सीयूईटी यूजी 2026: तकनीकी गड़बड़ी से परीक्षा सवा दो घंटे देरी से शुरू, एनटीए ने माँगी माफी
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब शनिवार, 30 मई 2026 को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) 2026 की परीक्षा देशभर के केंद्रों पर तकनीकी खराबी के चलते निर्धारित समय सुबह 9 बजे की बजाय सुबह 11:23 बजे तक भी शुरू नहीं हो सकी। परीक्षा के पहले ही दिन लगभग सवा दो घंटे की यह देरी लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराज़गी का कारण बनी।
तकनीकी गड़बड़ी का कारण
बताया गया है कि ऑनलाइन पेपर समय पर अपलोड नहीं हो सका, जिसके चलते पहले सत्र की परीक्षा शुरू करने में भारी विलंब हुआ। एनटीए ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि सीयूईटी यूजी 2026 परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी मेसर्स टीसीएस की ओर से तकनीकी खराबी के कारण कुछ केंद्रों पर पहले सत्र में देरी हुई। एनटीए के अनुसार, समस्या का समाधान कर लिया गया और परीक्षा पूर्ण समय सीमा के साथ आयोजित की गई।
दोपहर सत्र के समय में बदलाव
पहले सत्र में हुई देरी के प्रभाव को देखते हुए एनटीए ने दोपहर सत्र के समय में भी संशोधन किया। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर सत्र के लिए छात्रों का रिपोर्टिंग और प्रवेश समय दोपहर 2:30 बजे निर्धारित किया गया, जबकि परीक्षा प्रारंभ का समय पूर्व निर्धारित दोपहर 3:00 बजे के स्थान पर शाम 4:00 बजे कर दिया गया। एनटीए ने यह भी सुनिश्चित किया कि सुबह के सत्र के सभी छात्रों को परीक्षा की पूरी अवधि मिले और वे परीक्षा समाप्त होने के बाद ही केंद्र से बाहर जाएँ।
छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश
परीक्षा केंद्रों के बाहर घंटों इंतजार करते छात्रों और उनके माता-पिता में एनटीए के प्रति तीव्र नाराज़गी देखी गई। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब एनटीए किसी बड़ी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आलोचनाओं के घेरे में आई हो। इससे पहले भी नीट और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर एनटीए की कार्यप्रणाली पर व्यापक सवाल उठ चुके हैं।
एनटीए की खेद अभिव्यक्ति
एनटीए ने पहले सत्र में हुई देरी और इससे हुई असुविधा के लिए छात्रों और अभिभावकों से खेद व्यक्त किया। संस्था ने आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र को परीक्षा अवधि के मामले में नुकसान नहीं होगा। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि महज माफी पर्याप्त नहीं है और एनटीए को अपनी तकनीकी अवसंरचना को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
आगे क्या
सीयूईटी यूजी 2026 की परीक्षा अभी कई दिनों तक जारी रहनी है। यह देखना होगा कि एनटीए और मेसर्स टीसीएस आने वाले सत्रों में तकनीकी व्यवधान से बचने के लिए क्या उपाय करते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बार-बार होने वाली चूकें राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गहरा असर डालती हैं।