भारत-थाईलैंड के बीच ऑनलाइन स्कैम रोकने पर बड़ी चर्चा, डिजिटल सहयोग को मिलेगी नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने 10 अगस्त 2026 को बैंकॉक में थाईलैंड के डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज कल्याण मंत्री चैचानोक चिदचोब से मुलाकात की। इस बैठक में ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने, डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर मौजूदा द्विपक्षीय समझौते के तहत सहयोग विस्तार और पर्यटकों की सुविधा के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को एकीकृत करने पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में क्या हुई चर्चा
थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत अग्रवाल ने मंत्री चैचानोक चिदचोब से शिष्टाचार भेंट की। दूतावास के अनुसार, बैठक में 'डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर मौजूदा द्विपक्षीय समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने, ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने और पर्यटकों की सुविधा के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को एकीकृत करने जैसे मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।' यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर अपराध और ऑनलाइन स्कैम तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
राजनयिक संबंधों की बड़ी तस्वीर
गौरतलब है कि यह बैठक भारत-थाईलैंड के बीच हाल के महीनों में बढ़ी राजनयिक सक्रियता की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है। पिछले महीने राजदूत अग्रवाल ने थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिपत रत्चाकितप्रकर्न से मुलाकात की थी, जिसमें समुद्री, हवाई और सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने पर चर्चा हुई थी। इससे पहले 16 जुलाई को राजदूत ने थाईलैंड के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीकी मामलों के विभाग की डायरेक्टर-जनरल उरासा मोंगकोलनाविन से भी भेंट की थी।
व्यापार और निवेश पर भी बातचीत
राजदूत अग्रवाल ने गवर्नमेंट हाउस में थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से भी मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने, एक-दूसरे के पूरक क्षेत्रों की पहचान करने, टैरिफ और नॉन-टैरिफ रुकावटों को दूर करने और संतुलित व्यापार सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।
रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैंकॉक दौरे के दौरान भारत और थाईलैंड ने अपने आपसी संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था। तब से दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों की गति उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जो इस साझेदारी को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की कोशिश को दर्शाती है।
आगे की राह
डिजिटल सहयोग, साइबर सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में इन बैठकों से जो सहमतियाँ बनी हैं, उनके आधार पर आने वाले महीनों में ठोस समझौतों और कार्ययोजनाओं की उम्मीद की जा रही है। भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी के तहत डिजिटल और आर्थिक सहयोग का यह नया अध्याय दोनों देशों के नागरिकों के लिए व्यापक अवसर लेकर आ सकता है।