जेईई एडवांस्ड डेटा लीक के दावे निराधार: शिक्षा मंत्रालय और आईआईटी रुड़की ने एक्स पर दिया स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 5 जून 2026 को जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (एडवांस्ड) में डेटा लीक और निजता उल्लंघन के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आईआईटी रुड़की द्वारा संचालित इस परीक्षा में 1.79 लाख से अधिक छात्रों की कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है और परीक्षा परिणाम, अंक तथा उम्मीदवारों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा, 'जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा देने वाले छात्रों के डेटा लीक और प्राइवेसी उल्लंघन के बारे में कई गुमराह करने वाली और तथ्यात्मक रूप से गलत खबरें सामने आई हैं।' मंत्रालय ने परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा कम करने की कोशिशों की कड़ी निंदा की।
आईआईटी रुड़की ने भी स्वतंत्र रूप से इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी 'भ्रामक है और वास्तविक घटना को सही ढंग से नहीं दर्शाती।'
तकनीकी घटना का वास्तविक स्वरूप
2 जून को एडमिट कार्ड डेटा तक पहुँच में आ रही दिक्कतों को दूर करने और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आईआईटी रुड़की ने कुछ तकनीकी बदलाव किए थे। इन बदलावों के कारण क्लाउड स्टोरेज कंपोनेंट में बेहद कम समय के लिए एक मामूली गलत कॉन्फिगरेशन उत्पन्न हुई।
एथिकल हैकर राइलेन अनिल ने इस गलत कॉन्फिगरेशन की पहचान कर संस्थान को सूचित किया कि वे संबंधित डेटाबेस तक पहुँच सकते हैं। संस्थान ने इस समस्या को तत्काल ठीक कर डेटा तक पहुँच सीमित कर दी।
आईआईटी रुड़की के अनुसार, प्रभावित स्टोरेज 'रीड-ओनली' था — अर्थात कोई भी डेटा संपादित या हटाया नहीं जा सका। क्लाउड एक्सेस लॉग के विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कोई बल्क डाउनलोड नहीं हुआ और रीड-ओनली एक्सेस कुल डेटा के 0.05 प्रतिशत से भी कम हिस्से तक सीमित रहा।
परीक्षा परिणामों पर कोई असर नहीं
संस्थान ने स्पष्ट किया कि इस तकनीकी घटना का परीक्षा परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उम्मीदवारों के अंक, रैंक और श्रेणी — सभी पूर्णतः सुरक्षित और अपरिवर्तित हैं। आईआईटी रुड़की ने यह भी कहा कि वह जेईई (एडवांस्ड) और जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया की अखंडता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नीट-यूजी विवाद की पृष्ठभूमि में उठे सवाल
गौरतलब है कि जेईई एडवांस्ड को लेकर ये अफवाहें ऐसे समय में आई हैं जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पेपर लीक के कारण नीट-यूजी 2026 रद्द कर चुकी है और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीट विवाद की पृष्ठभूमि में किसी भी परीक्षा प्रणाली से जुड़ी खबर तेज़ी से वायरल होती है, जिससे भ्रामक सूचनाओं के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
जेईई एडवांस्ड देश के 23 प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए अनिवार्य क्वालिफाइंग परीक्षा है। आईआईटी रुड़की ने कहा है कि इस तकनीकी घटना को जानबूझकर गलत तरीके से पेश करने के प्रयास 'बेहद चिंताजनक' हैं और इन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
आगे की राह
आईआईटी रुड़की ने आश्वस्त किया है कि जेईई (एडवांस्ड) टीम आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में सुचारू और सुरक्षित प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से प्रत्येक उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए तत्पर है। JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।