10 अगस्त 2026
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भारत-थाईलैंड के बीच ऑनलाइन स्कैम रोकने पर बड़ी चर्चा, डिजिटल सहयोग को मिलेगी नई दिशा

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भारत-थाईलैंड के बीच ऑनलाइन स्कैम रोकने पर बड़ी चर्चा, डिजिटल सहयोग को मिलेगी नई दिशा

सारांश

भारतीय राजदूत पुनीत अग्रवाल की थाईलैंड के डिजिटल मंत्री से बैठक महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच दोनों देशों के बीच डिजिटल मोर्चे पर सहयोग को ठोस आकार देने की कोशिश थी, जो मोदी के बैंकॉक दौरे के बाद घोषित रणनीतिक साझेदारी को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की दिशा में एक अहम कदम है।

मुख्य बातें

राजदूत पुनीत अग्रवाल ने 10 अगस्त 2026 को बैंकॉक में थाईलैंड के डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज कल्याण मंत्री चैचानोक चिदचोब से मुलाकात की।
बैठक में ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने और डिजिटल इकोसिस्टम एकीकरण पर चर्चा हुई।
राजदूत ने थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से भी मिलकर टैरिफ बाधाएँ दूर करने और संतुलित व्यापार पर बात की।
पिछले साल PM नरेंद्र मोदी के बैंकॉक दौरे के बाद दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर आए थे।
16 जुलाई को राजदूत ने थाईलैंड के विदेश मंत्रालय की डीजी उरासा मोंगकोलनाविन से भी उच्च-स्तरीय दौरे और व्यापार पर विचार-विमर्श किया था।

थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने 10 अगस्त 2026 को बैंकॉक में थाईलैंड के डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज कल्याण मंत्री चैचानोक चिदचोब से मुलाकात की। इस बैठक में ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने, डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर मौजूदा द्विपक्षीय समझौते के तहत सहयोग विस्तार और पर्यटकों की सुविधा के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को एकीकृत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में क्या हुई चर्चा

थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत अग्रवाल ने मंत्री चैचानोक चिदचोब से शिष्टाचार भेंट की। दूतावास के अनुसार, बैठक में 'डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर मौजूदा द्विपक्षीय समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने, ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने और पर्यटकों की सुविधा के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को एकीकृत करने जैसे मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।' यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर अपराध और ऑनलाइन स्कैम तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

राजनयिक संबंधों की बड़ी तस्वीर

गौरतलब है कि यह बैठक भारत-थाईलैंड के बीच हाल के महीनों में बढ़ी राजनयिक सक्रियता की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है। पिछले महीने राजदूत अग्रवाल ने थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिपत रत्चाकितप्रकर्न से मुलाकात की थी, जिसमें समुद्री, हवाई और सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने पर चर्चा हुई थी। इससे पहले 16 जुलाई को राजदूत ने थाईलैंड के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीकी मामलों के विभाग की डायरेक्टर-जनरल उरासा मोंगकोलनाविन से भी भेंट की थी।

व्यापार और निवेश पर भी बातचीत

राजदूत अग्रवाल ने गवर्नमेंट हाउस में थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से भी मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने, एक-दूसरे के पूरक क्षेत्रों की पहचान करने, टैरिफ और नॉन-टैरिफ रुकावटों को दूर करने और संतुलित व्यापार सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।

रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैंकॉक दौरे के दौरान भारत और थाईलैंड ने अपने आपसी संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था। तब से दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों की गति उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जो इस साझेदारी को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की कोशिश को दर्शाती है।

आगे की राह

डिजिटल सहयोग, साइबर सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में इन बैठकों से जो सहमतियाँ बनी हैं, उनके आधार पर आने वाले महीनों में ठोस समझौतों और कार्ययोजनाओं की उम्मीद की जा रही है। भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी के तहत डिजिटल और आर्थिक सहयोग का यह नया अध्याय दोनों देशों के नागरिकों के लिए व्यापक अवसर लेकर आ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ठोस परिणामों — जैसे संयुक्त साइबर क्राइम टास्क फोर्स या डेटा-शेयरिंग प्रोटोकॉल — का अभी इंतज़ार है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और थाईलैंड के बीच ऑनलाइन स्कैम पर हुई बैठक में क्या तय हुआ?
10 अगस्त 2026 को बैंकॉक में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने ऑनलाइन घोटालों से निपटने के अनुभव साझा करने, डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर मौजूदा द्विपक्षीय समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने और पर्यटकों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम एकीकृत करने पर सहमति जताई। कोई औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
राजदूत पुनीत अग्रवाल ने थाईलैंड में हाल ही में किन-किन अधिकारियों से मुलाकात की है?
राजदूत अग्रवाल ने डिजिटल मंत्री चैचानोक चिदचोब के अलावा उप प्रधानमंत्री फिपत रत्चाकितप्रकर्न, विदेश मंत्रालय की डीजी उरासा मोंगकोलनाविन और व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी से भी मुलाकात की है। इन बैठकों में कनेक्टिविटी, व्यापार, निवेश और डिजिटल सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी कब और कैसे बनी?
पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैंकॉक दौरे के दौरान भारत और थाईलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था। तब से दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनयिक संपर्क काफी बढ़ा है।
भारत-थाईलैंड के बीच व्यापार सहयोग पर क्या बातचीत हुई?
राजदूत अग्रवाल और थाईलैंड के व्यापार प्रतिनिधि चुटिनटोर्न गोंगसाकडी के बीच बातचीत में एक-दूसरे के पूरक क्षेत्रों की पहचान, टैरिफ और नॉन-टैरिफ रुकावटों को दूर करने और आपसी फायदे के लिए संतुलित व्यापार सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।
ऑनलाइन स्कैम के मामले में थाईलैंड और भारत के लिए यह सहयोग क्यों ज़रूरी है?
दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर अपराध और ऑनलाइन स्कैम तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। थाईलैंड इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश है, और दोनों देशों के बीच अनुभव साझाकरण तथा डिजिटल इकोसिस्टम का एकीकरण इन खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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