अनुपम खेर की भावनात्मक वापसी: थिएटर से फिर शुरू हुआ अभिनय का सफर
सारांश
Key Takeaways
- अनुपम खेर की 550वीं फिल्म की शूटिंग चल रही है।
- वे पृथ्वी थिएटर में अपने पुराने दिनों को याद कर रहे हैं।
- उनका नया नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' है।
- पुरानी यादें उन्हें नई प्रेरणा देती हैं।
- संघर्ष और मेहनत की असली परिभाषा समझने का मौका मिला।
मुंबई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अनुपम खेर, जो चार दशकों से अधिक के करियर में अपनी 550वीं फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, अपने थिएटर के पुराने दिनों की यादों को फिर से जी रहे हैं।
अभिनेता के लिए फिल्मी करियर की शुरुआत कभी आसान नहीं रही। इसलिए, वे हर दिन कुछ नया सीखने के लिए तत्पर रहते हैं। अब वे उसी स्थान पर पहुँच गए हैं, जहाँ से उन्होंने थिएटर और अभिनय की शुरुआत की थी।
पृथ्वी थिएटर ने कई सितारों को सफलता की ओर बढ़ने का मौका दिया है, और उनमें से एक अनुपम खेर भी हैं, जिन्होंने यहाँ अपने पहले नाटक 'डिजायर अंडर द एल्म्स' का प्रदर्शन किया था और इसके लिए घंटों का अभ्यास किया।
आज, वे उसी जगह पर अपने नए नाटक की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पुरानी यादों के कारण उन्हें नई प्ले की लाइनें याद करना कठिन हो रहा है।
पृथ्वी थिएटर का एक वीडियो शेयर करते हुए, अभिनेता ने लिखा, "पृथ्वी थिएटर और मेरा संबंध... 1982 में, मैंने यहाँ अपना पहला नाटक 'डिजायर अंडर द एल्म्स' प्रस्तुत किया था। उस समय मैं अनुभवहीन, घबराया हुआ लेकिन आशाओं से भरा हुआ था। इस थिएटर ने मुझे केवल एक मंच नहीं दिया, बल्कि मुझे एक امید भी दी। मैंने यहाँ निर्माताओं, निर्देशकों और नए साथियों से मिलने का अवसर पाया।"
उन्होंने आगे लिखा, "आज जब मैं अपने नए नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' की तैयारी कर रहा हूँ, तो मैं खुद को सुबह-सुबह पृथ्वी थिएटर में वापस जाते हुए पाता हूँ, जब वहाँ शांति होती है। वहां बैठकर, अपने संवादों का अभ्यास करते हुए, मुझे वही भूख, वही उत्साह और वही कृतज्ञता का अनुभव होता है।"
सच है कि कुछ यात्रा एक ही स्थान पर लौट आती हैं, जहाँ से जीवन की नई शुरुआत होती है। यह क्षण हर किसी के लिए भावुक होता है, क्योंकि जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तब मेहनत, लगन, और संघर्ष की असली परिभाषा सामने आती है। इस भावनात्मक अनुभव से अनुपम खेर गुजर रहे हैं।