17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रदीप रावत का निधन: 'गजनी' और 'लगान' के दिग्गज अभिनेता को फिल्म जगत की भावभीनी विदाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रदीप रावत का निधन: 'गजनी' और 'लगान' के दिग्गज अभिनेता को फिल्म जगत की भावभीनी विदाई

सारांश

74 वर्ष की आयु में ब्लड कैंसर से प्रदीप रावत का निधन — 'महाभारत' के अश्वत्थामा से लेकर 'गजनी' के खलनायक तक, करीब 150 फिल्मों का सफर तय करने वाले इस अभिनेता को फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भावुक श्रद्धांजलि दी।

मुख्य बातें

अभिनेता प्रदीप रावत का 5 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की आयु में ब्लड कैंसर के कारण निधन।
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा कर श्रद्धांजलि दी और अंतिम संस्कार की जानकारी दी।
पार्थिव शरीर दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक गोरेगाँव वेस्ट, इंपीरियल हाइट्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
अंतिम संस्कार जोगेश्वरी वेस्ट, एसवी रोड, ओशिवारा ब्रिज के पास संपन्न हुआ।
रावत ने बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' में अश्वत्थामा और 'गजनी' ( 2005 तमिल व 2008 हिंदी) में खलनायक की भूमिका निभाई; करियर में करीब 150 फिल्में ।
उनकी अंतिम फिल्म विक्की कौशल स्टारर 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया।

मुंबई में 5 अगस्त 2026 को हिंदी सिनेमा ने अपना एक बेहद प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया। प्रदीप रावत — जिन्होंने 'गजनी', 'लगान' और बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' जैसे कालजयी प्रोजेक्ट्स में अपनी अमिट छाप छोड़ी — 74 वर्ष की आयु में ब्लड कैंसर के कारण इस दुनिया से विदा हो गए। उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म जगत में शोक की गहरी लहर दौड़ गई।

अशोक पंडित की भावुक श्रद्धांजलि

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रदीप रावत की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'हमारे प्यारे दोस्त प्रदीप रावत एक शानदार अभिनेता और बेहतरीन इंसान थे। उनके निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख पहुँचा है। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं।'

पंडित ने यह भी बताया कि प्रदीप रावत के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक गोरेगाँव वेस्ट स्थित इंपीरियल हाइट्स में रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को जोगेश्वरी वेस्ट में एसवी रोड पर ओशिवारा ब्रिज के समीप अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा।

जीवन परिचय: फौजी सपने से रुपहले पर्दे तक

प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक आर्मी परिवार में हुआ था। शुरुआत में सेना में जाने का सपना था, लेकिन वह पूरा न हो सका। इसके बाद उन्होंने बैंक में नौकरी की, परंतु अभिनय की ललक उन्हें थिएटर की दुनिया में खींच लाई। उन्होंने प्रसिद्ध अभिनेता राज बब्बर के थिएटर ग्रुप 'एकजुट' से अभिनय की बारीकियाँ सीखीं और 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से बड़े पर्दे पर कदम रखा।

यादगार किरदार और करियर की ऊँचाइयाँ

प्रदीप रावत को सबसे बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा की भूमिका से मिली, जिसने उन्हें घर-घर में पहचाना चेहरा बना दिया। 2005 में तमिल फिल्म 'गजनी' और 2008 में आमिर खान स्टारर हिंदी फिल्म 'गजनी' में उनके खलनायक के किरदार ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

इसके अलावा वह 'लगान', 'सरफरोश', 'बागी', 'पत्थर के फूल' और 'संगदिल सनम' सहित कई यादगार फिल्मों का हिस्सा रहे। उन्होंने हिंदी के अतिरिक्त तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके करियर में कुल करीब 150 फिल्में शामिल हैं।

अंतिम फिल्म और विरासत

उनकी अंतिम हिंदी फिल्म विक्की कौशल अभिनीत 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया। प्रदीप रावत लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खोया है जिसने खलनायक की भूमिकाओं को नई गहराई और विश्वसनीयता दी — उनकी विरासत उनके किरदारों में सदा जीवित रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

रावत ने साबित किया कि खलनायकी भी एक कला है। गौरतलब है कि करीब 150 फिल्मों के करियर के बावजूद उन्हें मुख्यधारा के पुरस्कारों में वह पहचान कभी नहीं मिली जिसके वे हकदार थे — यह उद्योग की उस पुरानी विडंबना को फिर उजागर करता है जहाँ सहायक और चरित्र कलाकार अक्सर हाशिये पर रह जाते हैं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप रावत का निधन कब और किस कारण हुआ?
प्रदीप रावत का निधन 5 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की आयु में ब्लड कैंसर के कारण हुआ। वह लंबे समय से इस बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले कुछ समय से उनका इलाज चल रहा था।
प्रदीप रावत की सबसे यादगार भूमिकाएँ कौन-सी थीं?
प्रदीप रावत को सबसे बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा के टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से मिली। इसके अलावा 2005 की तमिल फिल्म 'गजनी' और 2008 की आमिर खान स्टारर हिंदी फिल्म 'गजनी' में उनका खलनायक का किरदार भी बेहद लोकप्रिय रहा।
प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार कहाँ हुआ?
उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक गोरेगाँव वेस्ट स्थित इंपीरियल हाइट्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद अंतिम संस्कार जोगेश्वरी वेस्ट में एसवी रोड पर ओशिवारा ब्रिज के पास संपन्न हुआ।
प्रदीप रावत की आखिरी फिल्म कौन-सी थी?
प्रदीप रावत की अंतिम हिंदी फिल्म विक्की कौशल स्टारर 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया था।
प्रदीप रावत ने अपने करियर में कितनी फिल्में कीं?
प्रदीप रावत ने अपने करियर में करीब 150 फिल्मों में काम किया। उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी अभिनय किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले