सीबीएसई ओएसएम विवाद: कोएम्प्ट एडुटेक ने कहा — गड़बड़ी सॉफ्टवेयर में नहीं, मानवीय चूक थी; सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े विवाद पर 18 जून 2026 को शिक्षा-तकनीक कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक ने अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा और सभी प्रमुख आरोपों को खारिज किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि एक छात्र को दूसरे छात्र की उत्तरपुस्तिका मिलने की घटना तकनीकी खामी नहीं, बल्कि भौतिक स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान हुई मानवीय चूक थी। साथ ही कंपनी ने दावा किया कि उसकी परिचालन प्रणाली पर कोई साइबर सेंध नहीं लगी।
मानवीय चूक की पहचान हुई, सॉफ्टवेयर क्लीनचिट
जिस घटना में एक CBSE छात्र को किसी अन्य छात्र की उत्तरपुस्तिका उपलब्ध करा दी गई थी, उस पर कोएम्प्ट एडुटेक ने कहा कि 100 प्रतिशत आंतरिक जांच के बाद यह सिद्ध हुआ है कि तकनीकी स्तर पर कोई त्रुटि नहीं थी। कंपनी के अनुसार, 'हमने उस स्थान और संबंधित कर्मचारी की पहचान कर ली है, जिसने स्कैनिंग की थी।' यह समस्या स्कैनिंग के दौरान हुई मानवीय भूल से जुड़ी बताई गई है।
धुंधली इमेज वाले मामलों पर कंपनी ने कहा कि ऐसे प्रकरणों की समीक्षा संबंधित मूल्यांकन प्राधिकरणों के साथ मिलकर की जा रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि उत्तरपुस्तिकाओं तक पहुँच के लिए आवेदन करने वाले लगभग 95 प्रतिशत छात्रों को उनकी उत्तरपुस्तिकाएँ सफलतापूर्वक उपलब्ध करा दी गई हैं।
एथिकल हैकर वाला सर्वर था केवल टेस्टिंग के लिए
एक 19 वर्षीय एथिकल हैकर द्वारा कंपनी के प्लेटफॉर्म में सेंध लगाने के दावे पर कोएम्प्ट ने स्पष्ट किया कि हैकर ने जिस सर्वर तक पहुँच बनाई, वह केवल आंतरिक परीक्षण और डमी टेस्ट के लिए उपयोग होने वाला टेस्टिंग सर्वर था। कंपनी के अनुसार, 'यह सर्वर सार्वजनिक रूप से सुलभ है और किसी भी क्लाइंट के वास्तविक डेटा या सेवाओं से इसका कोई संबंध नहीं है।'
कंपनी ने दावा किया कि उसकी वास्तविक परिचालन प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है — न किसी छात्र का डेटा प्रभावित हुआ और न ही तकनीकी ढाँचे से कोई समझौता हुआ।
स्कैनर की गुणवत्ता और टेंडर आरोपों पर सफाई
कंपनी ने यह भी कहा कि उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्कैनर उद्योग में प्रचलित मानक एवं उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण हैं, जिनमें हर वर्ष तकनीकी अपग्रेडेशन किया जाता है। टेंडर शर्तों में बदलाव कर निम्न गुणवत्ता वाले उपकरण शामिल करने के आरोपों को कंपनी ने सिरे से नकार दिया। कोएम्प्ट एडुटेक ने यह भी कहा कि उसके सभी रिकॉर्ड सरकारी जाँच और समीक्षा के लिए पूरी तरह खुले हैं।
कंपनी का दायरा और परिचालन पैमाना
गौरतलब है कि कोएम्प्ट एडुटेक वर्तमान में देश के 35 से अधिक विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सेवाएँ प्रदान करती है। कंपनी हर साल लगभग 2 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का डिजिटाइजेशन, ऑन-स्क्रीन मार्किंग, AI-सहायता प्राप्त मूल्यांकन और प्रश्नपत्र प्रबंधन जैसी सेवाएँ संभालती है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कक्षा 12 की उत्तरपुस्तिकाओं के OSM-आधारित मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा कमजोरियों के आरोप सामने आए थे।
आगे क्या होगा
कंपनी के स्पष्टीकरण के बाद अब नज़रें CBSE और संबंधित सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि करोड़ों छात्रों के मूल्यांकन डेटा की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष ऑडिट की आवश्यकता हो सकती है, ताकि सार्वजनिक विश्वास बहाल हो सके।