अनुपम खेर का 499वां शो, सूजे पैर के बावजूद 'शो मस्ट गो ऑन' का अर्थ समझा
सारांश
Key Takeaways
- अनुपम खेर का आज 499वां शो है।
- उन्होंने 'शो मस्ट गो ऑन' का असली मतलब समझा है।
- दर्द और कठिनाईयों के बावजूद साहस बनाए रखना चाहिए।
- उनका शो जीवन की विफलताओं पर आधारित है।
- उनकी उम्र 70 वर्ष है, लेकिन वे अभी भी सक्रिय हैं।
मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 70 साल की आयु में भी हिंदी सिनेमा में अनुपम खेर का जादू जारी है। अभिनेता एक के बाद एक उपलब्धियों को छूते जा रहे हैं।
जहां एक ओर वह अपनी 55वीं फिल्म 'खोसला का घोसला-2' की शूटिंग में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर वह अपने ऑटोबायोग्राफी 'कुछ भी हो सकता है' का 499वां शो करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, आज अभिनेता थोड़ा चिंतित हैं क्योंकि उन्हें एक समस्या का सामना करना पड़ा है।
अनुपम खेर, जो कभी भी मुश्किल परिस्थितियों में हिम्मत नहीं हारते, आज 'शो मस्ट गो ऑन' का सही अर्थ समझ चुके हैं। उनका मानना है कि कठिनाइयों में भी जब साहस दर्द से बड़ा हो, तब कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती। दरअसल, अभिनेता के ऑटोबायोग्राफी शो 'कुछ भी हो सकता है' का आज 499वां शो है और इससे पहले ही उनके पैर में मोच आ गई है। फिर भी, वह तनाव के बावजूद आज के शो के लिए पूरी मेहनत से तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा, "मैंने हमेशा सुना है 'शो मस्ट गो ऑन।' मैं सोचता था, इसका असली मतलब क्या है? लेकिन आज मुझे समझ आया। इसका मतलब है कि ज़िंदगी आपके लिए सही परिस्थितियों का इंतज़ार नहीं करती। इसका मतलब है कि दर्द चुपचाप एक कोने में बैठा रह सकता है, जबकि साहस सबके सामने खड़ा रहेगा। इसका मतलब है कि मोच आया पैर आपके हौसले को नहीं तोड़ सकता।"
अभिनेता ने यह भी कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं, और मंजिल तक पहुँचने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि उनका ऑटोबायोग्राफी शो 'कुछ भी हो सकता है' उनके जीवन की विफलताओं की कहानी है, जिन पर वे स्वयं हंसते हैं और दर्शकों को भी हंसाने की कोशिश करते हैं। वह अकेले पूरा मंच संभालते हैं और स्क्रिप्ट 127 पन्नों की होती है।
कुल मिलाकर, अभिनेता आज सूजे पैर के साथ खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं।