HCLTech का हैकर दावों पर जवाब: 'सिस्टम में सेंध के सबूत नहीं, ग्राहक डेटा पूरी तरह सुरक्षित'
सारांश
मुख्य बातें
एचसीएलटेक ने 11 अगस्त 2025 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए स्पष्ट किया कि एक हैकर समूह द्वारा कर्मचारियों का डेटा लीक होने के दावों की प्रारंभिक जांच में कंपनी के किसी भी सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश का कोई प्रमाण नहीं मिला है। कंपनी ने यह भी कहा कि न तो उसके आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर और न ही किसी ग्राहक की परियोजना या डिजिटल वातावरण पर कोई असर पड़ा है।
क्या था हैकर ग्रुप का दावा
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक हैकर समूह के उस दावे का उल्लेख किया गया था, जिसमें एचसीएलटेक के कर्मचारियों से संबंधित कुछ डेटा के सार्वजनिक होने की बात कही गई थी। इन दावों के सामने आते ही कंपनी ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू की।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, 'प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि कथित डेटा सीमित मात्रा में हो सकता है और यह कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है।' कंपनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विस्तृत समीक्षा अभी जारी है।
कंपनी का आधिकारिक रुख
एचसीएलटेक ने स्पष्ट किया कि अब तक उसे किसी भी सिस्टम में साइबर सुरक्षा उल्लंघन का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला है। ग्राहकों के साथ चल रही परियोजनाओं या उनके डेटा पर भी किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव सामने नहीं आया है।
कंपनी ने कहा, 'साइबर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और हमें सौंपी गई सूचनाओं की रक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है, तो उसे नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सार्वजनिक किया जाएगा।
टीसीएस पर भी उठे थे ऐसे ही सवाल
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की एक अन्य प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी इसी प्रकार के दावों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। TCS ने अपनी जांच में कहा था कि उसे भी अपने सिस्टम या ग्राहकों के डिजिटल वातावरण में किसी सेंधमारी का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।
TCS के अनुसार, साइबर खुफिया अलर्ट्स में जिन सूचनाओं का उल्लेख था, वे चार वर्ष से अधिक पुरानी थीं और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित थीं। कंपनी ने यह भी बताया था कि कथित हमलावर ने 'पासवर्ड स्प्रेइंग' और 'मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) फटीग' जैसी तकनीकों के इस्तेमाल का दावा किया था, हालांकि जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी।
शेयर बाज़ार पर असर
इस घटनाक्रम के बावजूद एचसीएलटेक के शेयरों में सकारात्मक रुझान देखा गया। खबर लिखे जाने के समय कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 0.57% की बढ़त के साथ ₹1,365 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह घटना भारतीय आईटी क्षेत्र पर बढ़ते साइबर खतरों की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है। एचसीएलटेक की विस्तृत जांच अभी जारी है और कंपनी ने संकेत दिया है कि नियामकीय ज़रूरत पड़ने पर वह अपडेट साझा करेगी। निवेशकों और ग्राहकों की नज़र अब जांच के अंतिम नतीजों पर टिकी है।