प्रदीप रावत को अनूप सिंह की भावभीनी श्रद्धांजलि: 'आपकी यादें और सीखें हमेशा संजोकर रखूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर है। 74 वर्ष की आयु में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद उनके जाने पर अभिनेता अनूप सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा किया। अनूप ने दिवंगत अभिनेता के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करते हुए उन्हें न केवल एक महान कलाकार, बल्कि जीवन की प्रेरणा बताया।
अनूप सिंह का भावभीनी पोस्ट
अनूप सिंह ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'प्रदीप रावत सर, मुझे आप जैसे बेहतरीन कलाकार के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला, जिसके लिए मैं आभारी हूं। 1990 में एक बच्चे के रूप में आपको अश्वत्थामा का रोल करते देखने से लेकर, बड़े होकर आपको गजनी के रूप में, अचारी अमेरिका यात्रा में आपके बेटे या धर्मरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज में आपके दुश्मन का रोल करने तक।' उन्होंने आगे जोड़ा कि कैमरे के बाहर प्रदीप रावत उनके लिए एक 'गाइडिंग लाइट' और जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की प्रेरणा रहे।
अनूप ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'जो लोग आपको जानते हैं वे जानते हैं कि आपका सफर कैसा रहा है और मैं हमेशा आपकी यादों और सीखों को संजोकर रखूंगा। आपने अपनी जिंदगी को एक शेर की तरह जिया है, अब शांति से आराम करें। दुनिया को मनोरंजित करने के लिए आपका धन्यवाद। ओम शांति।'
यशपाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के निधन की खबर उनके पुराने साथी अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा की। 'लगान' फिल्म में प्रदीप के साथ काम कर चुके यशपाल ने लिखा, 'प्रदीप रावत, हमारे लगान के गजनी देवा। उनकी आत्मा को शांति मिले।' यह संदेश तेज़ी से वायरल हुआ और फिल्म उद्योग में शोक की भावना को और गहरा कर गया।
तीन दशक का बहुभाषी करियर
प्रदीप रावत ने तीन दशकों से अधिक के करियर में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सहित अनेक भाषाओं में काम किया। उन्होंने 'लगान' और 'गजनी' जैसी चर्चित फिल्मों में यादगार खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं। उनके परिवार में पत्नी और बेटे विक्रमादित्य हैं।
अंतिम फिल्म 'छावा'
प्रदीप रावत को अंतिम बार ऐतिहासिक एक्शन फिल्म 'छावा' में देखा गया, जो मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। यह फिल्म शिवाजी सावंत के मराठी उपन्यास 'छावा' का रूपांतरण है, जिसमें अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह उनकी विरासत का एक सशक्त अंतिम अध्याय बनकर रहेगा।