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'काला हिरण' फिल्म पर सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, रिलीज रोकने की मांग

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'काला हिरण' फिल्म पर सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, रिलीज रोकने की मांग

सारांश

सलमान खान ने 1998 के काला हिरण शिकार प्रकरण पर बनी फिल्म की रिलीज रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोप है कि फिल्म के प्रचार में उनके पर्सनैलिटी राइट्स का बिना अनुमति दुरुपयोग हुआ। निर्माता ने पलटवार करते हुए धमकियों का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सलमान खान ने 12 जून 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में फिल्म 'काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज पर रोक के लिए याचिका दायर की।
याचिका में फिल्म के निर्माण, प्रचार और वितरण पर स्थायी और अंतरिम निषेधाज्ञा की माँग की गई है।
आरोप है कि फिल्म के पोस्टर और प्रचार सामग्री में सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स का बिना अनुमति उल्लंघन किया गया।
फिल्म 1998 के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित है, जो अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
निर्माता अमित जानी ने नोटिस के बाद सोशल मीडिया पर हजारों धमकी भरे संदेश मिलने का आरोप लगाया।

अभिनेता सलमान खान ने फिल्म 'काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज, प्रचार और वितरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। 12 जून 2026 को दाखिल इस याचिका में स्थायी और अंतरिम निषेधाज्ञा की माँग की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म का प्रचार-सामग्री और पोस्टर उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करते हैं।

याचिका में किन पर लगाए आरोप

सलमान खान ने अपनी याचिका में निर्माता अमित जानी, उनकी प्रोडक्शन कंपनी जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, निर्देशक भरत एस. श्रीनाते, अक्षय पांडेय तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों एवं अज्ञात पक्षों को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि इन सभी को फिल्म से जुड़े निर्माण, वित्तपोषण, निर्देशन और प्रचार-कार्य से तत्काल रोका जाए।

पर्सनैलिटी राइट्स उल्लंघन का आरोप

सलमान खान का कथित तौर पर कहना है कि उनके नाम, छवि और सार्वजनिक पहचान का उपयोग बिना उनकी अनुमति के व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उनकी कानूनी टीम पहले ही फिल्म निर्माताओं को नोटिस भेज चुकी थी, जिसमें यह भी उल्लेख किया गया था कि 1998 का काला हिरण शिकार मामला अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में उस पर आधारित फिल्म का निर्माण और प्रचार कानूनी दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है।

फिल्म किस पर आधारित है

यह फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार प्रकरण और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। जानी फायरफॉक्स फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनाते ने किया है। हाल ही में जारी फर्स्ट लुक में अपराध और न्याय से जुड़ी कहानी की झलक दिखाई गई थी। निर्माता अमित जानी का दावा है कि यह फिल्म बिश्नोई समुदाय के संघर्ष और उस ऐतिहासिक घटना पर केंद्रित है।

निर्माता का पक्ष और धमकियों का आरोप

निर्माता अमित जानी ने कहा है कि नोटिस मिलने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर हजारों धमकी भरे संदेश और फोन कॉल मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। जानी ने स्पष्ट किया कि यदि सलमान खान को कानूनी लड़ाई लड़नी है, तो वह अदालत में लड़ें — धमकियों के ज़रिये दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें दिल्ली उच्च न्यायालय पर टिकी हैं, जहाँ इस याचिका पर सुनवाई होनी है। अदालत का फैसला न केवल इस फिल्म की रिलीज, बल्कि भारत में पर्सनैलिटी राइट्स और विवादास्पद वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्मों के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब उस पर आधारित फिल्म की अनुमति देना या रोकना — यह सवाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच की महीन रेखा को उजागर करता है। उल्लेखनीय है कि भारतीय अदालतें अब तक पर्सनैलिटी राइट्स के मामलों में एकसमान रुख नहीं अपना सकी हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला एक नज़ीर बन सकता है जो आने वाले वर्षों में ऐसी तमाम फिल्मों की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलमान खान ने 'काला हिरण' फिल्म के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
सलमान खान का आरोप है कि फिल्म के पोस्टर और प्रचार सामग्री में उनके नाम, छवि और सार्वजनिक पहचान का बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जो उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय से फिल्म के निर्माण, प्रचार और वितरण पर अंतरिम और स्थायी निषेधाज्ञा की माँग की है।
'काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी' फिल्म किस पर आधारित है?
यह फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। निर्माता अमित जानी का दावा है कि फिल्म बिश्नोई समुदाय के संघर्ष और उस ऐतिहासिक घटना को केंद्र में रखती है।
क्या 1998 का काला हिरण शिकार मामला अभी भी अदालत में है?
हाँ, सलमान खान की कानूनी टीम के अनुसार यह मामला अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार पर याचिका में तर्क दिया गया है कि लंबित मामले पर आधारित फिल्म का निर्माण और प्रचार कानूनी दृष्टि से संवेदनशील है।
निर्माता अमित जानी का इस विवाद पर क्या कहना है?
अमित जानी ने कहा है कि नोटिस मिलने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर हजारों धमकी भरे संदेश और फोन कॉल मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि सलमान खान को कानूनी लड़ाई लड़नी है तो वह अदालत में लड़ें, धमकियों के जरिये दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है।
इस मामले का फैसला किस पर असर डाल सकता है?
दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला भारत में पर्सनैलिटी राइट्स की कानूनी सीमाओं और विवादास्पद वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्मों के निर्माण के अधिकार पर एक महत्वपूर्ण नज़ीर स्थापित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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