7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रदीप रावत को स्मृति खन्ना की भावुक श्रद्धांजलि: 'वह मुझे बेटी और छोटी बहन दोनों मानते थे'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रदीप रावत को स्मृति खन्ना की भावुक श्रद्धांजलि: 'वह मुझे बेटी और छोटी बहन दोनों मानते थे'

सारांश

फिल्मी पहचान से शुरू हुआ रिश्ता एक गहरे पारिवारिक बंधन में बदल गया था। स्मृति खन्ना ने बताया कि प्रदीप रावत उन्हें कभी बेटी तो कभी छोटी बहन मानते थे — कैंसर से लड़ते हुए भी उनका काम के प्रति समर्पण और दूसरों को आगे बढ़ाने की चाहत अटूट रही।

मुख्य बातें

अभिनेत्री स्मृति खन्ना ने 5 अगस्त को दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत को भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की।
दोनों की पहली मुलाकात एक पार्टी में एक साझा दोस्त के ज़रिए हुई थी, जो बाद में गहरे पारिवारिक रिश्ते में बदल गई।
प्रदीप रावत , उनकी पत्नी कल्याणी और स्मृति का परिवार — तीनों अक्सर साथ जन्मदिन, रात्रिभोज और छुट्टियाँ मनाते थे।
रावत ने स्मृति को उनके अभिनय करियर में मार्गदर्शन दिया और कुछ लोगों को उनका नाम भी सुझाया।
कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद प्रदीप रावत ने शूटिंग जारी रखी और काम के प्रति पूर्ण समर्पण बनाए रखा।

अभिनेत्री स्मृति खन्ना ने दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत को याद करते हुए गहरी भावुकता के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने बताया कि फिल्मी दुनिया में हुई एक साधारण मुलाकात समय के साथ एक ऐसे पारिवारिक रिश्ते में तब्दील हो गई, जिसे वह जीवनभर नहीं भूल सकतीं। 5 अगस्त को मुंबई में दी गई इस श्रद्धांजलि में स्मृति ने प्रदीप रावत के व्यक्तित्व, उनके स्नेह और उनके साहस को विस्तार से साझा किया।

पहली मुलाकात से पारिवारिक रिश्ते तक

स्मृति खन्ना ने बताया कि उनकी और प्रदीप रावत की पहली मुलाकात एक पार्टी में एक साझा दोस्त के ज़रिए हुई थी। उन्होंने कहा, 'पहली मुलाकात में ही हमारे बीच अच्छा जुड़ाव बन गया। इसके बाद हमारी दोस्ती लगातार मज़बूत होती गई और धीरे-धीरे यह एक खूबसूरत पारिवारिक रिश्ते में बदल गई।' स्मृति के अनुसार, प्रदीप रावत, उनकी पत्नी कल्याणी और दोनों परिवार अक्सर एक साथ समय बिताया करते थे।

यादों में बसे अनमोल पल

स्मृति ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच इतना अपनापन था कि एक-दूसरे के घर आना-जाना, साथ खाना खाना, जन्मदिन मनाना और छुट्टियाँ बिताना एक सहज दिनचर्या बन गई थी। उन्होंने कहा, 'मेरे जन्मदिन पर प्रदीप दादा हमेशा मौजूद रहते थे। हम घंटों तक अंताक्षरी खेलते थे, हँसते थे और खूब बातें करते थे। उनके साथ बिताया गया हर पल आज भी मेरी यादों में ताज़ा है।' यह रिश्ता महज़ फिल्मी परिचय से कहीं आगे एक आत्मीय पारिवारिक बंधन था।

स्नेह, सीख और प्रेरणा

स्मृति के अनुसार, प्रदीप रावत केवल एक कुशल अभिनेता ही नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों से भरे एक ऐसे इंसान थे जिनकी हर बात में कोई न कोई सीख छिपी होती थी। उन्होंने कहा, 'वह कभी मुझे अपनी छोटी बहन की तरह मानते थे तो कभी बेटी की तरह। उन्होंने हमेशा प्यार, सम्मान और अपनापन दिया।' स्मृति ने यह भी बताया कि रावत ने उनके अभिनय करियर में अहम भूमिका निभाई — सही सलाह दी, आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और कुछ लोगों को उनका नाम भी सुझाया।

पर्दे पर असाधारण उपस्थिति

अभिनेत्री ने प्रदीप रावत के अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, 'चाहे उन्हें खलनायक का किरदार मिला हो या किसी गंभीर भूमिका, उन्होंने हर बार दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उनकी पर्दे पर मौजूदगी इतनी प्रभावशाली होती थी कि उनका हर किरदार यादगार बन जाता था।' उनकी हाज़िरजवाबी और ऊर्जा का ज़िक्र करते हुए स्मृति ने कहा कि वह बिना किसी प्रयास के माहौल को खुशनुमा बना देते थे।

कैंसर से लड़ते हुए भी काम के प्रति समर्पण

स्मृति खन्ना ने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी प्रदीप रावत ने शूटिंग जारी रखी और अपने काम के प्रति कभी लापरवाही नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा उनकी हिम्मत और समर्पण की सराहना की है। वह वास्तव में बेहद साहसी इंसान थे। उनका जीवन और उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।' यह श्रद्धांजलि उस इंसान को है जो परदे पर खलनायक था, लेकिन असल ज़िंदगी में एक स्नेहशील परिवार जैसा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक को है जिसने उद्योग की प्रतिस्पर्धी संस्कृति में भी दूसरों को आगे बढ़ाने की परवाह की। कैंसर से जूझते हुए काम जारी रखना उनके चरित्र की उस दृढ़ता को रेखांकित करता है जो पर्दे के किरदारों से कहीं अधिक प्रभावशाली थी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप रावत और स्मृति खन्ना की दोस्ती कैसे शुरू हुई?
दोनों की पहली मुलाकात एक पार्टी में एक साझा दोस्त के ज़रिए हुई थी। पहली ही मुलाकात में अच्छा जुड़ाव बन गया और धीरे-धीरे यह रिश्ता एक गहरे पारिवारिक बंधन में तब्दील हो गया।
प्रदीप रावत स्मृति खन्ना को किस तरह मानते थे?
स्मृति खन्ना के अनुसार, प्रदीप रावत उन्हें कभी अपनी छोटी बहन की तरह मानते थे तो कभी बेटी की तरह। उन्होंने हमेशा उन्हें प्यार, सम्मान और अपनापन दिया।
प्रदीप रावत ने स्मृति खन्ना के करियर में क्या भूमिका निभाई?
प्रदीप रावत ने स्मृति को सही सलाह दी, आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कुछ लोगों को उनका नाम भी सुझाया। स्मृति के अनुसार, यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी थी कि वह हमेशा चाहते थे कि उनके आसपास के लोग सफल हों।
क्या प्रदीप रावत बीमारी के दौरान भी काम करते रहे?
हाँ, स्मृति खन्ना ने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद प्रदीप रावत ने शूटिंग जारी रखी और काम के प्रति कभी लापरवाही नहीं दिखाई। स्मृति ने उनकी इस हिम्मत और समर्पण की सराहना की।
प्रदीप रावत को बॉलीवुड में किस तरह के किरदारों के लिए जाना जाता था?
प्रदीप रावत को खलनायक और गंभीर भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। स्मृति खन्ना के अनुसार, पर्दे पर उनकी उपस्थिति इतनी प्रभावशाली होती थी कि उनका हर किरदार दर्शकों के मन में यादगार छाप छोड़ जाता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. 2 दिन पहले
  8. 8 महीने पहले