सीयूईटी-यूजी 2026 में तकनीकी खराबी: सरिता विहार, लखनऊ, नोएडा में 2 घंटे देरी, NTA ने दोबारा परीक्षा का दिया आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा 30 मई 2026 को देशभर के कई केंद्रों पर गंभीर तकनीकी व्यवधान की भेंट चढ़ गई। नई दिल्ली के सरिता विहार, उत्तर प्रदेश के लखनऊ और नोएडा के सेक्टर 64 सहित अनेक परीक्षा केंद्रों पर सर्वर फेल होने के कारण पहली पाली की परीक्षा करीब दो घंटे देरी से शुरू हुई, जबकि दूसरी पाली एक घंटे विलंब से आरंभ हो सकी। कुछ केंद्रों पर छात्र तकनीकी बाधा के चलते परीक्षा पूरी ही नहीं कर पाए।
मुख्य घटनाक्रम
सरिता विहार स्थित परीक्षा केंद्र पर सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा सर्वर की समस्या के कारण 11:20 बजे तक आरंभ नहीं हो सकी। एक अभिभावक ने बताया कि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और परीक्षा सुचारु रूप से चलने लगी। दूसरी पाली, जो दोपहर 3 बजे निर्धारित थी, शाम 4 बजे तक टलती रही।
लखनऊ में एक छात्र ने बताया कि वे सुबह 7 बजे ही केंद्र पर पहुँच गए थे। गेट 8:30 बजे बंद हुआ, लेकिन परीक्षा 11 से 11:30 बजे के बीच शुरू हो सकी। एक अन्य छात्र के अनुसार, केंद्र के भीतर से सूचना दी गई कि तकनीकी दिक्कतों के कारण देरी हो रही है, परंतु कोई बड़ा व्यवधान नहीं था।
नोएडा में हंगामा, छात्रों को धमकाने का आरोप
नोएडा के सेक्टर 64 स्थित केंद्र पर स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण रही। छात्र विश्वजीत ने बताया कि लगभग सभी परीक्षार्थी समय पर पहुँचे थे, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हुई और पर्यवेक्षकों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। घंटों तक भूखे-प्यासे बैठने के बाद छात्रों को बताया गया कि परीक्षा नहीं होगी, जिस पर कुछ ने विरोध शुरू किया।
विश्वजीत के अनुसार, विरोध करने वाले छात्रों को कथित तौर पर धमकाकर केंद्र से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें NTA की ओर से नोटिफिकेशन मिला कि परीक्षा में देरी हुई है — जो जानकारी उन्हें केंद्र पर मौजूद रहते मिलनी चाहिए थी।
NTA की प्रतिक्रिया और राहत उपाय
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया कि 30 मई 2026 को तकनीकी बाधा के कारण कुछ सीयूईटी-यूजी 2026 अभ्यर्थियों को असुविधा हुई, जिसके लिए उसने खेद व्यक्त किया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों ने बायोमेट्रिक पंजीकरण करा लिया था और पहली पाली के लिए केंद्र पर उपस्थित थे, किंतु तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके, उन्हें दोबारा परीक्षा का अवसर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सीयूईटी तकनीकी विफलताओं की चपेट में आई हो। पिछले वर्षों में भी इस परीक्षा में सर्वर क्रैश और केंद्र-स्तरीय अव्यवस्था की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर लगता रहा है।
आम जनता और छात्रों पर असर
केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में जमा अभिभावकों ने चिंता और निराशा जाहिर की। घंटों की प्रतीक्षा, अपर्याप्त संचार और परीक्षा रद्द होने की अफवाहों ने छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ाया। यह ऐसे समय में आया है जब सीयूईटी देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश का एकमात्र माध्यम बन चुकी है और लाखों छात्रों की उच्च शिक्षा की राह इसी परीक्षा से होकर गुजरती है।
आगे क्या होगा
NTA ने दोबारा परीक्षा का आश्वासन दिया है, लेकिन इसकी तारीख और प्रक्रिया अभी घोषित नहीं की गई है। प्रभावित छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट की निगरानी करते रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा बुनियादी ढाँचे की व्यापक समीक्षा आवश्यक है।