दिल्ली हत्याकांड का फरार आरोपी वासिम लांबू नंदीग्राम से गिरफ्तार, दिल्ली में 125 मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को हत्या के एक वांछित आरोपी को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम से गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई इस संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी की पहचान वासिम लांबू के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ दिल्ली में 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद दिल्ली STF की टीम नंदीग्राम पहुँची और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। इसके बाद दोनों दलों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया और अंततः लांबू को केंडयामारी भल्लागे पंचायत के अंतर्गत चौरंगी बाजार क्षेत्र से दबोच लिया।
मिदनापुर जिला पुलिस के अनुसार, लांबू मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का निवासी है और पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रह रहा था। हत्या के मामले में वांछित होने के बाद वह फरार हो गया था, तब STF को सूचना मिली कि वह नंदीग्राम क्षेत्र में छिपा हुआ है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
लांबू पर हत्या के अलावा लूटपाट, अपहरण, दुष्कर्म, चोरी और पुलिस पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। दिल्ली में उसके विरुद्ध दर्ज 125 मामले उसे राजधानी के सबसे अधिक वांछित अपराधियों में से एक बनाते हैं। अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता बताया है।
पश्चिम बंगाल में हालिया सुरक्षा कार्रवाइयाँ
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियाँ सक्रिय हैं। इससे कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल पुलिस की STF ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति हमीम मंडल को पूर्वी बर्दवान जिले से गिरफ्तार किया था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, उसका कथित निशाना विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी थे।
जाँच में सामने आया कि हमीम और अर्पिता शाहजाद भट्टी एक पाकिस्तान-संबद्ध आतंकी नेटवर्क के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं। आरोप है कि इस नेटवर्क ने अर्पिता के माध्यम से हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के ज़रिए पश्चिम बंगाल के छह व्यक्तियों को निशाना बनाने की कोशिश की। इस मामले में STF ने हावड़ा जिले के आदित्य सिंह को भी गिरफ्तार किया, जो हमीम का कथित सहयोगी है।
आगे की कार्रवाई
वासिम लांबू को दिल्ली STF की हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए राजधानी ले जाया जाएगा। इस गिरफ्तारी से कई लंबित मामलों में जाँच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अंतर-राज्यीय सहयोग की यह मिसाल संगठित अपराध के विरुद्ध बहु-एजेंसी समन्वय की बढ़ती ज़रूरत को रेखांकित करती है।