11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

HCLTech का हैकर दावों पर जवाब: 'सिस्टम में सेंध के सबूत नहीं, ग्राहक डेटा पूरी तरह सुरक्षित'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
HCLTech का हैकर दावों पर जवाब: 'सिस्टम में सेंध के सबूत नहीं, ग्राहक डेटा पूरी तरह सुरक्षित'

सारांश

एचसीएलटेक ने हैकर समूह के डेटा लीक दावों को खारिज किया — प्रारंभिक जांच में सिस्टम में सेंध का कोई सबूत नहीं। कथित डेटा सीमित और कई वर्ष पुराना बताया गया। यह घटना ऐसे वक्त आई जब TCS भी इसी तरह के दावों का सामना कर चुकी है, जो भारतीय आईटी क्षेत्र पर बढ़ते साइबर दबाव को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

एचसीएलटेक ने 11 अगस्त 2025 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि हैकर समूह के दावों की जांच में सिस्टम में सेंधमारी का कोई प्रमाण नहीं मिला।
कंपनी के अनुसार कथित डेटा सीमित मात्रा में और कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है।
ग्राहकों की परियोजनाओं और डिजिटल वातावरण पर कोई असर नहीं; विस्तृत जांच अभी जारी।
TCS भी इससे पहले ऐसे ही दावों का सामना कर चुकी है — उसकी जांच में भी कथित डेटा चार वर्ष से अधिक पुराना और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित पाया गया।
एचसीएलटेक के शेयर खबर के समय NSE पर 0.57% की बढ़त के साथ ₹1,365 पर कारोबार कर रहे थे।

एचसीएलटेक ने 11 अगस्त 2025 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए स्पष्ट किया कि एक हैकर समूह द्वारा कर्मचारियों का डेटा लीक होने के दावों की प्रारंभिक जांच में कंपनी के किसी भी सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश का कोई प्रमाण नहीं मिला है। कंपनी ने यह भी कहा कि न तो उसके आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर और न ही किसी ग्राहक की परियोजना या डिजिटल वातावरण पर कोई असर पड़ा है।

क्या था हैकर ग्रुप का दावा

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक हैकर समूह के उस दावे का उल्लेख किया गया था, जिसमें एचसीएलटेक के कर्मचारियों से संबंधित कुछ डेटा के सार्वजनिक होने की बात कही गई थी। इन दावों के सामने आते ही कंपनी ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू की।

कंपनी ने अपने बयान में कहा, 'प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि कथित डेटा सीमित मात्रा में हो सकता है और यह कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है।' कंपनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विस्तृत समीक्षा अभी जारी है।

कंपनी का आधिकारिक रुख

एचसीएलटेक ने स्पष्ट किया कि अब तक उसे किसी भी सिस्टम में साइबर सुरक्षा उल्लंघन का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला है। ग्राहकों के साथ चल रही परियोजनाओं या उनके डेटा पर भी किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव सामने नहीं आया है।

कंपनी ने कहा, 'साइबर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और हमें सौंपी गई सूचनाओं की रक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है, तो उसे नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सार्वजनिक किया जाएगा।

टीसीएस पर भी उठे थे ऐसे ही सवाल

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की एक अन्य प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी इसी प्रकार के दावों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। TCS ने अपनी जांच में कहा था कि उसे भी अपने सिस्टम या ग्राहकों के डिजिटल वातावरण में किसी सेंधमारी का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।

TCS के अनुसार, साइबर खुफिया अलर्ट्स में जिन सूचनाओं का उल्लेख था, वे चार वर्ष से अधिक पुरानी थीं और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित थीं। कंपनी ने यह भी बताया था कि कथित हमलावर ने 'पासवर्ड स्प्रेइंग' और 'मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) फटीग' जैसी तकनीकों के इस्तेमाल का दावा किया था, हालांकि जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी।

शेयर बाज़ार पर असर

इस घटनाक्रम के बावजूद एचसीएलटेक के शेयरों में सकारात्मक रुझान देखा गया। खबर लिखे जाने के समय कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 0.57% की बढ़त के साथ ₹1,365 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह घटना भारतीय आईटी क्षेत्र पर बढ़ते साइबर खतरों की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है। एचसीएलटेक की विस्तृत जांच अभी जारी है और कंपनी ने संकेत दिया है कि नियामकीय ज़रूरत पड़ने पर वह अपडेट साझा करेगी। निवेशकों और ग्राहकों की नज़र अब जांच के अंतिम नतीजों पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित छोड़ता है कि पुराना डेटा भी सार्वजनिक क्यों हुआ। जब तक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट के नतीजे सामने नहीं आते, 'कोई सबूत नहीं' और 'कुछ हुआ नहीं' के बीच का फ़र्क निवेशकों और ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचसीएलटेक पर हैकर समूह ने क्या दावा किया था?
एक हैकर समूह ने कथित तौर पर एचसीएलटेक के कर्मचारियों से संबंधित कुछ डेटा सार्वजनिक होने का दावा किया था, जिसका उल्लेख मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया। कंपनी ने इन दावों के बाद तत्काल जांच शुरू की।
एचसीएलटेक की जांच में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में एचसीएलटेक के किसी भी सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश या साइबर सुरक्षा उल्लंघन का कोई प्रमाण नहीं मिला। कंपनी ने कहा कि कथित डेटा सीमित मात्रा में और कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है।
क्या एचसीएलटेक के ग्राहकों का डेटा सुरक्षित है?
हाँ, एचसीएलटेक ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों की चल रही परियोजनाओं और उनके डिजिटल वातावरण पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा है। विस्तृत जांच जारी है और कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर नियामकीय आवश्यकताओं के अनुसार सार्वजनिक किया जाएगा।
टीसीएस के मामले में क्या हुआ था?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी इसी तरह के दावों का सामना करना पड़ा था। टीसीएस ने जांच में पाया कि कथित डेटा चार वर्ष से अधिक पुराना था और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित था; ग्राहक डेटा या सिस्टम प्रभावित नहीं हुए।
इस खबर का एचसीएलटेक के शेयरों पर क्या असर पड़ा?
खबर के बावजूद एचसीएलटेक के शेयरों में सकारात्मक रुझान रहा। NSE पर कंपनी के शेयर 0.57% की बढ़त के साथ ₹1,365 के स्तर पर कारोबार करते देखे गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले