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घुटना संचालन योग: जोड़ों के दर्द से राहत की सही विधि, आयुष मंत्रालय ने बताए चरण

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घुटना संचालन योग: जोड़ों के दर्द से राहत की सही विधि, आयुष मंत्रालय ने बताए चरण

सारांश

घंटों बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए आयुष मंत्रालय ने घुटना संचालन योग की विधि साझा की है। यह सरल अभ्यास घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मज़बूत बनाता है, रक्त संचार सुधारता है — लेकिन गठिया या हालिया सर्जरी वालों को सावधानी बरतनी है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने एक्स पर घुटना संचालन योग की पूरी विधि साझा की।
यह अभ्यास घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मज़बूत बनाता है और रक्त संचार सुधारता है।
शुरुआत में 2 चक्र करें, धीरे-धीरे 3 से 5 बार तक बढ़ाएं।
अभ्यास के दौरान श्वास सहज रखें, झटके से कोई गति न करें।
गठिया के गंभीर दर्द , सूजन या हालिया सर्जरी की स्थिति में यह अभ्यास वर्जित है।

घुटना संचालन योग की उन आरंभिक क्रियाओं में से एक है जो घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मज़बूत बनाने में विशेष रूप से सहायक मानी जाती है। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए इस अभ्यास की पूरी विधि साझा की है, जो आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती जोड़ों की जकड़न और दर्द की समस्या के बीच विशेष रूप से प्रासंगिक है।

क्यों ज़रूरी है घुटना संचालन

आजकल की दिनचर्या में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि का अभाव और बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में आने वाली जकड़न एक आम समस्या बन चुकी है। घुटना संचालन शरीर को भीतर से सक्रिय करता है — रक्त संचार को बेहतर बनाता है, मांसपेशियों को गर्म करता है और उन्हें आगे के योगाभ्यास के लिए तैयार करता है। यह ऐसे समय में और भी ज़रूरी हो जाता है जब जोड़ों की तकलीफ़ कम उम्र के लोगों में भी देखी जाने लगी है।

अभ्यास की सही विधि

आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास को शुरू करने के लिए किसी शांत और हवादार स्थान पर चटाई बिछाकर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच लगभग एक फुट की दूरी रखें और रीढ़ को सीधा रखें।

इसके बाद श्वास लेते हुए दोनों भुजाओं को धीरे-धीरे कंधों के स्तर तक ऊपर उठाएं — हथेलियाँ नीचे की ओर और भुजाएं जमीन के समानांतर रहें। फिर श्वास छोड़ते हुए घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें और शरीर को अर्ध-बैठी अवस्था में लाएं — जैसे किसी कुर्सी पर बैठने की तैयारी हो।

इस स्थिति में पीठ सीधी, पेट अंदर और कंधे ढीले रखें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रुकें — दोनों भुजाएं और घुटने जमीन के समानांतर, दृष्टि सामने। इसके बाद श्वास लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को सीधा करें और भुजाओं को नीचे लाएं। यह एक चक्र है।

कितनी बार करें

शुरुआत में इस अभ्यास को दो बार दोहराने की सलाह दी गई है। धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार इसे 3 से 5 बार तक बढ़ाया जा सकता है। अभ्यास पूरा होने के बाद सामान्य स्थिति में लौटकर कुछ देर विश्राम करें।

सावधानियाँ और किसे नहीं करना चाहिए

आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभ्यास के दौरान श्वास सहज और सामान्य रखना अनिवार्य है — न रोकें, न झटके से कोई गति करें। यदि अभ्यास के दौरान घुटनों या कमर में तीव्र दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

विशेष रूप से गठिया (आर्थराइटिस) के गंभीर दर्द, सूजन या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में यह अभ्यास बिल्कुल न करें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।

नियमित और सही विधि से किया गया घुटना संचालन धीरे-धीरे जोड़ों की लचक और मज़बूती में सुधार ला सकता है — बशर्ते इसे सावधानी और धैर्य के साथ अपनाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सराहनीय है — लेकिन एक पोस्ट में दी गई विधि और चेतावनियाँ किसी प्रशिक्षित योग चिकित्सक की देखरेख का विकल्प नहीं हो सकतीं। जोड़ों की समस्याएं व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग होती हैं और सामान्यीकृत निर्देश कभी-कभी नुकसानदेह भी हो सकते हैं। मंत्रालय को डिजिटल स्वास्थ्य सलाह के साथ-साथ 'किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें' की अनिवार्य सिफ़ारिश को और प्रमुखता देनी चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घुटना संचालन योग क्या है और यह किसके लिए फायदेमंद है?
घुटना संचालन एक आरंभिक योग क्रिया है जो घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मज़बूत बनाती है और रक्त संचार सुधारती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो घंटों बैठकर काम करते हैं या जिन्हें जोड़ों में जकड़न की शिकायत है।
घुटना संचालन योग कैसे करें — सही विधि क्या है?
शांत स्थान पर सीधे खड़े हों, पैरों में एक फुट की दूरी रखें। श्वास लेते हुए भुजाएं कंधे तक उठाएं, फिर श्वास छोड़ते हुए घुटने मोड़कर अर्ध-बैठी अवस्था में आएं। कुछ सेकंड रुककर श्वास लेते हुए वापस सीधे हों। यह एक चक्र है — शुरुआत में 2 बार करें।
घुटना संचालन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
गठिया (आर्थराइटिस) के गंभीर दर्द, सूजन या हाल ही में घुटने की सर्जरी कराने वाले लोगों को यह अभ्यास नहीं करना चाहिए। अभ्यास के दौरान तीव्र दर्द होने पर तुरंत रोक दें और चिकित्सक से परामर्श लें।
घुटना संचालन कितनी बार करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय के अनुसार शुरुआत में इसे 2 बार दोहराएं और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार 3 से 5 चक्र तक बढ़ाएं। अभ्यास के बाद कुछ देर विश्राम करना ज़रूरी है।
क्या घुटना संचालन योग आर्थराइटिस में मदद करता है?
हल्के जोड़ों के दर्द और जकड़न में यह अभ्यास सहायक हो सकता है, लेकिन गंभीर आर्थराइटिस में इसे करने से मना किया गया है। किसी भी पुरानी बीमारी की स्थिति में योग शुरू करने से पहले चिकित्सक या योग विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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