11 अगस्त 2026
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ईरान उपराष्ट्रपति आरिफ का ऐलान: साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा को बनाएंगे अभेद्य

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ईरान उपराष्ट्रपति आरिफ का ऐलान: साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा को बनाएंगे अभेद्य

सारांश

ईरान के उपराष्ट्रपति आरिफ ने तेहरान में साफ कहा — साइबर मोर्चे पर कोई ढील नहीं। अमेरिका-इजराइल से दो संघर्षों के बाद ईरान अब तकनीकी और निष्क्रिय रक्षा को अभेद्य बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

मुख्य बातें

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने तेहरान में साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा को और मजबूत करने का आह्वान किया।
आरिफ के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने जून 2025 में ईरान पर पहला सैन्य अभियान चलाया, जो 12 दिन चला।
दूसरा सैन्य हमला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और 40 दिन बाद अप्रैल में रुका — यह ईरानी सरकार का दावा है।
आरिफ ने दावा किया कि ईरान के प्रतिरोध ने विरोधियों को दोनों बार युद्धविराम स्वीकार करने पर मजबूर किया।
ईरान का लक्ष्य उन्नत तकनीक में क्षेत्रीय अग्रणी बनना और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाना है।

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने तेहरान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास मुख्यालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि देश की साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा व्यवस्था को हर हाल में और सुदृढ़ किया जाएगा। आरिफ के अनुसार, विरोधी ताकतें ईरान को नुकसान पहुँचाने के अवसर की तलाश में लगातार सक्रिय हैं, इसलिए देश को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहना होगा।

बैठक में क्या कहा आरिफ ने

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्टों के अनुसार, आरिफ ने कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना महज एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य रणनीतिक आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'दुश्मन हाल की अपनी हार के बावजूद साजिशें रचना बंद नहीं करेगा और हमारे देश को नुकसान पहुँचाने का मौका तलाशता रहेगा।' उन्होंने निष्क्रिय रक्षा पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

तकनीकी नेतृत्व का लक्ष्य

आरिफ ने कहा कि इस्लामी क्रांति के नेता द्वारा निर्धारित विकास दृष्टि कार्यक्रम के अंतर्गत ईरान को उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षेत्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल करना है और वैश्विक मंच पर भी प्रभावशाली भूमिका निभानी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर पश्चिमी देशों के तकनीकी प्रतिबंध जारी हैं।

दो युद्धों का संदर्भ

आरिफ ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने जून 2025 में ईरान के खिलाफ पहला सैन्य अभियान चलाया, जो 12 दिन तक चला। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को दूसरा सैन्य हमला शुरू हुआ, जो 40 दिन बाद अप्रैल 2026 की शुरुआत में रुक गया। गौरतलब है कि ये दावे ईरानी सरकार के आधिकारिक बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

ईरान के प्रतिरोध का दावा

आरिफ ने दावा किया कि दोनों संघर्षों में ईरान के मजबूत प्रतिरोध और जवाबी सैन्य अभियानों ने विरोधियों को युद्धविराम स्वीकार करने पर विवश किया। उन्होंने इसे ईरान की रणनीतिक क्षमता का प्रमाण बताया और कहा कि इसी अनुभव के आधार पर साइबर और निष्क्रिय रक्षा को और सशक्त बनाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले समय में ईरान की तकनीकी और रक्षा नीति की दिशा इसी रणनीति पर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता स्वतंत्र सत्यापन के बिना अधूरी रहती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के उपराष्ट्रपति आरिफ ने साइबर सुरक्षा पर क्या कहा?
मोहम्मद रजा आरिफ ने तेहरान में कहा कि साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा को मजबूत करना ईरान की अनिवार्य रणनीतिक जरूरत है। उन्होंने चेताया कि विरोधी हार के बावजूद साजिशें रचना बंद नहीं करेंगे।
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच कौन से दो युद्ध हुए?
आरिफ के दावे के अनुसार, पहला सैन्य अभियान जून 2025 में शुरू हुआ और 12 दिन चला। दूसरा हमला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और 40 दिन बाद अप्रैल 2026 में रुका। ये ईरानी सरकार के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
ईरान का तकनीकी विकास में क्या लक्ष्य है?
आरिफ ने कहा कि इस्लामी क्रांति के नेता के विकास दृष्टि कार्यक्रम के तहत ईरान को उन्नत तकनीक में क्षेत्रीय स्तर पर अग्रणी बनना है और वैश्विक मंच पर प्रभावशाली भूमिका निभानी है।
निष्क्रिय रक्षा (Passive Defence) से ईरान का क्या मतलब है?
निष्क्रिय रक्षा में वे उपाय शामिल हैं जो बिना आक्रामक कार्रवाई के देश के बुनियादी ढाँचे, संचार और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को दुश्मन के हमलों से सुरक्षित रखते हैं। आरिफ ने इसे साइबर सुरक्षा के साथ-साथ प्राथमिकता देने को कहा।
आरिफ की बैठक कहाँ हुई और इसका महत्व क्या है?
यह बैठक तेहरान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास मुख्यालय में हुई। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि दो सैन्य संघर्षों के बाद ईरान ने पहली बार उच्च स्तर पर साइबर और निष्क्रिय रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।
राष्ट्र प्रेस
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