्लैकबक केस को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में बायोपिक और सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्मों को लेकर कानूनी विवाद बढ़ते जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल मामले पर बनी फिल्म को रिलीज से पहले ही अदालती चुनौती का सामना करना पड़ा हो। आगे यह देखना होगा कि क्या मामला राजस्थान हाई कोर्ट या किसी अन्य अदालत में पहुँचता है और न्यायिक प्रक्रिया इस फिल्म की रिलीज को किस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पोस्टर की समानता को लेकर जो सार्वजनिक धारणा बनी, वह भी अनदेखी नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि 'उदयपुर फाइल्स' जैसे पूर्व उदाहरण बताते हैं कि अदालतें ऐसे मामलों में रिलीज से पहले स्क्रीनिंग का रास्ता निकाल सकती हैं। असली परीक्षा यह होगी कि राजस्थान हाई कोर्ट इस मामले में किस हद तक हस्तक्षेप करती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' फिल्म किस पर आधारित है?
निर्माता अमित जानी के अनुसार, यह फिल्म बिश्नोई समुदाय के उन लोगों की कहानी है जिन्होंने अपने अधिकारों और न्याय के लिए दशकों तक कानूनी संघर्ष किया। जानी का दावा है कि फिल्म इस विषय पर लिखी गई चार किताबों पर आधारित है और इसका सलमान खान या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से कोई सीधा संबंध नहीं है।
सलमान खान ने फिल्म के निर्माताओं को लीगल नोटिस क्यों भेजा?
सलमान खान की कानूनी टीम का कथित तर्क है कि फिल्म 1998 के ब्लैकबक शिकार मामले से प्रेरित है, जिससे अभिनेता की छवि को नुकसान पहुँच सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि यह मामला अभी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
निर्माता अमित जानी ने लीगल नोटिस पर क्या कहा?
अमित जानी ने कहा कि फिल्म का टीजर या ट्रेलर भी जारी नहीं हुआ है, इसलिए बिना फिल्म देखे नोटिस भेजना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सलमान खान इस मामले को अदालत तक ले जाना चाहते हैं, तो वे वहीं जवाब देंगे।
क्या यह फिल्म रिलीज से पहले अदालत में रोकी जा सकती है?
अभी तक किसी अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई है। निर्माता जानी ने खुद कहा है कि यदि अदालत रिलीज से पहले स्क्रीनिंग का निर्देश देती है — जैसा उनकी पिछली फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' के मामले में हुआ था — तो वे उसका पालन करेंगे।
1998 का ब्लैकबक शिकार मामला क्या है?
1998 में राजस्थान के जोधपुर जिले में काले हिरण के शिकार के आरोप में सलमान खान सहित कई अभिनेताओं पर मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले