8 अगस्त 2026
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प्रदीप रावत की शांति सभा में उमड़े बॉलीवुड सितारे, बेटे विक्रमादित्य बोले — 'पिता ने अहंकार न रखने की सीख दी'

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प्रदीप रावत की शांति सभा में उमड़े बॉलीवुड सितारे, बेटे विक्रमादित्य बोले — 'पिता ने अहंकार न रखने की सीख दी'

सारांश

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए मुंबई में शांति सभा हुई। बेटे विक्रमादित्य ने खुलासा किया कि महज दो-ढाई महीने में आक्रामक कैंसर ने उनसे पिता को छीन लिया। साथी कलाकारों ने उनकी गर्मजोशी और अपनेपन को याद किया।

मुख्य बातें

प्रदीप रावत का 4 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की आयु में निधन हुआ; वे 'लगान' और 'गजनी' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते थे।
बेटे विक्रमादित्य ने बताया कि दो से ढाई महीने पहले जाँच में अत्यंत आक्रामक कैंसर का पता चला था।
7 अगस्त, शुक्रवार को मुंबई में शांति सभा आयोजित हुई, जिसमें अमीन हाजी और मुकेश ऋषि सहित कई कलाकार उपस्थित रहे।
विक्रमादित्य ने सोशल मीडिया के उन दावों को खारिज किया कि प्रदीप रावत लंबे समय से बीमार थे।
प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं।

बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत, जिन्हें 'लगान' और 'गजनी' में उनकी यादगार भूमिकाओं के लिए जाना जाता है, का 4 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने के बाद 7 अगस्त, शुक्रवार को मुंबई में एक शांति सभा का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म जगत के कई जाने-माने चेहरे उपस्थित हुए। प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं।

बेटे विक्रमादित्य का भावुक बयान

शांति सभा में विक्रमादित्य भावुक हो उठे। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि प्रदीप रावत लंबे समय से बीमार थे। विक्रमादित्य के अनुसार, उनके पिता की तबीयत दो से ढाई महीने पहले ही बिगड़ी थी, जब जाँच में एक अत्यंत आक्रामक प्रकार के कैंसर का पता चला — जो सामान्यतः युवाओं में देखा जाता है। इस बीमारी के सामने वह अंततः हार गए।

विक्रमादित्य ने अपने पिता को याद करते हुए कहा, 'मेरे पिता काफी खुद्दार इंसान थे। उन्होंने मुझे मेहनत करना सिखाया है। वह चाहते थे कि मैं स्टार बनूं और मैंने भी यही ठाना है। देखते हैं किस्मत मुझे कहां लेकर जाती है।' उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता मूलतः फौजी बनना चाहते थे — उनके दादा जी स्वयं सेना में थे — लेकिन वह सपना पूरा न हो सका और वे अभिनय की दुनिया में आ गए। विक्रमादित्य ने पिता की वह सीख साझा की जो उन्हें जीवन भर याद रहेगी — 'कभी अहंकार मत लाना, हमेशा सिर झुकाकर काम करना।'

साथी कलाकारों की श्रद्धांजलि

अभिनेता अमीन हाजी ने शांति सभा में कहा कि व्यस्त जिंदगी में दोस्तों के साथ बिताया वक्त कितना अनमोल होता है, यह एहसास प्रदीप रावत के जाने के बाद और गहरा हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदीप रावत ने कहा था कि वह जल्द ठीक होकर लौटेंगे और सब मिलकर खुशियाँ मनाएंगे — लेकिन वह वापस नहीं आए।

अभिनेता मुकेश ऋषि ने भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रदीप रावत अभी भी सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और उनका स्वास्थ्य भी उनका साथ दे रहा था। 'हम लोग अगर लंबे समय बाद भी मिलते थे, तो बहुत अपनापन महसूस होता था' — यह कहते हुए मुकेश ऋषि ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की कामना की।

प्रदीप रावत का सिनेमाई सफर

प्रदीप रावत ने हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी छाप छोड़ी। 'लगान' में उनका किरदार दर्शकों के जेहन में आज भी ताज़ा है, जबकि 'गजनी' में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। उनका व्यक्तित्व फिल्म जगत में उनकी पहचान थी — साथी कलाकारों के अनुसार वह स्क्रीन पर जितने प्रभावशाली थे, व्यक्तिगत जीवन में उतने ही सहज और अपनापन से भरे।

परिवार और आगे की राह

प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके बेटे विक्रमादित्य ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पिता के सपनों को आगे ले जाने के लिए दृढ़ हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि पिता की सीख उनके साथ हमेशा रहेगी और वह उसी मेहनत और विनम्रता के साथ अपना करियर बनाने की कोशिश करेंगे। शांति सभा में उपस्थित सितारों ने परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई और इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके जाने पर जो शून्य बनता है वह गहरा होता है। विक्रमादित्य का यह खुलासा कि कैंसर महज दो-ढाई महीने में इतना घातक हो गया, सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहों के विरुद्ध परिवार की पारदर्शिता को दर्शाता है। साथ ही यह भी उजागर होता है कि फिल्म उद्योग में स्वास्थ्य सुरक्षा और साथियों के बीच भावनात्मक सहयोग का ढाँचा कितना अनिश्चित है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप रावत का निधन कब और किस कारण हुआ?
प्रदीप रावत का निधन 4 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की आयु में हुआ। उनके बेटे विक्रमादित्य के अनुसार, दो से ढाई महीने पहले जाँच में एक अत्यंत आक्रामक प्रकार के कैंसर का पता चला था, जो सामान्यतः युवाओं में देखा जाता है।
प्रदीप रावत की शांति सभा में कौन-कौन से कलाकार शामिल हुए?
7 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित शांति सभा में अभिनेता अमीन हाजी और मुकेश ऋषि सहित बॉलीवुड के कई सितारे उपस्थित रहे। सभी ने प्रदीप रावत के साथ बिताए पलों को याद किया और परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
विक्रमादित्य ने सोशल मीडिया के दावों पर क्या कहा?
विक्रमादित्य ने स्पष्ट किया कि उनके पिता लंबे समय से बीमार नहीं थे — यह दावा गलत है। उन्होंने बताया कि बीमारी का पता महज दो से ढाई महीने पहले चला और कैंसर इतना आक्रामक था कि उससे लड़ना संभव नहीं हो सका।
प्रदीप रावत किन फिल्मों के लिए जाने जाते थे?
प्रदीप रावत को मुख्यतः 'लगान' और 'गजनी' में उनकी यादगार भूमिकाओं के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने हिंदी सिनेमा में दशकों तक सशक्त चरित्र भूमिकाएँ निभाईं।
प्रदीप रावत के परिवार में कौन हैं?
प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी और बेटे विक्रमादित्य को छोड़ गए हैं। विक्रमादित्य ने शांति सभा में कहा कि वह अपने पिता की सीख और सपनों को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
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