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'काला हिरण' विवाद: अमित जानी ने फाड़ा सलमान खान का लीगल नोटिस, 36 घंटे में मिलीं 10,000 से अधिक धमकियाँ

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'काला हिरण' विवाद: अमित जानी ने फाड़ा सलमान खान का लीगल नोटिस, 36 घंटे में मिलीं 10,000 से अधिक धमकियाँ

सारांश

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के निर्माता अमित जानी ने सलमान खान का लीगल नोटिस फाड़कर खुली चुनौती दे दी है। 36 घंटे में 10,000 से अधिक धमकियों का दावा, डी-कंपनी के नाम का उल्लेख और राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामले की पृष्ठभूमि — यह विवाद अब सिर्फ फिल्मी नहीं रहा।

मुख्य बातें

फिल्म निर्माता अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम का नोटिस सार्वजनिक रूप से फाड़ा।
जानी का दावा — नोटिस मिलने के 36 घंटे के भीतर 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिले।
धमकियाँ सोशल मीडिया, फोन कॉल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और पर्सनल मैसेज के ज़रिए मिलने का आरोप।
कुछ संदेश कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भेजे जाने का दावा।
फिल्म कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित; मामला अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन।
सलमान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माण और प्रचार-प्रसार पर रोक की माँग की है।

फिल्म निर्माता अमित जानी ने 4 जून 2026 को सलमान खान की कानूनी टीम द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस को सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया और दावा किया कि नोटिस मिलने के बाद महज 36 घंटों के भीतर उन्हें 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं। यह विवाद उनकी आगामी फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर उठा है, जो कथित तौर पर 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित बताई जा रही है।

अमित जानी का बयान

अमित जानी ने अपने बयान में कहा, 'मैंने सलमान खान की लीगल टीम द्वारा भेजे गए नोटिस को प्राप्त किया और अब मेरी कानूनी टीम इस पर विचार करेगी। नोटिस मिलने के बाद मुझे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। मुझे मारने, मुंबई में न रहने देने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। 36 घंटे के भीतर 10,000 से ज़्यादा धमकी भरे मैसेज मुझे मिल चुके हैं।'

जानी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया, फोन कॉल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और पर्सनल मैसेज के ज़रिए लगातार उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सलमान खान कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं, तो उन्हें कानून के दायरे में रहकर लड़ना चाहिए, न कि धमकियाँ भिजवानी चाहिए।

नोटिस फाड़ने की वजह

अमित जानी ने स्पष्ट किया कि नोटिस को फाड़ना उनकी ओर से उस नोटिस का प्रतीकात्मक जवाब है। उन्होंने कहा, 'मुझे भारत की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं किसी भी तरह के दबाव या धमकी से पीछे हटने वाला नहीं हूँ। मेरी टीम जल्द ही फिल्म का टीज़र जारी करेगी और नोटिस में जिन हिस्सों को हटाने की बात कही गई थी, उनमें से किसी सामग्री को नहीं हटाया गया है।'

सलमान के फैंस और बिश्नोई समर्थकों की तुलना

जानी ने एक चौंकाने वाली तुलना करते हुए कहा कि जब उन्होंने फिल्म का पोस्टर जारी किया था, तब लॉरेंस बिश्नोई के समर्थकों के भी कई फोन आए थे, लेकिन बातचीत का तरीका सभ्य था और किसी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा विवाद में मिले संदेशों में गालियाँ और धमकियाँ शामिल हैं, और कुछ मैसेज कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भी भेजे जा रहे हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म का पोस्टर जारी होने के बाद यह अटकलें तेज़ हुईं कि इसमें सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को भी दिखाया जाएगा। इसके बाद सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म से जुड़े लोगों को नोटिस भेजा।

सलमान की कानूनी टीम का पक्ष

सलमान खान की लीगल टीम का कहना है कि यह फिल्म उनके व्यक्तिगत अधिकारों और छवि को प्रभावित कर सकती है। टीम ने यह भी तर्क दिया है कि काला हिरण शिकार मामला अभी भी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस विषय पर फिल्म बनाना और उसका प्रचार करना कानूनी रूप से संवेदनशील हो सकता है। नोटिस में फिल्म के निर्माण और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की माँग भी की गई है। यह मामला अब कानूनी और सार्वजनिक दोनों मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अमित जानी का नोटिस फाड़ना प्रतीकात्मक साहस तो दिखाता है, लेकिन यह कानूनी जवाब नहीं है। दूसरी ओर, 10,000 धमकियों का दावा — यदि सत्यापित होता है — तो यह एक गंभीर कानून-व्यवस्था का मामला बनता है जिसे पुलिस को संज्ञान लेना चाहिए। मनोरंजन उद्योग में शक्तिशाली हस्तियों के इर्द-गिर्द इस तरह का माहौल नई आवाज़ों को चुप कराने का औज़ार बन सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' फिल्म किस बारे में है?
यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म के पोस्टर के बाद यह अटकलें तेज़ हुईं कि इसमें सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को भी दिखाया जाएगा।
अमित जानी को लीगल नोटिस क्यों भेजा गया?
सलमान खान की कानूनी टीम का कहना है कि फिल्म उनके व्यक्तिगत अधिकारों और छवि को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, काला हिरण शिकार मामला राजस्थान उच्च न्यायालय में अभी भी विचाराधीन है, इसलिए इस विषय पर फिल्म का निर्माण और प्रचार कानूनी रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
अमित जानी ने नोटिस फाड़कर क्या संदेश दिया?
जानी ने कहा कि नोटिस फाड़ना उनका प्रतीकात्मक जवाब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी दबाव या धमकी से पीछे नहीं हटेंगे, फिल्म का टीज़र जल्द जारी होगा और नोटिस में जिन सामग्रियों को हटाने की माँग थी, उन्हें नहीं हटाया गया है।
क्या अमित जानी को मिली धमकियाँ पुलिस मामला बन सकती हैं?
यदि अमित जानी का 36 घंटे में 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिलने का दावा सत्यापित होता है, तो यह भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक धमकी का मामला बन सकता है। जानी ने कहा है कि उन्हें भारत की कानून व्यवस्था पर भरोसा है, लेकिन अभी तक किसी औपचारिक पुलिस शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है।
सलमान खान की कानूनी टीम ने नोटिस में क्या माँग की है?
नोटिस में फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के निर्माण और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की माँग की गई है। कानूनी टीम का तर्क है कि यह फिल्म सलमान खान की छवि और व्यक्तिगत अधिकारों को नुकसान पहुँचा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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