11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज बब्बर का खुलासा: 'शक्ति' और 'नमक हलाल' अमिताभ बच्चन की वजह से हाथ से निकलीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज बब्बर का खुलासा: 'शक्ति' और 'नमक हलाल' अमिताभ बच्चन की वजह से हाथ से निकलीं

सारांश

राज बब्बर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'शक्ति' और 'नमक हलाल' के लिए चुने जाने के बावजूद अमिताभ बच्चन की स्टार पावर के आगे उन्हें हटा दिया गया। यह उस दौर की कहानी है जब एक सितारे की छाया में कई प्रतिभाशाली कलाकारों के मौके दब जाते थे।

मुख्य बातें

राज बब्बर ने खुलासा किया था कि फिल्म 'शक्ति' के लिए उनका स्क्रीन टेस्ट हो चुका था, लेकिन उनकी जगह अमिताभ बच्चन को लिया गया।
फिल्म 'नमक हलाल' के लिए भी बब्बर को साइन किया गया था, परंतु बाद में उन्हें हटा दिया गया।
राज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंडला में हुआ और उन्होंने NSD से अभिनय की ट्रेनिंग ली।
बब्बर ने 1977 में 'किस्सा कुर्सी का' से डेब्यू किया; 1980 में 'इंसाफ का तराजू' ने उन्हें पहचान दिलाई।
बाद में राज बब्बर और अमिताभ बच्चन ने फिल्म 'याराना' में साथ काम किया।
1989 में बब्बर ने राजनीति में प्रवेश किया और लोकसभा व राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे।

अभिनेता राज बब्बर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनके करियर के शुरुआती दौर में कम से कम दो बड़ी फिल्में — 'शक्ति' और 'नमक हलाल' — उनके हाथ से निकल गई थीं, क्योंकि निर्माताओं ने उनकी जगह अमिताभ बच्चन को प्राथमिकता दी। यह वह दौर था जब बच्चन हिंदी सिनेमा के सर्वोच्च सितारे थे और उनका नाम किसी भी फिल्म की व्यावसायिक सफलता की गारंटी माना जाता था।

संघर्ष के वे दिन

राज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंडला में हुआ था। बचपन से ही मंच पर प्रदर्शन करने का शौक रखने वाले बब्बर ने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की विधिवत ट्रेनिंग ली। NSD से निकलने के बाद उन्होंने 1977 में फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में कदम रखा।

शुरुआती वर्षों में सफलता सीमित रही, लेकिन 1980 में 'इंसाफ का तराजू' ने उनकी पहचान बदल दी। इस फिल्म में निभाए गए नकारात्मक किरदार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी और उन्हें एक गंभीर अभिनेता के रूप में स्थापित किया।

फिल्म 'शक्ति' का किस्सा

राज बब्बर ने बताया था कि फिल्म 'शक्ति' के लिए उनका स्क्रीन टेस्ट हो चुका था और उन्हें उम्मीद थी कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनेंगे। लेकिन अंततः निर्माताओं ने उनकी जगह अमिताभ बच्चन को चुना। बब्बर के अनुसार, उस समय बच्चन इतने बड़े स्टार थे कि निर्माताओं को लगा उनके नाम से फिल्म को कहीं अधिक व्यावसायिक लाभ मिलेगा।

फिल्म 'नमक हलाल' से भी हुई छुट्टी

इसी तरह 'नमक हलाल' को लेकर भी राज बब्बर ने अपने संघर्ष का जिक्र किया था। उनका कहना था कि इस फिल्म के लिए भी उन्हें साइन किया गया था, परंतु बाद में उनकी जगह एक बड़े सितारे को लिया गया। बब्बर ने इस पर कड़वाहट जाहिर करने के बजाय इसे फिल्म इंडस्ट्री की व्यावसायिक वास्तविकता और किस्मत का हिस्सा बताया।

अमिताभ के साथ काम भी किया

दिलचस्प मोड़ यह रहा कि जिन अमिताभ बच्चन की वजह से राज बब्बर के हाथ से फिल्में निकली थीं, बाद में दोनों ने एक साथ स्क्रीन साझा की। फिल्म 'याराना' में दोनों अभिनेताओं ने साथ काम किया।

विविध करियर और राजनीति

राज बब्बर ने अपने लंबे करियर में 'निकाह', 'उमराव जान', 'प्रेम गीत', 'आज की आवाज', 'अगर तुम न होते', 'संसार', 'फैशन' और 'बॉडीगार्ड' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविज़न और वेब सीरीज में भी काम किया।

1989 में राज बब्बर ने राजनीति में प्रवेश किया और वह लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे। उनका यह सफर बताता है कि संघर्ष और हार से न टूटने वाला कलाकार अंततः अपनी अलग पहचान बना ही लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उन्हें बाज़ार की व्यावसायिक प्राथमिकताओं के आगे झुकना पड़ा। यह विरोधाभास आज भी प्रासंगिक है — जब ओटीटी के युग में भी स्टार पावर बनाम अभिनय-क्षमता की बहस जारी है। बब्बर का इसे 'किस्मत' कह कर स्वीकार करना उनकी परिपक्वता दर्शाता है, लेकिन यह उद्योग की उस संरचनागत खामी को भी उजागर करता है जो प्रतिभा को अक्सर ब्रांड के पीछे खड़ा कर देती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज बब्बर के हाथ से कौन-सी फिल्में निकल गई थीं?
राज बब्बर के अनुसार फिल्म 'शक्ति' और 'नमक हलाल' के लिए उन्हें चुना गया था, लेकिन बाद में उनकी जगह अमिताभ बच्चन को लिया गया। बब्बर ने एक इंटरव्यू में इस अनुभव को अपने संघर्ष के दिनों की सबसे कठिन यादों में गिनाया था।
राज बब्बर ने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया या नहीं?
हाँ, बाद में राज बब्बर और अमिताभ बच्चन ने फिल्म 'याराना' में एक साथ काम किया। यह दिलचस्प संयोग रहा कि जिस सितारे की वजह से कुछ फिल्में छूटीं, उन्हीं के साथ बाद में स्क्रीन साझा की।
राज बब्बर का बॉलीवुड डेब्यू कब और किस फिल्म से हुआ?
राज बब्बर ने 1977 में फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हालांकि असली पहचान उन्हें 1980 में 'इंसाफ का तराजू' से मिली, जिसमें उनके नकारात्मक किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा।
राज बब्बर की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
राज बब्बर ने 1989 में राजनीति में प्रवेश किया और अपने राजनीतिक करियर में लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे। अभिनय और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे बब्बर ने एक विविधतापूर्ण सार्वजनिक जीवन जिया।
राज बब्बर ने NSD से ट्रेनिंग क्यों ली और इसका करियर पर क्या असर पड़ा?
राज बब्बर ने बचपन से अभिनय के प्रति रुझान के चलते नई दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से विधिवत प्रशिक्षण लिया। इस ट्रेनिंग ने उन्हें तकनीकी दक्षता दी, जिसकी बदौलत वह 'उमराव जान' और 'निकाह' जैसी जटिल भूमिकाओं में भी सफल रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले