अनुपम खेर ने 500वें शो पर दिया प्रेरक संदेश: 'हार मत मानो, कुछ भी संभव है'
सारांश
Key Takeaways
- अनुपम खेर का नाटक 'कुछ भी हो सकता है' 500 शो पूरे कर चुका है।
- उन्होंने जीवन में कठिनाइयों का सामना करने का महत्व बताया।
- दर्शकों के प्रति उनका आभार और सम्मान।
- थिएटर उनके अभिनय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- सपने देखने और उन्हें पूरा करने का जज्बा।
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने अपने अभिनय और अद्वितीय व्यक्तित्व के कारण दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है। फिल्मों के साथ-साथ, उन्हें थिएटर करना भी बेहद पसंद है। उनका एकल नाटक 'कुछ भी हो सकता है' दर्शकों के बीच काफी चर्चित है।
हाल ही में, अनुपम ने जयपुर में इस नाटक का 500वां शो सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। उन्होंने इस मौके की कुछ झलकियाँ शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा कीं। उन्होंने लिखा, "जयपुर 500वां शो, आभार।"
अनुपम खेर ने बताया कि गुरुवार रात को जयपुर में उन्होंने शो 'कुछ भी हो सकता है' का 500वां प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, "23 साल पहले जब इस नाटक की शुरुआत हुई थी, तब यह केवल मेरी जिंदगी की कहानी थी। इसमें मेरी असफलताएं, कठिनाइयाँ, उम्मीदें और कभी हार न मानने की भावना थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह व्यक्तिगत कहानी विश्वभर में फैल जाएगी और इतने लोगों के दिलों को छू लेगी।"
उन्होंने अपने निर्देशक फिरोज अब्बास खान, लेखक अशोक पटोले और पूरी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "ये लोग हर शो को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सबसे अधिक आभार उन दर्शकों का है, जिन्होंने पिछले 20 वर्षों से प्यार देकर इस नाटक का मान बनाए रखा।"
500 शो पूरे होने की खुशी में, उन्होंने लिखा, "500 शो पूरे होने के बाद भी मैं मंच पर उतने ही उत्साह और खुशी से खड़ा होता हूं, जितने पहले शो में था।"
उन्होंने एक प्रेरक संदेश साझा किया, "सपने इसलिए पूरे नहीं होते कि जिंदगी आसान होती है। सपने इसलिए पूरे होते हैं क्योंकि आप हार नहीं मानते और फिर सच में कुछ भी हो सकता है।"
अभिनेता ने अपनी बात को समाप्त करते हुए लिखा, "जयपुर में शो के लिए राज्यवर्धन सिंह राठौर जी का धन्यवाद। उनकी उपस्थिति, सराहना और सहयोग के लिए आभार। जय हो।"
अनुपम खेर अपने फिल्मों के साथ थिएटर को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। उनका मानना है कि थिएटर उनके अभिनय को और निखारता है। उन्होंने हाल ही में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा था, "यह मेरे अंदर के अभिनेता को जीवित रखता है। इसके माध्यम से मैं अपने अभिनय को बेहतर बनाता हूं।"